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Dunki Route ED Action, अवैध इमिग्रेशन रैकेट पर ED का सबसे बड़ा प्रहार, 5 करोड़ कैश, 6 किलो सोना जब्त

Dunki Route ED Action: अवैध सपनों की सौदेबाज़ी पर ED का करारा वार, करोड़ों की नकदी, सोना चांदी जब्त, मास्टरमाइंड बेनकाब

Dunki Route ED Action के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में छापेमारी कर करोड़ों की नकदी, सोना और चांदी जब्त की। डंकी रूट से अमेरिका भेजने वाले नेटवर्क का पूरा खुलासा।

जब कोई युवा बेहतर भविष्य की उम्मीद में विदेश जाने का सपना देखता है, तो वह भरोसा करता है, सिस्टम पर। लेकिन इसी भरोसे को तोड़कर कुछ लोग अवैध रास्तों से न सिर्फ ज़िंदगी से खेलते हैं, बल्कि करोड़ों की काली कमाई भी करते हैं। Dunki Route ED Action ने ऐसे ही एक संगठित अपराध की सच्चाई सामने ला दी है, जिसने पंजाब से लेकर दिल्ली तक फैले पूरे नेटवर्क को हिला दिया है।

Dunki Route ED Action, अवैध इमिग्रेशन रैकेट पर ED का सबसे बड़ा प्रहार, 5 करोड़ कैश, 6 किलो सोना जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जालंधर जोनल टीम ने 18 दिसंबर 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में एक साथ 13 ठिकानों पर छापेमारी की। इस Dunki Route ED Action के दौरान कुल करीब 19.13 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का पता चला, जिसमें 4.63 करोड़ रुपये नकद, 6 किलो सोना और 313 किलो चांदी शामिल है। यह कार्रवाई अवैध इमिग्रेशन के उस रैकेट के खिलाफ की गई, जो वर्षों से युवाओं को डंकी रूट के ज़रिये अमेरिका भेजने का झांसा दे रहा था।

ईडी अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली का एक ट्रैवल एजेंट इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सूत्रधार है। उसी के ठिकानों से सबसे अधिक नकदी, सोने की ईंटें और भारी मात्रा में चांदी बरामद हुई। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट रिकॉर्ड, डिजिटल डेटा और कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए, जो यह साबित करते हैं, कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला Illegal Immigration Racket है। यही वजह है कि Dunki Route ED Action को हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है।

जांच में सामने आया है, कि आरोपी अमेरिका भेजने के बदले उम्मीदवारों से 40 से 60 लाख रुपये तक वसूलते थे। कई पीड़ितों से पूरी रकम पहले ली जाती थी, जबकि कुछ मामलों में भुगतान की गारंटी के तौर पर उनके जमीन और मकान के दस्तावेज अपने पास रख लिए जाते थे। हरियाणा में जिन परिसरों पर छापेमारी हुई, वहां से ऐसे ही रजिस्टर और कागजात मिले हैं, जिनमें पीड़ितों के नाम, संपत्ति का ब्योरा और भुगतान की डिटेल दर्ज है। Dunki Route ED Action ने यह साफ कर दिया है,कि यह महज धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सुनियोजित मानव तस्करी का मामला है।

सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क का तरीका बेहद खतरनाक था। लोगों को पहले वैध वीज़ा के बहाने कुछ देशों तक भेजा जाता था, फिर वहां से अवैध रास्तों से मेक्सिको बॉर्डर के ज़रिये अमेरिका में एंट्री कराई जाती थी। रास्ते में कई लोगों को अमानवीय हालात, शोषण और जान के खतरे का सामना करना पड़ता था। कई मामलों में पीड़ितों के परिवारों को धमकाया भी गया। Dunki Route ED Action के दौरान मिले डिजिटल सबूतों से इस पूरे मोडस ऑपेरेंडी की पुष्टि हुई है।

ईडी ने स्पष्ट किया है,कि यह कार्रवाई अभी जारी जांच का हिस्सा है। अब एजेंसी का फोकस इस नेटवर्क से जुड़े मनी ट्रेल, बैंक खातों, हवाला लेन देन और विदेशी संपर्कों की जांच पर है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां, संपत्ति की कुर्की और नए खुलासे संभव हैं। अधिकारियों का कहना है कि Dunki Route ED Action का मकसद सिर्फ बरामदगी नहीं, बल्कि इस अवैध धंधे की जड़ पर प्रहार करना है।

यह मामला उन युवाओं के लिए भी चेतावनी है, जो आसान और गैरकानूनी रास्तों से विदेश जाने का सपना देखते हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का साफ संदेश है,कि डंकी रूट न तो सुरक्षित है, और न ही भविष्य देता है। Dunki Route ED Action ने यह साबित कर दिया है, कि देर सवेर ऐसे नेटवर्क कानून के शिकंजे में आते ही हैं।

Disclaimer: यह समाचार जांच एजेंसियों द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी और सूत्रों पर आधारित है। मामला जांचाधीन है। सभी आरोपी कानूनन दोष सिद्ध होने तक निर्दोष माने जाएंगे।

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