Gola molestation case गोला में छात्रा से छेड़छाड़ की कोशिश, मोबाइल वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप; 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार
Gola molestation case गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र में छात्रा से छेड़छाड़ की कोशिश का मामला सामने आया। राहगीर द्वारा बनाए गए वीडियो के वायरल होते ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
गोला में छात्रा से छेड़छाड़ की कोशिश, मोबाइल वीडियो बना सबूत
वायरल होते ही हरकत में आई पुलिस, आरोपी को 24 घंटे में दबोचा
गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र से छात्रा की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सड़क से कोचिंग जा रही छात्रा के साथ एक युवक ने छेड़छाड़ करने की कोशिश की। युवक ने अचानक छात्रा का हाथ पकड़कर उसे जबरन खींचने का प्रयास किया। छात्रा किसी तरह खुद को छुड़ाकर वहां से भागने में सफल रही।
घटना के वक्त वहां कोई सीसीटीवी कैमरा मौजूद नहीं था, लेकिन मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यही वीडियो बाद में इस Gola molestation case का सबसे बड़ा सबूत बना।
कब और कैसे हुई घटना
घटना 16 जनवरी 2026 की बताई जा रही है। दो छात्राएं रोज की तरह कोचिंग के लिए जा रही थीं। रास्ते में पीछे से आए युवक ने अचानक एक छात्रा का हाथ पकड़ लिया और उसे गली की ओर खींचने लगा। छात्रा घबरा गई, शोर मचाया और खुद को छुड़ाकर भागी।
घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोग तुरंत कुछ समझ नहीं पाए, लेकिन किसी राहगीर ने साहस दिखाते हुए मोबाइल से वीडियो बना लिया।
मोबाइल से बना वीडियो बना सबसे बड़ा सबूत
कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में युवक की हरकतें साफ नजर आ रही थीं। वीडियो के वायरल होते ही लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस तक मामला पहुंचा।
इस Gola molestation case में न तो पहले से कोई शिकायत थी और न ही कोई सीसीटीवी फुटेज, लेकिन वायरल वीडियो ने पूरी कहानी बयां कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
वीडियो सामने आते ही गोला थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया।
पुलिस ने:
वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की
स्थानीय लोगों से पूछताछ की
वीडियो में दिख रहे युवक की पहचान कराई
इन प्रयासों के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी कौन है
गिरफ्तार युवक की पहचान शुभम (उम्र लगभग 18 वर्ष) के रूप में हुई है। वह गोला थाना क्षेत्र के उनौली गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी भी मांगी। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
यह Gola molestation case पुलिस के लिए भी एक अहम उदाहरण बना।
कानूनी स्थिति
फिलहाल पीड़िता या उसके परिजनों की ओर से लिखित तहरीर दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन कानून के तहत पुलिस को वीडियो के आधार पर कार्रवाई करने का अधिकार है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है,कि:
वीडियो इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में मान्य होता है
महिला से छेड़छाड़ का प्रयास संज्ञेय अपराध है,
इसी आधार पर Gola molestation case में आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई।
पुलिस का साफ संदेश
पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि:
“अगर किसी को लगता है, कि सुनसान जगह या कैमरे न होने का फायदा उठाकर अपराध किया जा सकता है, तो वह गलत है। एक मोबाइल वीडियो भी अपराधी को जेल पहुंचाने के लिए काफी है।”
घटना के बाद इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
समाज के लिए सबक
यह मामला दिखाता है,कि हर जगह कैमरा होना जरूरी नहीं, सही वक्त पर उठाया गया एक कदम और मोबाइल कैमरा भी न्याय दिला सकता है।
Gola molestation case समाज के लिए चेतावनी है,कि ऐसी हरकतों को नजरअंदाज न करें।
यह समाचार सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर आधारित है। किसी भी आरोपी को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार न्यायालय को है। पीड़िता की पहचान गोपनीयता के तहत उजागर नहीं की गई है।
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