गोरखपुर में दो करोड़ की ठगी मकान दिलाने के नाम पर व्यापारी को धमकाया, बन्दूक दिखाकर कहा “पैसे भूल जाओ”
गोरखपुर में व्यापारी से दो करोड़ की ठगी और बंदूक की नोक पर धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया। जानिए Gorakhpur Fraud Case की पूरी कहानी, जांच और पुलिस कार्रवाई।
परिचय व्यापारी के साथ हुई हाई-प्रोफाइल ठगी ने हिलाया गोरखपुर
गोरखपुर में सामने आया Gorakhpur Fraud Case हर उस व्यक्ति के लिए चेतावनी है, जो प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री जैसे बड़े लेनदेन में भरोसा कर लेता है। लखनऊ के व्यापारी हिरण्यगर्भ द्विवेदी के साथ दो करोड़ रुपये की ठगी ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। व्यापारी का आरोप है,कि आरोपियों ने उन्हें मकान दिलाने के नाम पर भरोसा दिलाया, लाखों रुपये ले लिए और बाद में सच सामने आने पर गोरखपुर में बुलाकर बंदूक तानकर धमकाया भी। यह Gorakhpur Fraud Case न सिर्फ एक धोखाधड़ी है, बल्कि अपराधियों की मनमानी और हिम्मत का खतरनाक स्तर भी दिखाता है।
कैसे शुरू हुआ Gorakhpur Fraud Case दो करोड़ रुपये की डील में छुपी साजिश
व्यापारी हिरण्यगर्भ द्विवेदी ने वर्ष 2020 में अपने बिजनेस विस्तार के लिए नया ऑफिस खरीदने की योजना बनाई। इसी दौरान उनकी मुलाकात दिल्ली के बसंतकुंज निवासी भरत भारद्वाज से हुई, जिसने लखनऊ के विनीत खंड का एक दो मंजिला मकान दिखाया और दो करोड़ में बेचने का दावा किया। कारोबार के विस्तार की जरूरत और दस्तावेजों पर भरोसा होने के कारण व्यापारी ने कई किश्तों में पूरी रकम दे दी।
RTGS, नकद और कंपनी पेमेंट मिलाकर कुल दो करोड़ का भुगतान करने के बावजूद जब बैनामा नहीं हुआ, तो व्यापारी को शक होने लगा। जांच करने पर पता चला कि Gorakhpur Fraud Case में जिस मकान की डील की गई थी, वह असल में किसी और के नाम है। यही वह पल था जब व्यापारी को समझ आया कि यह एक सोची समझी ठगी थी।
गोरखपुर बुलाकर बंदूक की नोक पर धमकाया बढ़ता खतरा
17 सितंबर को आरोपियों ने व्यापारी को गोरखपुर के कैंट क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास मधु टूरिज्म ऑफिस में बुलाया। यहीं से Gorakhpur Fraud Case का सबसे डरावना हिस्सा शुरू हुआ। व्यापारी ने बताया कि भरत भारद्वाज, उसके पिता संतोष शर्मा और 3–4 अज्ञात लोगों ने उनकी कनपटी पर बंदूक रखकर धमकाया। उन्होंने साफ़ कहा कि “रुपये भूल जाओ, कोई बैनामा नहीं होगा।” यह घटना न सिर्फ आर्थिक अपराध है, बल्कि जान से मारने की धमकी के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। डर के माहौल में व्यापारी किसी तरह वहां से निकले और कैंट थाने में शिकायत की।
पुलिस कार्रवाई Gorakhpur Fraud Case में दर्ज हुई FIR, आरोपी फरार
कैंट पुलिस ने व्यापारी की तहरीर पर संतोष शर्मा, भरत भारद्वाज और तीन चार अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है, और Gorakhpur Fraud Case में शामिल सभी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों का दावा है,कि आरोपी जल्द ही गिरफ्त में होंगे।
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सीओ कैंट योगेंद्र सिंह का बयान:
“ठगी, जालसाजी, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू हो गई है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार होंगे।”
क्या सीख देता है यह Gorakhpur Fraud Case आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
Gorakhpur Fraud Case जैसा मामला यह दर्शाता है,कि प्रॉपर्टी या बड़े लेनदेन में बिना पूरी जांच के किसी भी व्यक्ति पर भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
सावधानियों में शामिल हों:
किसी भी प्रॉपर्टी के दस्तावेज स्वयं सरकारी पोर्टल से वेरिफाई करें। बड़ी धनराशि देने से पहले कानूनी सलाह जरूर लें।
किसी भी दबाव, धमकी या संदिग्ध व्यवहार की तुरंत पुलिस में शिकायत करें। प्रॉपर्टी डील में Cash Payment से बचें।
यह Gorakhpur Fraud Case ये संकेत देता है,कि अपराधी बड़े शहरों के लोगों को भी टारगेट कर रहे हैं। इसलिए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
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