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Lucknow Primary School Book Scam लखनऊ प्राइमरी स्कूल किताब कांड: बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेचने पर प्रधानाध्यापक निलंबित

Lucknow Primary School Book ज्ञान की जगह कबाड़ में तौला गया बच्चों का भविष्य! प्राइमरी स्कूल की किताबें बेचने पर बड़ी कार्रवाई, प्रधानाध्यापक सस्पेंड

Lucknow Primary School Book Scam लखनऊ के नेवाजखेड़ा प्राइमरी स्कूल में सरकारी किताबें कबाड़ी को बेचने का खुलासा, वायरल वीडियो के बाद बीएसए की सख्त कार्रवाई

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया यह मामला सिर्फ एक स्कूल की लापरवाही नहीं, बल्कि सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर एक करारा तमाचा है। जिन किताबों के सहारे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चे पढ़ना लिखना सीखते हैं, वही किताबें जब कबाड़ी के ठेले पर बिकती नजर आएं, तो सवाल केवल सिस्टम से नहीं नियत से भी उठते हैं।

Lucknow Primary School Book Scam लखनऊ प्राइमरी स्कूल किताब कांड: बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेचने पर प्रधानाध्यापक निलंबित

नगराम क्षेत्र के नेवाजखेड़ा स्थित प्राइमरी विद्यालय में बच्चों को वितरित की जाने वाली सरकारी किताबें और कार्य पुस्तिकाएं कबाड़ी को बेचने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने Lucknow Primary School Book Scam को जन्म दिया, जिसने शिक्षा विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया।

 11 रुपये किलो में बिक गई पढ़ाई

जांच में सामने आया कि कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की करीब दो क्विंटल (200 किलो) किताबें और वर्कबुक 11 रुपये प्रति किलो के भाव पर कबाड़ी को बेच दी गईं।

यह सौदा किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि खुद स्कूल के प्रधानाध्यापक रवीन्द्र गुप्ता ने किया और यही तथ्य Lucknow Primary School Book Scam को और गंभीर बना देता है।

 वायरल वीडियो ने खोली पूरी साजिश

मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें ठेले पर लदी किताबें स्कूल परिसर से बाहर ले जाई जा रही थीं। वीडियो बच्चों द्वारा बनाया गया था, जिसने पूरे मामले की पोल खोल दी।

वीडियो सामने आते ही बेसिक शिक्षा विभाग हरकत में आया और आनन फानन में जांच के आदेश दिए गए।

 छुट्टी का फायदा उठाकर रची गई योजना

बुधवार को शीतकालीन अवकाश के कारण स्कूल बंद था। इसी का फायदा उठाकर किताबें बेची गईं, ताकि किसी को शक न हो।

Lucknow Primary School Book Scam खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सुशील कनौजिया जब जांच के लिए पहुंचे तो रसोइया के बेटे से चाभी मंगवाकर स्कूल खुलवाया गया। अंदर का दृश्य देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

 कबाड़ी का बयान बना निर्णायक सबूत

Lucknow Primary School Book Scam लखनऊ प्राइमरी स्कूल किताब कांड: बच्चों की किताबें कबाड़ी को बेचने पर प्रधानाध्यापक निलंबित

Lucknow Primary School Book Scam करोरा बाजार के कबाड़ी मोनू ने जांच के दौरान साफ स्वीकार किया कि उसे किताबें खरीदने के लिए प्रधानाध्यापक ने खुद बुलाया था।

ठेला और तौल कांटा लेकर वह स्कूल पहुंचा और बंद स्कूल में किताबों का वजन कर सौदा तय किया गया। यही बयान Lucknow Primary School Book Scam में सबसे मजबूत कड़ी साबित हुआ।

 बीएसए का कड़ा एक्शन

जांच रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) विपिन कुमार ने प्रधानाध्यापक रवीन्द्र गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

बीएसए ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा से जुड़े संसाधनों में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

साथ ही स्कूल के अन्य शिक्षक और शिक्षामित्र को कड़ी चेतावनी दी गई है।

 सिर्फ एक स्कूल नहीं, पूरे सिस्टम पर सवाल

Lucknow Primary School Book Scam केवल एक प्रधानाध्यापक की गलती भर नहीं है। यह घटना बताती है, कि कैसे निगरानी के अभाव में बच्चों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

जिन किताबों से बच्चों का भविष्य बनना था, वही किताबें रद्दी में बेच दी जाएं तो यह शिक्षा नहीं, व्यवस्था की हार है।

 आगे और खुलासों की आशंका

सूत्रों की मानें तो विभाग अब यह भी जांच कर सकता है,कि इससे पहले स्कूल में कितनी बार किताबों या शैक्षणिक सामग्री में गड़बड़ी हुई।

Lucknow Primary School Book Scam आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे कर सकता है।

डिस्क्लेमर यह समाचार विभागीय जांच, अधिकारियों के बयानों और सार्वजनिक रूप से वायरल वीडियो पर आधारित है। लेख का उद्देश्य जनहित में तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करना है। किसी भी व्यक्ति को दोषी ठहराना न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

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