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Moradabad Woman Harassment”मुरादाबाद की सड़कों पर दरिंदगी का तांडव: दिनदहाड़े बुर्का पहनकर लौट रही महिला से छेड़खानी, समाज की आंखें बनी रहीं गूंगी

“Moradabad Woman Harassment”मुरादाबाद की सड़कों पर दरिंदगी का तांडव: दिनदहाड़े बुर्का पहनकर लौट रही महिला से छेड़खानी, समाज की आंखें बनी रहीं गूंगी

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश।

“Moradabad Woman Harassment”उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार चाहे जितने दावे कर ले, लेकिन जमीनी हकीकत बार-बार इन वादों को झूठा साबित कर देती है। मुरादाबाद के नागफनी थाना क्षेत्र में जो हुआ, वो न सिर्फ मानवता को शर्मसार करने वाला है, बल्कि समाज की चुप्पी को भी कठघरे में खड़ा करता है। दिन के उजाले में, दर्जनों आंखों के सामने, एक बुर्का पहनी महिला की इज़्ज़त को तार-तार कर दिया गया — और लोग सिर्फ तमाशबीन बने रहे।

“Moradabad Woman Harassment”  घटना का पूरा विवरण:

 

घटना मंगलवार दोपहर की बताई जा रही है। गर्मी से बेहाल शहर में रोज़मर्रा की हलचल चल रही थी। बाजार से सामान लेकर लौट रही एक बुर्का पहनी महिला जब एक संकरी गली से होकर अपने घर की तरफ़ बढ़ रही थी, तभी पीछे से एक युवक उसके नजदीक आया और बिना किसी डर या झिझक के उसे ज़ोर से दबोच लिया।

महिला ने विरोध किया, खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसके ब्रेस्ट को दबाकर, अश्लील हरकतें करते हुए उसे शारीरिक रूप से अपमानित कर डाला। यह सब कुछ कुछ ही पलों में हुआ, लेकिन पीड़िता की अस्मिता पर एक उम्र भर  का बोझ छोड़ गया।

  “Moradabad Woman Harassment”आरोपी के चेहरे पर नहीं था खौफ़

Moradabad Woman Harassment
सोर्स बाय गूगल

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इस शर्मनाक हरकत के बाद आरोपी युवक महिला को धक्का देकर मौके से फरार हो गया। आसपास खड़े लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ ने देखा, कुछ ने मुंह फेर लिया — लेकिन किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई कि उस अकेली और अबला महिला की मदद कर सके।

यह वह सामाजिक मृतता है जो किसी अपराध से कम नहीं। आरोपी को न पुलिस का डर था, न समाज की लानत का। उसे मालूम था — न पकड़ने वाला कोई है, न बोलने वाला।

 बुर्का, शालीनता, मर्यादा सब कुछ व्यर्थ

“Moradabad Woman Harassment”  इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया कि महिला के कपड़े, उसका पहनावा या चाल-चलन उसे सुरक्षा नहीं दे सकते। जिस महिला के साथ यह घटना हुई, उसने पूरे शरीर को ढक रखा था, यहां तक कि चेहरा भी। लेकिन अपराधियों के लिए यह सब बेअसर है। उनके लिए सिर्फ एक शरीर होता है, जिसे वे अपनी वासना का शिकार समझते हैं।

 पीड़िता की आपबीती

थाने पहुंची महिला की आंखों में आंसू थे और आवाज में कंपकंपी। उसने पुलिस को बताया:

मैंने कई बार विरोध किया, मैंने धक्का दिया, मैंने चिल्लाया… लेकिन वो लड़का हंस रहा था। उसे डर नहीं था, मानो यह कोई खेल हो। आसपास लोग थे, लेकिन किसी ने मदद नहीं की।”

उसका यह बयान हमारे समाज की सामूहिक संवेदनहीनता का आईना है।

पुलिस की शुरुआती कार्रवाई

नागफनी थाने में आरोपी युवक के खिलाफ IPC की धारा 354, 354A और 509 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपी की पहचान की कोशिश चल रही हैं।

थाना प्रभारी, नागफनी:

हमने पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया है। अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।”

लेकिन सवाल ये है कि क्या केवल FIR दर्ज कर लेना इस मामले की गंभीरता को कम कर सकता है?

 सोशल मीडिया पर आक्रोश

घटना की खबर वायरल होते ही सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कई यूज़र्स ने प्रशासन को घेरा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की नाकामी पर सवाल उठाए।

एक यूजर ने लिखा:

“अगर दिन के उजाले में बुर्के में महिला सुरक्षित नहीं, तो योगी राज में कौन सुरक्षित है?”

दूसरे ने लिखा:

“ये सिर्फ छेड़खानी नहीं, ये पूरे सिस्टम पर हमला है — पुलिस, समाज और सत्ता सब इसमें बराबर के दोषी हैं।”

 Moradabad Woman Harassmentसमाज की खामोशी बनी सह-आरोपी

इस घटना में आरोपी अकेला दोषी नहीं है। वह हर व्यक्ति भी दोषी है जो यह सब देखता रहा लेकिन कुछ नहीं बोला। डर, चुप्पी और उपेक्षा ने आरोपी को और भी निर्भीक बना दिया।

समाज में जब तक ‘किसी और की बहन-बेटी’ सोचकर आंखें मूंद ली जाती हैं, तब तक यह अपराध रुकने वाले नहीं हैं।

  Moradabad Woman Harassment कानून और व्यवस्था की नाकामी

उत्तर प्रदेश सरकार महिला सुरक्षा के नाम पर तमाम योजनाओं और अभियान चला रही है ,महिला हेल्पलाइन, एंटी रोमियो स्क्वॉड, नारी सुरक्षा वाहन  लेकिन असलियत सड़कों पर बिखरी पड़ी है। मुरादाबाद की यह घटना दिखाती है कि महिलाओं को न गली में भरोसा है, न चौकी में। FIR दर्ज करने में भी पुलिस समय लेती है, और कार्रवाई सिर्फ बयान तक सीमित रहती है।

    Moradabad Woman Harassment क्या हैं कानूनी प्रावधान?

IPC 354 (छेड़खानी): 2 साल से 5 साल तक की सज़ा

IPC 509 (महिला की गरिमा को ठेस): 1 साल जेल या जुर्माना

IPC 354A (यौन उत्पीड़न): 3 साल तक सज़ा और जुर्माना

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, लेकिन इनका असर तभी होगा जब केस को संवेदनशीलता से और तेज़ी से निपटाया जाए।

Moradabad Woman Harassment  मुरादाबाद की यह घटना कोई पहली नहीं है, लेकिन हर बार की तरह यह एक नई टीस छोड़ गई है। जब दिन के उजाले में बुर्का पहनकर लौट रही महिला भी सुरक्षित नहीं है, तब यह सवाल सभी के मन में उठना चाहिए — क्या वाकई हम एक सभ्य समाज में जी रहे हैं?

समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी  चुप्पी और तमाशबीन बनकर रहना अपराधियों को बढ़ावा देना है।

जब तक हर गली, हर मोहल्ले में महिला बिना डर के चल न सके — तब तक कोई भी सत्ता, कोई भी कानून अपने आप में नाकाम है।

मऊ संवाददाता अबू अमीर

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