Prathmik Shikshak Sangh गोरखपुर में प्राथमिक शिक्षक संघ की सख्त अपील: ऑनलाइन अवकाश और अटेंडेंस सर्वर सुधार की मांग
Prathmik Shikshak Sangh गोरखपुर (23 अगस्त) – उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संघ गोरखपुर मंडल ने शिक्षा व्यवस्था में ऑनलाइन मॉड्यूल से जुड़ी समस्याओं को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष गंभीर चेतावनी दी है। शिक्षक संघ के मांडलिक संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र ओझा ने प्रभारी सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), सप्तम मंडल गोरखपुर को ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों के अधिकार और सुविधाओं में सुधार की मांग की है।
ऑनलाइन अवकाश लेने में तकनीकी बाधा: शिक्षक दबाव में
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ज्ञापन में शिक्षक संघ ने दो प्रमुख समस्याओं पर जोर दिया:
लीव मॉड्यूल का समय सीमा मुद्दा: शिक्षक अक्सर सुबह 8 बजे तक ऑनलाइन अवकाश लेने में असमर्थ रहते हैं। इससे आकस्मिक छुट्टी लेने में समस्या आती है, और शिक्षक मानसिक रूप से दबाव में रहते हैं।
वेतन अटेंडेंस लॉकिंग का तकनीकी दोष: प्रत्येक महीने के 21, 22 और 23 तारीख को अटेंडेंस लॉक करने के दौरान सर्वर खराब रहता है। इसका परिणाम वेतन भुगतान में विलंब और आर्थिक कठिनाइयों के रूप में सामने आता है।
Prathmik Shikshak Sangh मांडलिक मंत्री ज्ञानेंद्र ओझा ने कहा कि यू-डायस (UDIS) पोर्टल में छात्र और शिक्षक मॉड्यूल उपलब्ध है, लेकिन सर्वर बार-बार बंद होने के कारण कार्य सही ढंग से पूरा नहीं हो पा रहा। उन्होंने उच्च अधिकारियों से सर्वर क्षमता बढ़ाने और नियमित अपडेट करने की मांग की।
शिक्षक संघ की मांगें: सुविधा के साथ सम्मान
शिक्षक संघ केवल तकनीकी सुधार की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि यह शिक्षक समुदाय के मानसिक स्वास्थ्य, सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा करता है।
1. सुबह 8 बजे तक लीव मॉड्यूल खुले।
2. 21, 22, 23 तारीख को अटेंडेंस लॉकिंग के लिए सर्वर पूरी क्षमता के साथ काम करे।
3. पोर्टल और मॉड्यूल को नियमित तकनीकी सहायता और अपडेट मिले।
Prathmik Shikshak Sangh
ज्ञापन में कौन-कौन मौजूद थे?
ज्ञापन देने के दौरान शिक्षक संघ के कई पदाधिकारी भी मौजूद थे। इनमें प्रमुख थे:
कैम्पीयरगंज ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. आशुतोष मिश्र
ब्रम्हपुर ब्लॉक संघर्ष समिति के पंकज सिंह, रितेश सिंह, अमरेंद्र शाही, आनंद यादव, विकास श्रीवास्तव
इस आयोजन ने साफ संदेश दिया कि शिक्षक अपने अधिकारों और कार्य सुचारू करने के लिए संगठित हैं।
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तकनीकी सुधार क्यों अनिवार्य है?
ऑनलाइन पोर्टल और अटेंडेंस मॉड्यूल शिक्षा प्रशासन की रीढ़ हैं। यदि सर्वर बार-बार बंद रहता है:
शिक्षक आकस्मिक छुट्टी नहीं ले पाते।
वेतन समय पर नहीं मिलता।
स्कूलों में प्रशासनिक कार्य प्रभावित होता है।
शिक्षक मानसिक और आर्थिक रूप से दबाव में रहते हैं।
इसलिए सर्वर और पोर्टल सुधारना तत्काल आवश्यकता है।
शिक्षक समुदाय की आवाज़: समय की मांग
ज्ञानेंद्र ओझा ने कहा:
“शिक्षक समाज का आधार है। अगर शिक्षक अपने अधिकारों और वेतन की सुरक्षा नहीं पा सकते, तो शिक्षा व्यवस्था भी कमजोर होगी।”
शिक्षक संघ ने उच्च अधिकारियों से सशक्त, सक्षम और सम्मानजनक कार्य वातावरण की मांग की है।
शिक्षक अधिकारों की रक्षा ही प्राथमिकता
Prathmik Shikshak Sangh गोरखपुर में प्राथमिक शिक्षक संघ की पहल केवल तकनीकी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि शिक्षक सम्मान और अधिकारों की सुरक्षा का संदेश देती है। उच्च अधिकारियों की जिम्मेदारी है,कि वे सर्वर और पोर्टल सुधारें, ताकि शिक्षक अपने कार्यों को बाधा रहित और सम्मानजनक ढंग से कर सकें।
शिक्षक संघ की यह आवाज़ शिक्षा प्रशासन और राज्य सरकार के लिए एक चेतावनी है कि शिक्षक अधिकारों और सुविधाओं की अनदेखी किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।
गोरखपुर शिक्षक संघ द्वारा उठाई गई यह पहल न केवल तकनीकी समस्याओं को उजागर करती है, बल्कि यह पूरे शिक्षक समुदाय की आवाज़ है। जब शिक्षकों को समय पर अवकाश लेने की सुविधा नहीं मिलती और वेतन भुगतान में देरी होती है, तो इसका सीधा असर उनकी कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है, कि सरकार और शिक्षा प्रशासन इन तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करे। सर्वर अपग्रेड और पोर्टल सुधार से न केवल शिक्षकों को राहत मिलेगी बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। शिक्षक अधिकारों की रक्षा ही असली प्रगति का रास्ता है।