गोरखपुर में स्काउट गाइड ट्रेनिंग (scout guide training): शिक्षकों को मिली नई दिशा, बच्चों का भविष्य होगा रोशन
scout guide training गोरखपुर (2 अगस्त): में शिक्षा जगत के लिए यह दिन खास रहा। भारत स्काउट और गाइड, उत्तर प्रदेश गोरखपुर के जिला मुख्यायुक्त एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित रामजन्म सिंह के मार्गदर्शन और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रमेन्द्र कुमार सिंह के निर्देश पर, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के गुरु गोरक्षनाथ हाल में एक दिवसीय scout guide training का सफल आयोजन हुआ है।
scout guide training इस ट्रेनिंग में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए 60 से अधिक उत्साही शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा के माल्यार्पण और स्काउट ध्वजारोहण से हुई, जिसने वातावरण को प्रेरणादायक बना दिया।
क्यों खास रही यह scout guide training?
बच्चों में देशभक्ति और सेवाभाव जगाने का मिशन
उद्घाटन भाषण में DIET प्राचार्य अभिषेक पांडे ने कुछ इस तरह कहा –
“स्काउट गाइड का प्रशिक्षण बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें अच्छा नागरिक और जिम्मेदार इंसान बनने की दिशा में ले जाता है। हर शिक्षक को चाहिए कि वह बच्चों को शिक्षा के साथ स्काउट गाइड की ट्रेनिंग भी दे।”
भविष्य के लीडर्स तैयार करने की पहल
सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त मोहित कुमार ने प्रतिभागियों को स्काउट गाइड के इतिहास, बेसिक से एडवांस कोर्स, हिमालय उड़ बैज, प्री-ए.यल.टी और यल.टी. कोर्स की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ट्रेनिंग बच्चों के भीतर नेतृत्व, अनुशासन और आत्मविश्वास को नई ऊंचाइयों तक ले जाती है।
scout guide trainingकोर्स से क्या सीख मिली?
बेसिक ट्रेनिंग से लेकर राज्य पुरस्कार तक की पूरी जानकारी
नेतृत्व, टीम वर्क और अनुशासन की व्यावहारिक गतिविधियाँ
स्काउटिंग के चरण – प्रवेश, प्रथम, द्वितीय, तृतीय सोपान का विस्तार से परिचय
बच्चों को जिला स्तर पर रैली और अन्य प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने की रणनीतियाँ
जिला गाइड कैप्टन प्रतिमा शुक्ला ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विभिन्न चरणबद्ध ट्रेनिंग की जानकारी दी। वहीं, जिला स्काउट मास्टर जयप्रकाश मद्धेशिया ने बताया कि हर विद्यालय में स्काउट गतिविधियों को बढ़ावा देकर जिला रैली में अधिकतम बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
प्रेरणादायक माहौल, लेकिन चुनौतियां भी रहीं
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प्रशिक्षण ने शिक्षकों को नई सोच और उत्साह से भर दिया।
स्काउट गाइड की मूल भावनाओं – सेवाभाव, अनुशासन और देशभक्ति को पुनर्जीवित किया।
शिक्षकों ने माना कि यह ट्रेनिंग उनके लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तर पर प्रेरक रही।
scout guide training चुनौतियाँ
प्रतिभागियों ने माना कि एक दिन का समय सभी विषयों को गहराई से समझने के लिए कम था।
कुछ ब्लॉकों से आए शिक्षकों ने संसाधनों की कमी (प्रोजेक्टर, माइक आदि) की ओर भी ध्यान दिलाया।
scout guide training कार्यक्रम के प्रमुख क्षण
वक्ता/अधिकारी मुख्य संदेश
अभिषेक पांडे (प्राचार्य, DIET) बच्चों को स्काउटिंग से जोड़ें, उन्हें बेहतर नागरिक बनाएं
मोहित कुमार (सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त) स्काउट गाइड का इतिहास और कोर्स की रूपरेखा समझाई
अजय कुमार सिंह (जिला प्रशिक्षण आयुक्त) बच्चों के भविष्य निर्माण में स्काउट ट्रेनिंग की भूमिका बताई
प्रतिमा शुक्ला (जिला गाइड कैप्टन) विभिन्न प्रशिक्षण चरणों और राज्य पुरस्कार की प्रक्रिया बताई
भविष्य की योजना – बड़ा अभियान शुरू होगा
जिला आयुक्त एडल्ट रिसोर्स स्काउट ज्ञानेंद्र ओझा ने घोषणा की –
“अब हर बेसिक विद्यालय में scout guide training को अनिवार्य बनाने की दिशा में काम होगा। सभी शिक्षकों को बिगिनर्स कोर्स कराने और बच्चों को नियमित प्रशिक्षण देने का अभियान चलाया जाएगा।”
यह योजना बच्चों में स्काउटिंग को बढ़ावा देने और शिक्षकों को रोल मॉडल बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
गोरखपुर में संपन्न हुआ यह एक दिवसीय scout guide training महज़ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए नई सोच, नेतृत्व और सेवा भाव का मजबूत आधार साबित हुआ।
इस कोर्स ने प्रतिभागियों के भीतर जिम्मेदारी की भावना और सकारात्मक ऊर्जा को नई दिशा दी, जिससे वे अपने विद्यार्थियों को सिर्फ पढ़ाने तक सीमित न रहकर, उन्हें सशक्त नागरिक बनाने की प्रेरणा भी देंगे।
यदि इस तरह की पहल नियमित रूप से होती रही, तो आने वाले समय में गोरखपुर ही नहीं, पूरे उत्तर प्रदेश में ऐसे युवा विकसित होंगे जो सेवाभाव, अनुशासन और नेतृत्व गुणों से समाज व राष्ट्र के निर्माण में अहम योगदान देंगे।
scout guide trainingअक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1️⃣ scout guide training का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बच्चों को सेवाभाव, अनुशासन और नेतृत्व की शिक्षा देकर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना।
2️⃣ यह कोर्स कितने दिनों का था?
यह एक दिवसीय Beginners Course था, जिसमें शिक्षकों को बेसिक से एडवांस ट्रेनिंग की जानकारी दी गई।
3️⃣ कोर्स में कितने शिक्षक शामिल हुए?
लगभग 60 से अधिक शिक्षक और प्रशिक्षक विभिन्न ब्लॉकों से आए।
4️⃣ scout guide trainingभविष्य में क्या योजनाएं हैं?
हर बेसिक विद्यालय में scout guide training अभियान चलाया जाएगा और बच्चों को स्काउटिंग से जोड़ा जाएगा।
5️⃣ कार्यक्रम की शुरुआत कैसे हुई?
सरस्वती प्रतिमा के माल्यार्पण और स्काउट ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।