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“SIP vs NPS: रिटायरमेंट का राज़ – कौन बनेगा आपका फाइनेंशियल सुपरहीरो?”

SIP v/s NPS रिटायरमेंट का राज़ – कौन बनेगा आपका फाइनेंशियल सुपरहीरो?”

नई दिल्ली: SIP vs NPSआज के दौर में लोग रिटायरमेंट प्लानिंग को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं। कोई म्यूचुअल फंड SIP (Systematic Investment Plan) के जरिए निवेश करता है, तो कोई NPS (National Pension System) को बेहतर मानता है। लेकिन सवाल यह है कि लॉन्ग टर्म में ज्यादा रिटर्न कौन देगा? कौन-सा विकल्प ज्यादा सुविधाजनक और फायदेमंद है? आइए, SIP और NPS की खासियतों को आसान भाषा में समझते हैं, ताकि आप सही फैसला ले सकें।

SIP v/s NPSरिटर्न: SIP दे सकता है ज्यादा फायदा

टैक्स बचत: NPS का है दम

लिक्विडिटी: SIP देता है ज्यादा आजादी

सुरक्षा: NPS है ज्यादा सिक्योर

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कौन किसके लिए बेस्ट?

SIP और NPS दोनों का कॉम्बिनेशन है स्मार्ट चॉइस

रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए दोनों विकल्पों का संतुलित इस्तेमाल सबसे बेहतर हो सकता है। NPS को रिटायरमेंट का बेस बनाएं, जो टैक्स बचत और सुरक्षित रिटर्न देगा। साथ ही, SIP के जरिए ज्यादा रिटर्न और लिक्विडिटी के साथ अपने अन्य वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करें।

क्या करें?

अपने फाइनेंशियल गोल, रिस्क लेने की क्षमता और टैक्स बचत की जरूरतों के आधार पर फैसला लें। अगर कन्फ्यूजन हो, तो किसी सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लें। अभी से सही निवेश शुरू करें और अपने रिटायरमेंट को फाइनेंशियली सिक्योर बनाएं।

नोट: निवेश से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें। बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण रिटर्न की गारंटी नहीं होती।

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