Bihar Kathavachak Case आस्था की ओट में अपराध का आरोप, कथावाचक श्रवण दास पर नाबालिग से रेप और गर्भपात का मामला दर्ज
Bihar Kathavachak Case में दरभंगा के कथावाचक श्रवण दास और गुरु मौनी बाबा पर पॉक्सो एक्ट के तहत FIR। नाबालिग से रेप, दो बार जबरन गर्भपात, वायरल वीडियो के बाद पुलिस जांच तेज।
कभी जिन मंचों से धर्म, मर्यादा और संस्कार की बातें कही जाती थीं, अब वहीं से जुड़ा एक नाम गंभीर आपराधिक आरोपों के कारण पूरे बिहार में चर्चा का विषय बन गया है। Bihar Kathavachak Case ने समाज को झकझोर दिया है। दरभंगा के चर्चित कथावाचक श्रवण दास पर नाबालिग लड़की से दुष्कर्म शादी का झांसा देकर करीब एक साल तक शारीरिक शोषण और दो बार जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में उनके गुरु राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है।
दरभंगा के महिला थाने में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, कथावाचक श्रवण दास पीड़िता के घर में ही किराए का कमरा लेकर रहता था। आरोप है, कि घर के सदस्यों की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसने नाबालिग लड़की को बहला फुसलाया। शादी का भरोसा दिलाया और इस भरोसे की आड़ में लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। Bihar Kathavachak Case में यह भी सामने आया है,कि इस दौरान पीड़िता गर्भवती हुई, जिसके बाद उसे दो बार जबरन दवाएं खिलाकर गर्भपात कराया गया।
मामले की जानकारी सामने आने के बाद पीड़िता की मां ने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में साफ तौर पर कहा गया है, कि आरोपी की धार्मिक पहचान और कथावाचक होने की वजह से परिवार ने उस पर भरोसा किया था। यही भरोसा उनके लिए सबसे बड़ी भूल साबित हुआ। Bihar Kathavachak Case में यह पहलू बेहद अहम है,कि कैसे सामाजिक और धार्मिक छवि का इस्तेमाल कर एक नाबालिग को शिकार बनाया गया।
इस मामले में दरभंगा के डीएसपी सदर राजीव कुमार ने बताया कि कथावाचक श्रवण दास और मौनी बाबा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कांड संख्या 182/25 दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कहा है,कि यह बेहद गंभीर मामला है, और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम से जांच कराई जा रही है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, और उसका बयान कोर्ट में दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। Bihar Kathavachak Case में मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट को अहम सबूत माना जा रहा है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में कथावाचक श्रवण दास और नाबालिग लड़की की बंद कमरे में शादी दिखाई दे रही है। आरोप है,कि 29 नवंबर 2024 को मौनी बाबा ने अपने भतीजे श्रवण दास की यह शादी करवाई। पीड़िता की मां का कहना है, कि जब उन्होंने इस पूरी घटना की जानकारी मौनी बाबा को दी, तो उन्होंने लड़की के बालिग होने पर शादी कराने का आश्वासन दिया और परिवार पर केस दर्ज न करने का दबाव भी बनाया। Bihar Kathavachak Case में यह कथित दबाव और समझौते की कोशिश जांच का बड़ा बिंदु बन गई है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पॉक्सो एक्ट के तहत बेहद गंभीर श्रेणी में आएगा। नाबालिग से दुष्कर्म और जबरन गर्भपात दोनों ही गैर जमानती अपराध हैं। इसके साथ ही अपराध को छिपाने के लिए शादी का नाटक करना कानून की नजर में अतिरिक्त अपराध माना जा सकता है। Bihar Kathavachak Case में गुरु और शिष्य दोनों की भूमिका की अलग अलग जांच की जा रही है।
पुलिस प्रशासन का कहना है, कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जा रही है,और उसकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। महिला थाना, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मिलकर इस केस की निगरानी कर रहे हैं। Bihar Kathavachak Case अब केवल एक स्थानीय मामला नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में यह सवाल उठ रहा है,कि आस्था की आड़ में अपराध करने वालों पर कैसे सख्त कार्रवाई हो।
यह मामला समाज को यह भी सोचने पर मजबूर करता है,कि धार्मिक या सामाजिक पहचान किसी को कानून से ऊपर नहीं बनाती। जब पीड़ित नाबालिग हो, तो प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और कोर्ट की प्रक्रिया यह तय करेगी कि इस केस में आगे क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल इतना तय है, कि Bihar Kathavachak Case ने भरोसे, आस्था और न्याय के रिश्ते पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
Disclaimer यह लेख पुलिस एफआईआर, पीड़िता के परिजनों के आरोप और प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर निर्भर करेगा।
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