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BJP MP cow urine controversy नमाज़ के बाद ‘गौमूत्र से शुद्धिकरण’  BJP सांसद की हरकत ने खोला मनुवादी सोच का कुरूप चेहरा

BJP MP cow urine controversy नमाज़ के बाद ‘गौमूत्र से शुद्धिकरण’  BJP सांसद की हरकत ने खोला मनुवादी सोच का कुरूप चेहरा

  BJP MP cow urine controversy नमाज़ के बाद ‘गौमूत्र से शुद्धिकरण’  BJP सांसद की हरकत ने खोला मनुवादी सोच का कुरूप चेहरा

BJP MP cow urine controversy BJP सांसद ने पुणे शनिवारवाड़ा में नमाज़ के बाद गौमूत्र से शुद्धिकरण किया, समाज में नाराज़गी, मनुवादी मानसिकता पर सवाल उठे।

 BJP MP cow urine controversy पुणे के शनिवारवाड़ा से उठी नफ़रत की बू  इंसानियत से ज़्यादा अहम “शुद्धिकरण”

पुणे के ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा किले में नमाज़ अदा किए जाने के बाद जो हुआ, उसने देशभर में गहरी नाराज़गी पैदा कर दी।

एक BJP सांसद ने “गौमूत्र से शुद्धिकरण” करने का वीडियो शेयर किया, यह कहते हुए कि “नमाज़ पढ़े जाने के बाद जगह को पवित्र किया गया।”

BJP MP cow urine controversy BJP लोगों ने सवाल उठाया  क्या अब धर्म और इंसानियत इतनी कमजोर हो चुकी है, कि किसी के इबादत करने के बाद ज़मीन भी “अपवित्र” लगने लगी?

BJP MP cow urine controversy यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि समाज में मनुवादी मानसिकता और धार्मिक असहिष्णुता के खतरनाक संकेत हैं।

 बीजेपी सांसद का “शुद्धिकरण” वीडियो  नफ़रत का प्रतीक या राजनीति का हथियार?

सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में बीजेपी सांसद को गौमूत्र से जमीन छिड़कते हुए देखा गया।

उन्होंने कहा कि “जहां नमाज़ हुई, वह जगह अब शुद्ध करनी जरूरी थी।”

इस बयान ने लोगों को झकझोर दिया।

कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों ने इसे नफ़रत फैलाने वाला कृत्य बताया और कहा कि यह देश के साझा संस्कारों पर चोट है।

BJP MP cow urine controversy BJP  भारत की ताकत हमेशा विविधता और सम्मान में रही है, न कि किसी के धर्म को नीचा दिखाने में।

यह घटना ऐसे वक्त में हुई जब देश में बार बार “सर्वधर्म समभाव” और “एकता” की बातें की जा रही हैं।

लेकिन ज़मीन पर तस्वीर बिल्कुल उलटी नज़र आ रही है।

 पुणे की जनता ने दिखाई परिपक्वता, कहा शनिवारवाड़ा हमारी साझा विरासत है

  BJP MP cow urine controversy स्थानीय नागरिकों और संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि शनिवारवाड़ा केवल ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि हमारी साझा संस्कृति का प्रतीक है।

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कई युवाओं ने सोशल मीडिया पर लिखा 

“जहां इतिहास ने एकता की मिसालें छोड़ी हैं, वहां नफ़रत का छिड़काव शर्मनाक है।”

पुणे प्रशासन ने फिलहाल इस घटना को लेकर रिपोर्ट मांगी है, और समाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

यह दिखाता है, कि जनता अब नफ़रत की राजनीति से थक चुकी है और शांति, समानता और सम्मान चाहती है।

 मनुवादी सोच  आधुनिक भारत के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट

“शुद्धिकरण” जैसे शब्द आज के लोकतांत्रिक और संवैधानिक भारत में बहुत पीछे ले जाते हैं।

जब कोई नेता यह संदेश देता है, कि एक धर्म की प्रार्थना “अपवित्रता” है, तो वह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी मानसिकता को दर्शाता है।

वह मानसिकता जो बराबरी से डरती है,और विभाजन से ताकत पाती है।

BJP MP cow urine controversy महात्मा गांधी, डॉ. आंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू ने जिस भारत की कल्पना की थी, उसमें हर धर्म और हर आस्था को समान सम्मान मिलना चाहिए।

लेकिन जब सत्ता में बैठे लोग ऐसे कृत्य करते हैं, तो वे संविधान की भावना पर सीधा प्रहार करते हैं।

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 भारत की असली पहचान  एकता, सम्मान और साझा संस्कृति

भारत की खूबसूरती उसकी विविधता और एकता में है।
यह देश मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारों की एक साथ गूंज से गूंजता है।

किसी एक धर्म के प्रति नफरत फैलाकर कोई भी व्यक्ति देश की आत्मा को कमजोर नहीं कर सकता।

जरूरत इस बात की है,कि समाज इन नकारात्मक घटनाओं को ठुकराए और उस भारत की रक्षा करे जो प्यार, भाईचारे और इंसानियत पर टिका है।

 डिस्क्लेमर

यह लेख सार्वजनिक रिपोर्टों, सोशल मीडिया पोस्ट्स और विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित है।

हम किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के पक्ष या विरोध में नहीं हैं।
हमारा उद्देश्य केवल सामाजिक सौहार्द और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के संदेश को साझा करना है।

अंतिम सत्यता संबंधित प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

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