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Dehradun News: मिलावटी पनीर बेचने पर वकील डेयरी संचालक पर एक लाख जुर्माना

Dehradun News: वकील की डेयरी में बिक रहा था मिलावटी पनीर, जिला अदालत ने दिखाई सख्ती, एक लाख जुर्माना और प्रतीकात्मक जेल की सजा

Dehradun News में बड़ा मामला, मिलावटी पनीर बेचने पर पेशे से वकील डेयरी संचालक अलीशेर कुरैशी को जिला अदालत ने एक लाख रुपये जुर्माना और अदालत उठने तक साधारण कारावास की सजा सुनाई।

कभी कभी खबरें सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, महसूस भी की जाती हैं। जब खाने पीने की चीजों में मिलावट की बात सामने आती है, तो हर आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस करता है। Dehradun News से जुड़ा यह मामला भी कुछ ऐसा ही है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। यहां एक डेयरी संचालक, जो पेशे से वकील है,और कानून की बारीकियां जानता है, वही कानून तोड़ते हुए मिलावटी पनीर बेचता पाया गया। मामला सामने आने के बाद जिला अदालत ने जो फैसला सुनाया, उसने साफ संदेश दे दिया कि स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Dehradun News: मिलावटी पनीर बेचने पर वकील डेयरी संचालक पर एक लाख जुर्माना

यह मामला देहरादून के अजबपुर खुर्द इलाके का है, जहां खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक नियमित निरीक्षण के दौरान डेयरी का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय डेयरी में तैयार और बिक्री के लिए रखे गए पनीर के नमूने लिए गए। जांच के लिए भेजे गए इन नमूनों की लैब रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया। रिपोर्ट में पनीर को न केवल तय मानकों के विपरीत पाया गया, बल्कि उसे असुरक्षित और मिलावटी भी बताया गया। Dehradun News के अनुसार, रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की और केस जिला अदालत में पहुंचा।

अदालत में पेशी के दौरान यह सामने आया कि डेयरी का संचालक अलीशेर कुरैशी है, जो पेशे से वकील है। सुनवाई के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने अदालत को बताया कि वर्तमान में वह वकालत कर अपना जीवन यापन कर रहा है, और उसकी आर्थिक स्थिति कमजोर है। अभियुक्त ने अदालत से अनुरोध किया कि उसे कम से कम सजा और जुर्माने से दंडित किया जाए। हालांकि, अदालत ने यह भी माना कि एक पढ़ा लिखा और कानून का जानकार व्यक्ति अगर इस तरह का अपराध करता है, तो उसका प्रभाव समाज पर ज्यादा गहरा पड़ता है। Dehradun News में यह बिंदु विशेष रूप से चर्चा में रहा।

पंचम अपर सिविल जज अमित कुमार ने मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला सुनाया। अदालत ने टिप्पणी की कि अभियुक्त को सुधार का अवसर दिया जाना चाहिए, ताकि वह आगे एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन व्यतीत कर सके। इसी सोच के साथ अदालत ने अभियुक्त को जेल भेजने के बजाय आर्थिक दंड और प्रतीकात्मक सजा का रास्ता चुना। अदालत ने मानकों के विपरीत पनीर बेचने के अपराध में 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जबकि असुरक्षित खाद्य पदार्थ बेचने के लिए अतिरिक्त 20 हजार रुपये का दंड लगाया गया। इसके साथ ही अदालत उठने तक साधारण कारावास की सजा भी सुनाई गई। Dehradun News के मुताबिक, यदि अभियुक्त जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे छह महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

यह फैसला केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह पूरे खाद्य कारोबार के लिए एक कड़ा संदेश है। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है,कि मिलावटी पनीर जैसी चीजें लंबे समय में लीवर, किडनी और पाचन तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है। इसी वजह से सरकार और प्रशासन समय समय पर निरीक्षण अभियान चलाते हैं। Dehradun News में लगातार ऐसे मामलों को प्रमुखता से उठाया जाता रहा है, ताकि आम लोग सतर्क रह सकें।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है, कि आने वाले समय में डेयरियों, मिठाई की दुकानों और दूध से जुड़े अन्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी और तेज की जाएगी। त्योहारों और शादी विवाह के मौसम में मिलावट की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए जांच अभियान और सख्त होंगे। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है, कि वे सस्ते के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता न करें और किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत तुरंत विभाग को दें।

कुल मिलाकर, Dehradun News का यह मामला कानून, नैतिकता और जिम्मेदारी तीनों की याद दिलाता है। अदालत का फैसला यह साबित करता है, कि चाहे व्यक्ति किसी भी पेशे से जुड़ा हो, अगर वह लोगों की सेहत से खिलवाड़ करेगा, तो कानून उसे जवाबदेह ठहराएगा।

Disclaimer यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध अदालती आदेशों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पाठकों को सूचित करना और जनहित में जागरूकता बढ़ाना है। किसी व्यक्ति की छवि को नुकसान पहुंचाना इसका उद्देश्य नहीं है।

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