Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case गोरखपुर में 32 लाख की साइबर ठगी: पूरा मामला, पुलिस कार्रवाई और सबक
Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case गोरखपुर में 32.20 लाख की साइबर ठगी का खुलासा। जानें पीड़ित कौन थे, कैसे ठगी हुई, पुलिस ने क्या कार्रवाई की और इससे हमें क्या सबक मिलता है।
गोरखपुर इस समय लगातार बढ़ते साइबर अपराधों से परेशान है। ताज़ा खुलासा हुआ ₹32.20 लाख की साइबर ठगी का मामला पूरे जिले के लिए चौंकाने वाला साबित हुआ है। इस वारदात ने न सिर्फ पुलिस और प्रशासन की चिंता बढ़ाई और उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया बल्कि आम लोगों को भी यह एहसास करा दिया है,कि ज़रा-सी लापरवाही आपको भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा सकती है।
इस ब्लॉग में हम आपको बताएँगे – किसका पैसा गया, कैसे ठगी हुई, कितनी रकम किस तरह ट्रांज़ैक्शन हुई, कब मुकदमा दर्ज हुआ, पुलिस ने क्या कार्रवाई की, और इस घटना से हमें क्या सबक लेना चाहिए।
“Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case” पीड़ित कौन हैं?
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इस पूरे प्रकरण में दो लोग ठगी के शिकार बने:
1. सुरेंद्र चौधरी – गगहा थाना क्षेत्र के निवासी।
2. जयप्रकाश नारायण मिश्रा – पड़पुरवा, गगहा (गोरखपुर) निवासी।
दोनों को अलग-अलग समय पर फोन कॉल आए और उन्हें अलग-अलग बहानों से लाखों रुपये की चपत लगा दी गई।
“Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case” कैसे हुआ फ्रॉड?
केस 1: – ₹19.31 लाख की ठगी सुरेंद्र चौधरी
सुरेंद्र चौधरी को नवंबर 2023 से लेकर मार्च 2024 तक समय-समय पर फोन कॉल आते रहे।
कॉल करने वाला खुद को पंजाब नेशनल बैंक का मैनेजर बताता था।
उसने कहा कि उनके अकाउंट से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट्स अपडेट करने हैं, वरना खाता ब्लॉक हो जाएगा।
भरोसा दिलाने के लिए कई बार फोन कॉल, मैसेज और फर्जी दस्तावेज़ भेजे गए।
धीरे-धीरे सुरेंद्र से करीब ₹19.31 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में RTGS और ऑनलाइन ट्रांसफर के माध्यम से निकलवा लिए गए।
जब रकम असामान्य रूप से बढ़ गई और उन्होंने बैंक जाकर विवरण की पुष्टि की, तभी उन्हें समझ आया कि वे बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
केस 2: जयप्रकाश नारायण मिश्रा – ₹12.89 लाख का नुकसान
1 अगस्त 2024 से जयप्रकाश नारायण मिश्रा के पास लगातार फोन कॉल्स आने लगे, जिनमें उन्हें बैंक से जुड़ा ग्राहक बताकर अलग-अलग लालच दिए गए।
इस बार कॉल करने वाला खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कस्टमर केयर कर्मचारी बताता था।
उसने कहा कि उनकी इंश्योरेंस पॉलिसी और बैंक खाते से जुड़े फायदे बढ़ाने के लिए कुछ पेमेंट करना होगा।
लालच और झांसे में आकर जयप्रकाश ने ₹12.89 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कर दिए।
जब पैसों की रिकवरी या पॉलिसी अपडेट नहीं हुआ तो उन्हें भी समझ आया कि ये ठगी का शिकार हो चुके हैं।
“Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case” कुल ठगी रकम
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दोनों मामलों को मिलाकर ठगों ने ₹32.20 लाख रुपये हड़प लिए।
सुरेंद्र चौधरी – ₹19.31 लाख
जयप्रकाश नारायण मिश्रा – ₹12.89 लाख
Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case मुकदमा कब और कहाँ दर्ज हुआ?
दोनों पीड़ितों ने पुलिस से संपर्क किया और मामला दर्ज कराया।
गोरखपुर साइबर क्राइम थाना में अलग-अलग तिथियों पर मुकदमे पंजीकृत हुए।
एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़कर जांच शुरू की।
“Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case” पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने पीड़ितों से लिखित तहरीर लेकर FIR दर्ज की।
बैंक डिटेल्स और ट्रांज़ैक्शन हिस्ट्री के आधार पर संदिग्ध खातों की पहचान की जा रही है।
फिलहाल तक की रिपोर्टों के मुताबिक कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ है।
जांच एजेंसियां बैंक और मोबाइल नंबर के जरिए जालसाज़ों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।
पुलिस ने साइबर सेल की मदद से उन खातों को चिह्नित किया है,जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
“Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case” डेट-वाइज घटनाक्रम
19 नवम्बर 2023 – मार्च 2024: सुरेंद्र चौधरी से अलग-अलग किस्तों में कुल ₹19.31 लाख ठगे गए।
1 अगस्त 2024 – अगस्त 2025: जयप्रकाश नारायण मिश्रा से किस्तों में ₹12.89 लाख निकाले गए।
अगस्त 2025: दोनों मामलों की शिकायत साइबर क्राइम थाना गोरखपुर में दर्ज हुई।
अगस्त 2025 (वर्तमान स्थिति): केस दर्ज है, पुलिस जांच कर रही है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।
इस ठगी से सीख
यह मामला सिर्फ सुरेंद्र और जयप्रकाश तक सीमित नहीं है। गोरखपुर समेत पूरे देश में हर दिन ऐसे हजारों केस सामने आते हैं।
आम जनता को ध्यान रखने योग्य बातें:
1. बैंक कभी भी फोन पर OTP, PIN, या KYC अपडेट करने को नहीं कहता।
2. अगर कोई खुद को बैंक मैनेजर या कस्टमर केयर बताकर पैसे मांगे तो तुरंत कॉल काटें।
3. किसी भी ट्रांज़ैक्शन से पहले बैंक की शाखा या ऑफिशियल हेल्पलाइन नंबर पर वेरिफाई करें।
4. कभी भी अजनबी लिंक या एप्लीकेशन डाउनलोड न करें।
5. साइबर ठगी होते ही तुरंत 1930 (राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन) पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष
“Gorakhpur Cyber Fraud 32 Lakh Case” गोरखपुर का यह मामला हमें बताता है,,कि ठग कितनी चालाकी से बैंक मैनेजर, कस्टमर केयर या इंश्योरेंस एजेंट बनकर मासूम लोगों से लाखों रुपये निकलवा सकते हैं।
सुरेंद्र चौधरी और जयप्रकाश नारायण मिश्रा जैसे पढ़े-लिखे लोग भी अगर फँस सकते हैं, तो इसका मतलब है, कि ठगों की रणनीति बेहद प्रोफेशनल है। पुलिस ने भले ही केस दर्ज कर लिया है, लेकिन असली चुनौती इन अपराधियों को पकड़ना और जनता को जागरूक करना है।
FAQ
गोरखपुर में 32 लाख की साइबर ठगी में कौन-कौन पीड़ित हुए?
इस मामले में दो लोग पीड़ित बने – सुरेंद्र चौधरी (गगहा) और जयप्रकाश नारायण मिश्रा (पड़पुरवा, गगहा)।
सुरेंद्र चौधरी से कितने रुपये ठगे गए और कैसे?
उनसे ₹19.31 लाख रुपये ठगे गए। ठग ने खुद को PNB मैनेजर बताकर KYC अपडेट और खाता बंद होने का डर दिखाकर रकम ट्रांसफर करवाई।
जयप्रकाश नारायण मिश्रा से कितने रुपये ठगे गए और किस बहाने?
उनसे ₹12.89 लाख रुपये अलग-अलग किस्तों में ठगे गए। कॉल करने वाले ने खुद को SBI कस्टमर केयर बताया और इंश्योरेंस पॉलिसी व फायदे बढ़ाने का झांसा दिया।
क्या इस ठगी मामले में कोई आरोपी पकड़ा गया है?
अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही बैंक को भी लिखित सूचना दें ताकि आपके पैसे फ्रीज़ हो सकें।