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Gorakhpur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में गोरखपुर ने बनाया इतिहास, 10.60 लाख से ज्यादा मामलों का निस्तारण

Gorakhpur News राष्ट्रीय लोक अदालत में गोरखपुर ने रचा न्याय का इतिहास 10.60 लाख से अधिक मामलों का रिकॉर्डतोड़ निस्तारण

Gorakhpur News में बड़ी उपलब्धि। राष्ट्रीय लोक अदालत में 10.60 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण, 8.32 करोड़ की वसूली, 12 टूटे परिवार फिर जुड़े।

शनिवार का दिन गोरखपुर के न्यायिक इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। Gorakhpur News के मुताबिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया, जो अब तक कम ही देखने को मिला है। एक ही दिन में कुल 10,96,907 मामलों को सूचीबद्ध किया गया, जिनमें से 10,60,124 मामलों का सफल निस्तारण कर दिया गया। यह उपलब्धि सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि आम जनता के भरोसे न्याय की पहुंच और सुलह की ताकत की मिसाल बन गई।

Gorakhpur News: राष्ट्रीय लोक अदालत में गोरखपुर ने बनाया इतिहास, 10.60 लाख से ज्यादा मामलों का निस्तारण

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन शनिवार सुबह 10:30 बजे नई मीटिंग हॉल में जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राज कुमार सिंह ने किया। लोक अदालत के संचालन की जिम्मेदारी अपर जनपद न्यायाधीश एवं सचिव पंकज श्रीवास्तव ने संभाली। पूरे दिन न्यायालय परिसर में समाधान समझौते और राहत का माहौल देखने को मिला। Gorakhpur News में इसे अब तक की सबसे सफल लोक अदालतों में से एक माना जा रहा है।

लोक अदालत में पारिवारिक विवादों को सुलझाने पर विशेष ध्यान दिया गया। प्री लिटिगेशन और लिटिगेशन स्तर पर पारिवारिक मामलों से जुड़े कुल 129 वादों का निस्तारण हुआ। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय की पहल पर 46 मामलों में समझौता कराया गया। सबसे भावुक पल तब आया जब परिवार न्यायालय के समक्ष 12 जोड़ों की विदाई कराई गई। वर्षों से बिखरे रिश्तों को एक नई शुरुआत मिली। Gorakhpur News के लिहाज से यह सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम उपलब्धि रही।

आर्थिक मामलों में भी लोक अदालत ने प्रभावशाली भूमिका निभाई। प्री लिटिगेशन स्तर पर बैंकों, फाइनेंस कंपनियों और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) से जुड़े 1,552 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 8,32,06,434 रुपये की राशि मौके पर ही नकद जमा कराई गई। वहीं, स्थायी लोक अदालत (Permanent Lok Adalat) द्वारा 12 मामलों में 1,22,48,765 रुपये की समझौता राशि का अवॉर्ड पारित किया गया। Gorakhpur News में यह सफलता बैंक रिकवरी मामलों के लिए एक मजबूत मॉडल मानी जा रही है।

विभिन्न न्यायालयों में भी बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ। जनपद न्यायाधीश की अदालत से 3 वादों का निस्तारण किया गया। वाणिज्यिक न्यायालय में 27 मामलों का समाधान हुआ जबकि मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने 151 मामलों में पीड़ितों को राहत दी। सुलह समझौते के आधार पर विभिन्न न्यायालयों में 24,665 आपराधिक प्रकृति के मामलों का निस्तारण किया गया। Gorakhpur News के अनुसार इससे अदालतों पर वर्षों से बढ़ता बोझ काफी हद तक कम हुआ है।

राजस्व मामलों में प्रशासन की सक्रियता भी साफ नजर आई। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं नोडल अधिकारी, उप जिलाधिकारियों और अन्य राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में 10,35,476 प्री लिटिगेशन राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। भूमि विवाद, प्रमाणपत्र, दाखिल खारिज जैसे मामलों का मौके पर समाधान कर आम लोगों को बड़ी राहत दी गई। Gorakhpur News में इसे प्रशासन और न्यायपालिका के बेहतर तालमेल का उदाहरण बताया जा रहा है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रीय लोक अदालत ने यह साबित कर दिया कि न्याय सिर्फ सजा देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाधान और समझौते की प्रक्रिया भी है। Gorakhpur News के लिए यह लोक अदालत न सिर्फ एक रिकॉर्ड है, बल्कि एक संदेश भी कि संवाद, सुलह और संवेदनशीलता से न्याय व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।

 Disclaimerयह लेख विभिन्न आधिकारिक सूचनाओं और सार्वजनिक रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है, आंकड़े और तथ्य सूचना उद्देश्य से प्रस्तुत किए गए हैं, किसी भी कानूनी मामले में अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय के अधीन होता है।

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