Gorakhpur News Dilse: मजदूरों की वापसी से ठप पड़ा कलेक्ट्रेट का नया भवन निर्माण
Gorakhpur News Dilse गोरखपुर, 3 अगस्त 2025 – कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे नए भवन के निर्माण पर शुक्रवार को अचानक ब्रेक लग गया। निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों और अधिवक्ताओं के बीच बैरिकेडिंग को लेकर विवाद बढ़ा, जिसके बाद सभी मजदूर अपना काम छोड़कर घर लौट गए। नतीजा यह हुआ कि बहुप्रतीक्षित परियोजना का काम पूरी तरह रुक गया और प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
Gorakhpur News Dilse विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

इसे पढ़ें गोरखपुर कलेक्ट परिसर में वकील और मजदूरों के बीच हुई भिड़ंत
नए भवन के लिए परिसर में बैरिकेडिंग लगाई गई थी ताकि निर्माण सामग्री सुरक्षित रखी जा सके और बाहरी आवाजाही नियंत्रित रहे। इसी मुद्दे पर अधिवक्ताओं ने आपत्ति जताई, क्योंकि बैरिकेडिंग से आने-जाने में दिक्कत हो रही थी। दोनों पक्षों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि बात धक्का-मुक्की तक जा पहुँची।
Gorakhpur News Dilse अधिवक्ता संघ के मंत्री चंद्रप्रकाश मिश्र को इस दौरान चोट लगी और उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना से वकीलों में आक्रोश और गुस्सा फैल गया और उन्होंने न्यायिक कार्य करने से बहिष्कार का एलान कर दिया।
मजदूर क्यों चले गए?
Gorakhpur News Dilse निर्माण एजेंसी के प्रोजेक्ट मैनेजर एबीबी नारायण ने बताया कि हाल के दिनों में निर्माण स्थल से बार-बार सामग्री चोरी हो रही थी। इसी कारण उन्होंने बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। लेकिन वकीलों के विरोध और झड़प की घटना के बाद मजदूरों ने काम करना बंद कर दिया और घर लौट गए।
उनका कहना है कि इस माहौल में काम जारी रखना मुश्किल हो गया था। मजदूरों के चले जाने के बाद भवन निर्माण पूरी तरह से रुक गया है।
Gorakhpur News Dilseप्रशासन की कोशिशे
एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्र ने अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों और पदाधिकारी से मुलाकात की और समाधान निकालने की कोशिश की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अधिवक्ताओं की उचित मांगों पर कार्रवाई होगी और परिसर में सफाई व आवागमन की समस्याओं को दूर किया जाएगा।
हालांकि, अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक FIR दर्ज नहीं होती और एडीएम सिटी का तबादला नहीं किया जाता, तब तक वे न्यायिक कार्य में हिस्सा नहीं लेंगे।
Gorakhpur News Dilse इस विवाद के पीछे की बड़ी समस्याएं
1. सुरक्षा और चोरी की घटनाएं – रात में निर्माण स्थल से हजारों रुपये की सामग्री चोरी होने की शिकायतें पहले से मिल रही थीं।
2. प्रशासनिक संवाद की कमी – अधिवक्ताओं और निर्माण एजेंसी के बीच समन्वय न होने के कारण विवाद बार-बार बढ़ रहा था।
3. एक हफ्ते पहले भी हुआ था विवाद – और इसी तरह की बहस हुई थी, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया।
4. FIR का अभाव – घटना के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई प्राथमिकी दर्ज न होने से वकीलों का गुस्सा और बढ़ गया।
Gorakhpur News Dilse आगे क्या होगा?
अगर FIR दर्ज नहीं की गई और वकीलों की मांगें पूरी नहीं हुईं, तो न्यायिक कामकाज बंद और प्रभावित रहेगा।
मजदूरों की वापसी और निर्माण की नई योजना पर प्रशासन को जल्द फैसला लेना होगा।
परियोजना निर्माण कार्य में पहले से देरी हो रही है, और अब यह विवाद और भी बाधाएं खड़ी कर सकता है।
Gorakhpur News Dilse समाधान की राह
संवाद बहाल करना होगा – प्रशासन, निर्माण एजेंसी और अधिवक्ता संघ के बीच बैठकर समस्या का हल निकालना जरूरी है।
सुरक्षा इंतज़ाम मजबूत किए जाएं – चोरी रोकने के लिए CCTV और गार्ड की व्यवस्था की जाए।
काम की नई रूपरेखा बने – मजदूरों की वापसी और निर्माण के लिए नई कार्ययोजना बनाई जाए।
Gorakhpur News Dilse कलेक्ट्रेट का नया भवन गोरखपुर के प्रशासनिक ढांचे के लिए अहम परियोजना है। लेकिन संवाद की कमी, सुरक्षा संबंधी लापरवाही और शिकायतों की अनदेखी से हालात बिगड़ गए। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो यह विवाद लंबे समय तक परियोजना की प्रगति को रोक सकता है।
Gorakhpur NewsDilse अधिवक्ता संघ अपनी मांग पर आना हुआ है जब तक उसकी मांग पूरी नहीं होगी तब तक कार्य बहिष्कार चलता रहेगा।