शामली में सरकारी अस्पताल के CMS के घर 5 लाख की चोरी के बाद पुलिस की जांच धीमी पड़ी तो डॉक्टरों ने खुलकर कहा “Police Encounter में तो तेज़ हैं, लेकिन चोरी पकड़ने में कमजोर!” पढ़िए पूरी रिपोर्ट कैसे यह बयान पुलिस पर भारी पड़ गया
शामली: डॉक्टर बोले “Police Encounter में तेज़, चोरी पकड़ने में कमजोर है पुलिस”, CMS के घर 5 लाख की चोरी से मचा हड़कंप
परिचय: जब डॉक्टरों ने पुलिस से किया सीधा सवाल
शामली जिले में सरकारी अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) के घर हुई 5 लाख रुपये की चोरी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में लगातार देरी से नाराज़ डॉक्टरों ने अब खुलकर कहा है,
“पुलिस तो Police Encounter में बहुत तेज़ है, लेकिन जब किसी आम नागरिक का पैसा चोरी हो जाए, तो उनकी रफ्तार गायब हो जाती है।”
इस बयान ने सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह मामला सिर्फ चोरी का नहीं बल्कि पुलिस की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर बड़ा सवाल है।
पुलिस जांच पर सवाल: CCTV से लेकर बयान तक सब ठंडा पड़ा
पुलिस ने शुरुआती जांच में फोरेंसिक टीम बुलाई, CCTV फुटेज खंगाले, लेकिन नतीजा सिफर रहा। CMS के घर से चोरी हुए लाखों रुपये का अब तक कोई सुराग नहीं मिला। इस पर डॉक्टरों का कहना है, कि “अगर यही केस किसी Police Encounter से जुड़ा होता, तो अब तक पूरी टीम दिन रात एक कर देती।”
सोशल मीडिया पर भी अब यही चर्चा है,कि यूपी पुलिस सिर्फ Encounter Specialist बनकर रह गई है, जबकि आम लोगों के केसों में उनकी रफ्तार गायब हो जाती है।
डॉक्टरों का बयान: “Encounter करने में माहिर, लेकिन जांच में नाकाम”
डॉक्टरों के इस बयान ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा “हम पुलिस की ताकत को मानते हैं, लेकिन वो ताकत सिर्फ Police Encounter तक ही सीमित क्यों है? चोरी जैसे मामलों में उनकी आंखों पर पट्टी क्यों बंध जाती है?”
यह बयान अब वायरल हो चुका है। शामली से लेकर लखनऊ तक यह मुद्दा गूंज रहा है, कि क्या यूपी पुलिस ने अपनी असली जिम्मेदारी छोड़कर सिर्फ Police Encounter शो बनना शुरू कर दिया है?
जनता का गुस्सा: “CMS का केस नहीं सुलझा, आम जनता का क्या होगा?”
शामली के लोगों में गुस्सा साफ देखा जा सकता है। लोगों का कहना है, कि जब एक सरकारी अधिकारी के घर चोरी हो सकती है,और पुलिस हफ्तों में भी केस नहीं सुलझा पाती, तो आम आदमी का क्या भरोसा रहेगा?
कई नागरिकों ने सोशल मीडिया पर लिखा“ Police Encounter के लिए तो मिनटों में टीम बन जाती है, लेकिन चोरी पकड़ने में महीनों लगते हैं।”
यह टिप्पणी अब पुलिस की इमेज पर सीधे प्रहार कर रही है।
पुलिस प्रशासन की सफाई: “जांच जारी है, जल्द खुलासा होगा”
पुलिस ने कहा कि केस को गंभीरता से लिया गया है,और तकनीकी सर्विलांस के जरिए अपराधियों को पकड़ने की कोशिश चल रही है।
एक अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा“ हम सिर्फ Police Encounter करने वाली फोर्स नहीं हैं, हर केस की जांच पूरी प्रोफेशनलिज़्म से करते हैं।”
हालांकि, जनता अब “बयान” नहीं बल्कि “परिणाम” चाहती है। हर बीतते दिन के साथ पुलिस पर भरोसा कमजोर होता दिख रहा है।
विश्लेषण: जब डॉक्टर बोले तो जनता ने सुना
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है, कि अब आम लोग और शिक्षित वर्ग भी पुलिस की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। डॉक्टरों की यह टिप्पणी “Police Encounter में तेज़, लेकिन चोरी पकड़ने में कमजोर” अब जनता की जुबान बन चुकी है।
अगर पुलिस हर केस में उसी स्पीड से काम करे जैसी वो Police Encounter में दिखाती है, तो सिस्टम पर भरोसा वापस लौट सकता है।
डिस्क्लेमर यह खबर स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों पर आधारित है। इसका उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति की छवि को ठेस पहुँचाना नहीं है। पाठकों से अनुरोध है,कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले पुलिस की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतज़ार करें।