शहीद दिवस पर राष्ट्रीय कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज उनवल में श्रद्धा का संगम, Shaheed Diwas Gandhi Tribute के जरिए बच्चों ने सीखे सत्य और अहिंसा के मूल्य
महात्मा गांधी के विचारों की प्रासंगिकता पर जोर। शहीद दिवस पर आयोजित Shaheed Diwas Gandhi Tribute में बच्चों को सत्य और अहिंसा का संदेश।
शहीद दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज, उनवल में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर पूरी तरह से गांधी विचारों की सुगंध से भर उठा। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को गांधी जी के जीवन मूल्यों से जोड़ना था। यह आयोजन अपने आप में एक सशक्त Shaheed Diwas Gandhi Tribute के रूप में सामने आया।
श्रद्धा और विचारों का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और दो मिनट के मौन से की गई। छात्राओं और शिक्षकों ने एक साथ राष्ट्रपिता को नमन किया। इस दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरा कि Shaheed Diwas Gandhi Tribute केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मचिंतन का अवसर है।
प्रधानाचार्य का सारगर्भित संदेश
विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रेम नारायण यादव ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में गांधी जी के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज जाति, धर्म, मजहब और छुआछूत के नाम पर बंटता नजर आ रहा है, तब गांधी जी का दर्शन हमें जोड़ने का काम करता है। प्रधानाचार्य ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि Shaheed Diwas Gandhi Tribute हमें याद दिलाता है कि सत्य और अहिंसा ही स्थायी समाधान हैं।
विश्व को मानवता का पाठ
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी ने न केवल भारत को आज़ादी दिलाई, बल्कि पूरे विश्व को मानवता, सहअस्तित्व और करुणा का पाठ पढ़ाया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि बिना हिंसा के भी बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है। इसी विचार को केंद्र में रखकर Shaheed Diwas Gandhi Tribute को शैक्षिक संदेश से जोड़ा गया।
गांधी जी का प्रिय भजन और भावनात्मक माहौल
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को गांधी जी का प्रिय भजन सुनवाया गया। भजन की पंक्तियों ने पूरे वातावरण को भावुक और शांत बना दिया। बच्चों ने न सिर्फ भजन सुना, बल्कि उसके अर्थ और संदेश को भी समझने का प्रयास किया। यह क्षण Shaheed Diwas Gandhi Tribute का सबसे मार्मिक हिस्सा बन गया।
बच्चों में जागरूकता का संकल्प
शिक्षकों ने बच्चों से आग्रह किया कि वे गांधी जी के आदर्शों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दैनिक जीवन में भी अपनाएं। सत्य बोलना, हिंसा से दूर रहना और सभी के साथ समान व्यवहार करना ही गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि है। यही संदेश इस Shaheed Diwas Gandhi Tribute का मूल उद्देश्य रहा है
राष्ट्रीय कन्या इंटरमीडिएट कॉलेज उनवल में आयोजित यह कार्यक्रम साबित करता है कि यदि विद्यालय स्तर से ही नैतिक मूल्यों को मजबूत किया जाए, तो समाज में सकारात्मक बदलाव संभव है। Shaheed Diwas Gandhi Tribute के माध्यम से बच्चों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि गांधी जी केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज और आने वाले कल की आवश्यकता हैं।
यह लेख कार्यक्रम में दी गई जानकारी और वक्तव्यों पर आधारित है। इसका उद्देश्य सूचना देना, शैक्षिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना और महात्मा गांधी के विचारों को समाज तक पहुंचाना है।