दिल्ली धमाके से पहले कार 3 घंटे तक पार्क में थी
दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट (Delhi Car Blast) मामले में अब CCTV फुटेज से नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि सफेद रंग की i20 कार दोपहर करीब 3:19 बजे पार्किंग में खड़ी की गई थी और लगभग तीन घंटे तक वहीं रही। शाम करीब 6:48 बजे वह पार्किंग से बाहर निकली। इस दौरान इलाके में भारी भीड़ थी, जिससे किसी ने भी कार की गतिविधियों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
दिल्ली पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि कार को पार्क में कौन लेकर आया था, उसमें कौन बैठा था और बाद में कौन लेकर गया। इस फुटेज से जांचकर्ताओं को शक है कि धमाका पूरी साजिश के तहत किया गया था।
सीसीटीवी फुटेज बना जांच की सबसे बड़ी कड़ी
दिल्ली पुलिस ने धमाके की जांच तेज कर दी है और आसपास के 100 से ज़्यादा CCTV फुटेज की पड़ताल की जा रही है। इसमें पार्किंग एरिया, दरियागंज रोड और टोल प्लाज़ा के वीडियो भी शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति अकेला दिखाई दे रहा है।
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Another not so shocking revelation : CCTV shows the car which was used in #RedFort blast was parked near Sunehri Masjid parking lot for 3 hours.
The car left minutes before the blast.Security agencies should keep close eyes on all the Mosques…. pic.twitter.com/KXqP2ju0Hd
— Mr Sinha (@MrSinha_) November 11, 2025
अब जांच अधिकारी गाड़ी की मूवमेंट को ट्रैक कर रहे हैं—वह कहां से आई, किन रास्तों से होकर लाल किले के पास पहुंची, और धमाके से पहले किन-किन जगहों पर रुकी। साथ ही, पार्किंग अटेंडेंट से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार किसने पार्क की थी।
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कार का मालिक हिरासत में, खरीदारों की तलाश जारी
पुलिस ने हरियाणा नंबर प्लेट वाली इस कार के रजिस्ट्रेशन डिटेल्स निकाल लिए हैं। यह गाड़ी मोहम्मद सलमान नामक व्यक्ति के नाम पर थी, जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। सलमान ने बताया कि उसने यह कार करीब डेढ़ साल पहले ओखला में देवेंद्र नाम के व्यक्ति को बेच दी थी।
इसके बाद कार अंबाला में किसी और के पास गई और फिर पुलवामा के तारिक नाम के व्यक्ति को बेची गई। दिल्ली पुलिस अब इन सभी खरीदारों की तलाश में है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार आखिर किसके पास थी जब धमाका हुआ।
धमाके के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट
इस विस्फोट में कम से कम नौ लोगों की मौत हुई और कई वाहन जलकर खाक हो गए। आग की लपटों ने इलाके में दहशत फैला दी। दिल्ली पुलिस ने राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा है और सभी बॉर्डर चेकपॉइंट्स पर जांच कड़ी कर दी गई है। हर संदिग्ध वाहन की जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसियां आतंकवादी साजिश की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच टीम हर एंगल से सुराग तलाश रही है।
CCTV और तकनीकी जांच से जल्द खुल सकता राज़
पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके से मिले ब्लास्ट रेजिड्यू, मेटल पार्ट्स और डिजिटल डेटा को जांच के लिए भेजा है। CCTV एनालिसिस से अब यह साफ है कि धमाका किसी रिमोट डिवाइस या टाइमर से किया गया हो सकता है।
इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर दिल्ली, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में कई जगह रेड और पूछताछ चल रही है। जांचकर्ता उम्मीद कर रहे हैं कि अगले कुछ दिनों में संदिग्ध की पहचान और गिरफ्तारी हो सकती है।
दिल्ली के लाल किले के पास हुआ यह धमाका सिर्फ एक हादसा नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है। यह साफ दिखाता है कि राजधानी जैसे हाई-सिक्योरिटी ज़ोन में भी ऐसी घटनाएँ हो सकती हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियाँ पूरी कोशिश कर रही हैं कि दोषियों को जल्द पकड़ा जाए और दिल्ली की सड़कों पर फिर से भरोसे का माहौल बने।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। जांच जारी है, इसलिए जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आएंगे, विवरण बदल सकता है।