सोने से आगे निकली चांदी! Silver Price All Time High, चीन की वजह से बदला बाजार का मिज़ाज
Silver Price All Time High चुपचाप चमकने लगी चांदी – निवेशकों की नजर अब गोल्ड से हटकर सिल्वर पर अब तक सोने को सुरक्षित निवेश का प्रतीक माना जाता रहा है, लेकिन इस बार चांदी ने सबको चौंका दिया है। चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रचते हुए
Silver Price All Time High मुकाम छू लिया है। इस ऐतिहासिक उछाल के पीछे चीन की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक मांग और टेक्नोलॉजी सेक्टर में इसके बढ़ते उपयोग ने निर्णायक भूमिका निभाई है।
चांदी की कीमतों में बेमिसाल तेजी, Silver Price All Time High
पिछले कुछ महीनों में चांदी की कीमतों में जो उछाल देखा गया है, वह सामान्य बाजार हलचल से कहीं ज़्यादा है।
जून 2025 में चांदी ₹86,000/किग्रा पर थी
जुलाई के आखिर तक संभावना ऐसी बताई जा रही है ₹1,04,000/किग्रा को पार कर गई है
यह अब तक की सबसे ऊंची दर है – एक ऐसा स्तर जो पहले सिर्फ भविष्यवाणियों में था।
क्या है चांदी की इस रफ्तार का असली कारण?
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सोलर एनर्जी: चीन ग्रीन एनर्जी को तेजी से अपनाने के मिशन पर है। सोलर पैनलों में चांदी की भारी खपत होती है।
EV प्रोडक्शन: हर इलेक्ट्रिक कार में औसतन 25-30 ग्राम चांदी लगती है, और चीन दुनिया का सबसे बड़ा EV निर्माता है।
उद्योगों में विस्तार: नई बैटरियों, कूलिंग सिस्टम्स और माइक्रोचिप्स में चांदी का उपयोग बढ़ रहा है।
Silver Price All Time High पर पहुंचना महज एक संयोग नहीं, बल्कि एक वैश्विक बदलाव की आहट है।
सोना बनाम चांदी: अब किसे चुनें?
चांदी ने 3 महीने में 22% रिटर्न दिया है, जबकि सोने की चाल सीमित रही।
सिल्वर अब केवल ज्वेलरी तक सीमित नहीं है — यह टेक्नोलॉजी, एनर्जी और भविष्य के इनोवेशन का प्रमुख हिस्सा बन गया है।
डिजिटल सिल्वर और ETF जैसे विकल्प अब आम निवेशकों के लिए भी आसान हैं।
कीमतों में तेज़ बढ़त के बाद मार्केट करेक्शन की संभावना बनी रहती है।
छोटे निवेशकों के लिए जोखिम बढ़ा है, जो बिना रिसर्च के FOMO में खरीदारी कर सकते हैं।
यदि चीन ने आयात घटा दिया या वैश्विक मंदी आई, तो चांदी की मांग पर असर पड़ सकता है।
Silver Price All Time High: जानिए विशेषज्ञों की क्या है राय?
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विशेषज्ञ अजय मेहरा के अनुसार:
चांदी की मौजूदा तेजी लॉजिकल है। इंडस्ट्रियल मांग और ग्लोबल ट्रेंड को देखते हुए अगले 6 महीनों में यह कीमत ₹1,10,000 तक जा सकती है।”
Zerodha के सीनियर एनालिस्ट दिव्या राय का कहना है:
“जो निवेशक लॉन्ग टर्म में हैं, उनके लिए यह एक बड़ा अवसर है। लेकिन जिनका लक्ष्य शॉर्ट टर्म मुनाफा है, उन्हें सतर्क रहना चाहिए।”
निवेशकों के लिए रणनीति: कब और कैसे करें निवेश?
अगर आप सोच रहे हैं कि अब चांदी में पैसा लगाना चाहिए या नहीं — तो यह आपके निवेश के उद्देश्य पर निर्भर करता है।
स्मार्ट निवेश का तरीका:
1. Silver ETF या Digital Silver से शुरुआत करें — इसमें रिस्क कम होता है।
2. निवेश को SIP फॉर्मेट में बाँटें — इससे बाजार की उठापटक का असर आपके पोर्टफोलियो पर कम महसूस
3. 6-12 महीने का नज़रिया रखें — बाजार में उतार-चढ़ाव से डरें नहीं।
ग्लोबल मार्केट का प्रभाव
COMEX (अमेरिका) में सिल्वर $32.5/ounce तक पहुंच चुका है।
लंदन बुलियन मार्केट में भी चांदी का कारोबार 8 साल के उच्चतम स्तर पर है।
यूरोप, जापान और अमेरिका जैसे विकसित देशों की कंपनियां भी चांदी को ले कर लॉन्ग टर्म कॉन्ट्रैक्ट कर रही हैं, जिससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव और कीमतें और तेज़ हो सकती हैं।
चीन की नीति: हर रफ्तार में चांदी क्यों?
साल 2025 में चीन ने दस नई रणनीतिक नीतियों को अमल में लाया है, जिनका मुख्य उद्देश्य है—औद्योगिक आत्मनिर्भरता बढ़ाना, ग्रीन टेक्नोलॉजी को गति देना और वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ और मज़बूत करना
ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन
इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी
सोलर पैनल मैन्युफैक्चरिंग में दुनिया का नेतृत्व
इन नीतियों के चलते चांदी की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, और Silver Price All Time High होना इसका सीधा परिणाम है।
जोखिम भी कम नहीं
भले ही इस वक्त बाजार रफ्तार पकड़ चुका हो, लेकिन इसके पीछे कुछ सतर्क कर देने वाले संकेत भी धीरे-धीरे उभरने लगे हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ करना जोखिम भरा हो सकता है।
यदि चीन किसी कारणवश आयात कम करता है तो कीमतें गिर सकती हैं।
अमेरिका और यूरोप में आर्थिक सुस्ती आने पर इंडस्ट्रियल डिमांड घट सकती है।
फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव से मेटल मार्केट प्रभावित हो सकता है।
इन सब संकेतों से यह स्पष्ट है कि निवेशकों को भावनात्मक निर्णय नहीं, बल्कि डेटा आधारित निर्णय लेने होंगे।
क्या अब चांदी को बनाएं निवेश का हीरो?
सोने की चमक सदियों से निवेशकों को आकर्षित करती रही है, लेकिन 2025 की दुनिया में चांदी ने बाजी पलट दी है।