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Ghosipur Waterlogging Tragedy: घोसीपुर में जलभराव से मासूम की मौत, SP City President ने सौंपा Memorandum

Ghosipur Waterlogging Tragedy: घोसीपुर में जलभराव से मासूम की मौत, SP City President ने सौंपा Memorandum

 Heart-Wrenching Incident in Ghosipur – मासूम की दर्दनाक मौत

Ghosipur घोसीपुरा में बारिश के बाद सड़कों और नालों में भयंकर जलभराव हो गया। इसी दौरान एक मासूम बच्ची अचानक खुले नाले में गिर पड़ी और पानी के तेज बहाव में बह गई। स्थानीय लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन ज़िंदगी और मौत की इस जंग में  मासूम हार गई। यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की भयानक लापरवाही (Horrific Negligence) और जवाबदेही की कमी (Lack of Accountability) को उजागर करती है।

SP City President का Strong Stand – ठेकेदार और JE पर Action की मांग

Samajwadi Party (SP) के महानगर अध्यक्ष ने इस घटना पर गहरी नाराज़गी जाहिर करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन (Memorandum) सौंपा। उन्होंने साफ कहा कि:

   Ghosipur यह मौत केवल एक हादसा नहीं बल्कि System Failure है।

जिम्मेदार ठेकेदार (Contractor) और Junior Engineer (JE) पर तुरंत सख्त कार्रवाई (Strict Action) होनी चाहिए।

मुआवज़ा देना पर्याप्त नहीं है, असली न्याय तब होगा जब दोषियों को कड़ी सज़ा मिले।

Negligence at its Worst क्यों हुई इतनी बड़ी लापरवाही?

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Ghosipur
सोर्स बाय गूगल इमेज

नाले का कवर अधूरा था, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।

Rainwater management पूरी तरह फेल हो गया।

Local authorities समय रहते सतर्क नहीं हुईं।

मासूम ज़िंदगी को बचाने के लिए कोई Emergency Response System मौजूद नहीं था।

यह सब शॉकिंग (Shocking) और Unacceptable है

That Can’t Be Ignored

यह घटना साबित करती है कि Civic Bodies की संवेदनहीनता (Insensitivity) किस हद तक बढ़ चुकी है।

ठेकेदार और अधिकारियों की घोर अनदेखी (Blatant Neglect) ने एक मासूम को मौत की तरफ धकेल दिया।

हर साल लाखों रुपये Development और Safety Projects में खर्च होते हैं, फिर भी जनता Unsafe Infrastructure के साथ जीने पर मजबूर है।

यह tragedy हमें यह सोचने पर मजबूर करती है, कि क्या आम नागरिक की जान की कोई कीमत ही नहीं है?

Political Pressure & People’s Anger  जनता इंसाफ की आवाज़

Ghosipur SP City President ने साफ कहा है, कि अगर जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क पर उतरकर जोरदार आंदोलन (Powerful Protest) करेगी।

लोगों का गुस्सा भी साफ दिख रहा है,वे पूछ रहे हैं, कि आखिर मासूम की जान का जिम्मेदार कौन है?

What Needs to Be Done – अब होना क्या चाहिए?

Immediate Suspension of Contractor & JE

Civic Infrastructure Audit – खुले नाले और अधूरी निर्माण योजनाओं की तुरंत समीक्षा।

. Compensation with Accountability – परिवार को सहायता मिले, लेकिन साथ ही जिम्मेदारों को सज़ा भी।

Rainwater Management System Upgrade – Drainage सिस्टम को scientific तरीके से सुधारा जाए। ताकि किस तरह की घटना ना हो

Public Safety First – हर development project में safety को सबसे ऊपर रखा जाए।

Conclusion  Justice for the Innocent Soul

Ghosipur  घोसीपुर की यह tragedy सिर्फ एक बच्ची की मौत की कहानी नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम के failure और negligence का चेहरा है।

SP City President का memorandum इस बात का प्रतीक है कि अब जनता चुप नहीं रहेगी।

Ghosipur यह घटना हमें याद दिलाती है कि “जब तक जिम्मेदार लोगों को सख्त सज़ा नहीं मिलेगी, तब तक मासूम ज़िंदगियां ऐसे ही असुरक्षित रहेंगी।”

 

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