Trump tariff Akhilesh reaction: ट्रंप की टैरिफ घोषणा पर अखिलेश यादव का हमला – ‘दोस्ती की बातें झूठी निकलीं, अब बुरे दिन शुरू’
Trump tariff Akhileshअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25% आयात शुल्क लगाने की घोषणा के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा वार किया। Trump tariff Akhilesh reaction अब सोशल मीडिया और सियासी बहस का प्रमुख विषय का हिस्सा बन चुका है।
Trump tariff Akhilesh reaction – अखिलेश ने क्यों साधा निशाना?

इसे पढ़ें गाव पालते साध्वी प्रज्ञा समेत सभी आरोपी बरी
ट्रंप ने सोशल पर लिखा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक बाजारों में से एक है, इसलिए “25% टैरिफ और पेनल्टी” लगाया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा – “सरकार वर्षों तक दोस्ती के दावे करती रही, लेकिन इस फैसले ने सच्चाई सामने ला दी। अब बुरे दिनों की शुरुआत हो गई है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र ने किसानों और छोटे व्यापारियों के हितों और अधिकारों की सुरक्षित रखने में पूरी तरह असफलता रहे है।
राजनीतिक चर्चा विपक्ष ने विदेश नीति की पारदर्शिता पर बहस को मजबूती दी सरकार की कूटनीति कमजोर दिख रही थी
आर्थिक संकेत भविष्य में नए व्यापार समझौते की संभावनाएं निर्यात और MSME सेक्टर पर बड़ा असर पड़ने की आशंका
जनता का हित दूध, कृषि जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का मौका कीमतों में बढ़ोतरी और रोजगार पर असर पड़ने का खतरा
अर्थव्यवस्था पर झटका
Trump tariff Akhilesh reaction ट्रंप के ऐलान के बाद Sensex करीब 800 अंक गिरा और Nifty में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
हीरे जवारत , इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि पर आधारित उद्योगों को सबसे ज्यादा नुकसान होने का डर है।
विदेशी निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और रुपये की कीमत में भी गिरावट आई।
Trump tariff Akhilesh reaction अखिलेश यादव के तीखे बयान
अखिलेश ने कहा – “सरकार ने 11 सालों तक दोस्ती का ढोल पीटा, लेकिन नतीजा यह निकला कि हम पर भारी टैरिफ लगा दिया गया। यह शुरुआत है, आगे क्या होगा कोई नहीं जानता।”
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी आयात से “non-veg milk” और अन्य उत्पाद भारतीय बाजार में घुसेंगे, जिससे किसानों का नुकसान होगा।
Trump tariff Akhilesh reaction विशेषज्ञों की राय
उद्योग जगत के बड़े संगठनों का कहना है कि यह स्थिति अल्पकालिक हो सकती है और अगस्त में होने वाली ट्रेड वार्ता में समाधान निकल सकता है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत को निर्यात बाजारों का विविधीकरण (diversification) करना होगा और MSMEs को बड़े पैमाने पर राहत पैकेज देने की जरूरत है।
Trump tariff Akhilesh reaction – व्यापक संदर्भ
ट्रंप प्रशासन रूस और भारत के ऊर्जा और रक्षा संबंधों को लेकर पहले से नाराज है।
यह टैरिफ फैसला BRICS देशों पर अमेरिकी दबाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भारत को अब अमेरिका के साथ नए सिरे से समझौता करने और घरेलू उद्योग की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
Trump tariff Akhilesh reaction और मुख्य संदेश
यह घटना एक wake‑up call है कि सिर्फ राजनयिक दोस्ती के भरोसे से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रिश्ते नहीं चलते।
Trump tariff Akhilesh reaction ने सरकार की विदेश नीति की रणनीति को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
यह फैसला दिखाता है कि विदेश नीति में बयानों से ज्यादा ठोस रणनीति की जरूरत होती है
अखिलेश यादव का हमला विपक्ष के लिए मजबूत राजनीतिक हथियार बन सकता है।
भारत के लिए जरूरी है कि वह तुरंत नीतिगत सुधार करे और प्रभावित उद्योगों को राहत दे, ताकि अर्थव्यवस्था पर इस झटके का असर कम हो सके।
Trump tariff Akhilesh reactionसमाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तंज काश्ते हुए मोदी सरकार पर यह इल्जाम लगाया है कि 11 साल से दोस्ती का राग अलापने वाले प्रधानमंत्री मोदी के वादे बिल्कुल खोखले कोई दोस्ती नहीं है और अगर दोस्ती होती तो ट्रंप भारत पर 25% का टैरिफ नहीं लगता उसके बाद भी प्रधानमंत्री मोदी माय फ्रेंड् ट्रंप का राग अलपटे हैं ट्रंप उन्हें भाव भी नहीं देता ऐसा इल्जाम लगाया है समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने