Integrated Township Gorakhpur गोरखपुर में निजी इंटीग्रेटेड टाउनशिप को ऐतिहासिक मंजूरी, 241 एकड़ में पहली बार बदलेगा शहरी विकास का मॉडल
Integrated Township Gorakhpur गोरखपुर में पहली बार निजी क्षेत्र की Integrated Township Gorakhpur को GDA की मंजूरी मिली है। 241 एकड़ में तीन बड़ी टाउनशिप परियोजनाएं शहर के रियल एस्टेट और लाइफस्टाइल को नया आयाम देंगी।
गोरखपुर के शहरी विकास इतिहास में पहली बार निजी क्षेत्र की Integrated Township Gorakhpur परियोजनाओं को आधिकारिक मंजूरी मिल गई है। गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने 241 एकड़ भूमि में फैली तीन बड़ी निजी टाउनशिप परियोजनाओं को लाइसेंस जारी कर दिया है। यह फैसला न सिर्फ शहर के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए मील का पत्थर साबित होगा, बल्कि गोरखपुर की लाइफस्टाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश संभावनाओं को भी पूरी तरह बदल देगा।
अब तक गोरखपुर में योजनाबद्ध आवासीय विकास पूरी तरह GDA की योजनाओं तक सीमित रहा है। निजी स्तर पर विकसित हुई अधिकतर कॉलोनियां या तो अवैध रहीं या फिर बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोगों के लिए परेशानी का कारण बनीं। न स्वीकृत लेआउट, न पक्की सड़कें, न नाली व्यवस्था और न ही कानूनी सुरक्षा। इसी वजह से हजारों लोगों को रजिस्ट्री, बिजली पानी और नगर सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ा। लेकिन अब Integrated Township Gorakhpur के आने से हालात बदलने वाले हैं।
GDA से लाइसेंस प्राप्त करने वाली तीन निजी कंपनियां शहर के अलग अलग रणनीतिक इलाकों में आधुनिक और गेटेड टाउनशिप विकसित करेंगी। ओमेक्स कंपनी सोनौली मार्ग पर ताल जहदा के पास लगभग 120 एकड़ भूमि में अपनी परियोजना उतारेगी। ऐश्प्रा ग्रुप देवरिया बाईपास के समीप ताल कंदला क्षेत्र में 75 एकड़ में टाउनशिप विकसित करेगा, जबकि जीत एसोसिएट्स रामनगर कड़जहा इलाके में करीब 46 एकड़ में इंटीग्रेटेड टाउनशिप तैयार करेगा। इन तीनों परियोजनाओं के साथ गोरखपुर में Integrated Township Gorakhpur का कॉन्सेप्ट पहली बार जमीन पर साकार होता दिखेगा।
इन टाउनशिप की सबसे बड़ी खासियत यह है, कि यहां केवल मकान या प्लॉट ही नहीं, बल्कि रहने के लिए पूरी लाइफस्टाइल और इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा। आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट्स के साथ स्कूल, अस्पताल, शॉपिंग एरिया, पार्क, ओपन ग्रीन जोन, चौड़ी सड़कें, बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और निर्बाध बिजली पानी की व्यवस्था होगी। यानी लोगों को शहर के भीतर ही एक आधुनिक मिनी सिटी जैसा अनुभव मिलेगा। यही वजह है, कि Integrated Township Gorakhpur को भविष्य का शहरी मॉडल माना जा रहा है।
GDA के नियमों के तहत इन सभी परियोजनाओं में लगभग 10 प्रतिशत क्षेत्र EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) और LIG (निम्न आय वर्ग) के लिए आरक्षित रहेगा। इससे कम आय वर्ग के लोगों को भी सुरक्षित, कानूनी और योजनाबद्ध आवास उपलब्ध हो सकेगा। यह फैसला सामाजिक संतुलन और समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, और Integrated Township Gorakhpur को आम लोगों से जोड़ता है।
GDA उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन के अनुसार तीनों निजी टाउनशिप परियोजनाओं को लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं और संबंधित कंपनियों को 15 दिनों के भीतर अपनी DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। DPR स्वीकृत होने के बाद रेरा से लेआउट अप्रूवल लिया जाएगा। इसके बाद Integrated Township Gorakhpur परियोजनाओं को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा और आम लोगों के लिए बुकिंग शुरू होगी।
इन इंटीग्रेटेड टाउनशिप परियोजनाओं से गोरखपुर के रियल एस्टेट बाजार में तेजी आने की पूरी उम्मीद है। जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ निर्माण कार्य, सुरक्षा, रखरखाव, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़े हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। जानकारों का मानना है कि Integrated Township Gorakhpur आने वाले समय में पूरे पूर्वांचल के लिए निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है।
कुल मिलाकर, निजी निवेश और GDA की निगरानी में विकसित हो रही ये टाउनशिप गोरखपुर को अवैध कॉलोनियों के दौर से निकालकर योजनाबद्ध, सुरक्षित और आधुनिक शहर की ओर ले जाएंगी। Integrated Township Gorakhpur न केवल रियल एस्टेट सेक्टर में नई क्रांति लाएगी, बल्कि गोरखपुर की पहचान को भी राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। परियोजनाओं से जुड़ी शर्तें, सुविधाएं और समय-सीमा संबंधित डेवलपर और प्राधिकरण द्वारा बदली जा सकती हैं। किसी भी निवेश से पहले संबंधित दस्तावेजों और आधिकारिक सूचनाओं की पुष्टि करना आवश्यक है।