Gram Panchayat Corruption Case, गाजीपुर पंचायत घोटाला, ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित

Written by: Tanu K

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Gram Panchayat Corruption Case: गाजीपुर में शासकीय धन के दुरुपयोग पर बड़ा एक्शन, ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज खरवार निलंबित

Gram Panchayat Corruption Case में गाजीपुर के सागापाली मुरार सिंह गांव में शासकीय धन के दुरुपयोग, फर्जी बिल बाउचर और निजी लाभ के आरोप में ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज खरवार निलंबित, डीपीआरओ रमेश चंद्र उपाध्याय की सख्त कार्रवाई

जब गांव के विकास के लिए आया सरकारी पैसा गलत इस्तेमाल का शिकार होता है, तो उसका खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ता है। गाजीपुर जिले से सामने आया Gram Panchayat Corruption Case भी कुछ ऐसा ही है, जहां शासकीय धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों में ग्राम पंचायत अधिकारी पर गाज गिर गई है। विकास खंड बाराचवर अंतर्गत ग्राम पंचायत सागापाली मुरार सिंह में तैनात ग्राम पंचायत अधिकारी नीरज खरवार को जिला पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद्र उपाध्याय ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Gram Panchayat Corruption Case, गाजीपुर पंचायत घोटाला, ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित
Gram Panchayat Corruption Case, गाजीपुर पंचायत घोटाला, ग्राम पंचायत अधिकारी निलंबित

जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से जारी आदेश के मुताबिक, नीरज खरवार पर ग्राम निधि की प्रशासनिक मद से अनियमित भुगतान करने, फर्जी बिल बाउचर प्रस्तुत करने और व्यक्तिगत लाभ लेने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस Gram Panchayat Corruption Case में पहले डीपीआरओ द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। 12 दिसंबर को प्रस्तुत स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाए जाने के बाद अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित की गई और निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि 21 नवंबर को ग्राम निधि प्रथम की प्रशासनिक मद से श्रीराम इंटरप्राइजेज, चरया गंगौली को 10,600 रुपये का गलत भुगतान किया गया। जब संबंधित बिल-बाउचरों की गहन जांच की गई तो प्रोपराइटर के हस्ताक्षरों में भिन्नता पाई गई और सामग्री विवरण सूची भी संदिग्ध मिली। इतना ही नहीं, प्रस्तुत बिल में दर्ज जीएसटी नंबर और ऑनलाइन प्रिंट में दर्शाए गए जीएसटी नंबर में भी अंतर पाया गया। इन तथ्यों ने Gram Panchayat Corruption Case को और मजबूत कर दिया।

मामले में एक और गंभीर आरोप यह है,कि श्रीराम इंटरप्राइजेज द्वारा 24 नवंबर 2025 को व्यक्तिगत लाभ के उद्देश्य से नीरज खरवार के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। शिकायतकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने 3 दिसंबर को इसकी शिकायत की, जिसके बाद उसी दिन संबंधित राशि वापस कर दी गई। हालांकि, प्रशासन का मानना है, कि रकम लौटाना आरोपों को खत्म नहीं करता। यही कारण है, कि इस Gram Panchayat Corruption Case में सख्त रुख अपनाया गया।

निलंबन के बाद नीरज खरवार को जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ) को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। खंड विकास अधिकारी बाराचवर सीमा ने भी पुष्टि की है,कि पंचायत सचिव नीरज खरवार को डीपीआरओ द्वारा निलंबित किया गया है। प्रशासन का साफ कहना है,कि जांच निष्पक्ष होगी और दोष सिद्ध होने पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह Gram Panchayat Corruption Case पंचायत स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।

गौरतलब है,कि बीते कुछ वर्षों में प्रदेश सरकार पंचायतों में वित्तीय अनुशासन और निगरानी को लेकर सख्त कदम उठा रही है। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है, कि शासकीय धन के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस नजरिये से देखें तो Gram Panchayat Corruption Case केवल एक व्यक्ति पर कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम को चेतावनी है।

Disclaimer: यह समाचार प्रशासनिक आदेशों, शिकायत और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर आधारित है। मामला जांचाधीन है। कानून के अनुसार दोष सिद्ध होने तक संबंधित अधिकारी को निर्दोष माना जाए 

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Tanu K

Tarannum, born on July 12, 1993, in the vibrant city of Gorakhpur, Uttar Pradesh, is a passionate content writer with a knack for storytelling. After earning her Bachelor’s in English from DDU, Gorakhpur, she dove into the world of words, driven by her love for crafting meaningful narratives. With seven years of experience, Tarannum has penned captivating content for niches like wellness, education, and e-commerce. Her writing is fresh, relatable, and SEO-savvy, connecting effortlessly with readers. From freelancing for local startups to strategizing content for a leading digital agency, she’s honed her skills in blogs, ad copy, and social media. In her downtime, Tarannum enjoys reading fiction and mentoring young writers, dreaming of stories that spark change.

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