UPSC ESE Topper 2025: बहराइच के मोहम्मद शाकिब बने देश के नंबर-1 इंजीनियर, IIT पटना से IES टॉप तक का सफर

Written by: Tanu K

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UPSC ESE Topper बहराइच के मोहम्मद शाकिब ने देश में रचा इतिहास, IIT पटना से IES टॉप तक का संघर्ष, पूरी रैंक लिस्ट के साथ

UPSC ESE Topper 2025 मोहम्मद शाकिब ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा में सिविल इंजीनियरिंग से पहला स्थान हासिल किया। जानिए उनकी पढ़ाई, संघर्ष, पूरी रैंक लिस्ट और UPSC परिणाम की सभी जानकारी।

जब किसी छोटे शहर से निकलकर कोई युवा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में पहला स्थान हासिल करता है, तो वह सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि पूरे समाज की उम्मीद बन जाता है। उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रहने वाले मोहम्मद शाकिब ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणामों में UPSC ESE Topper के रूप में मोहम्मद शाकिब ने सिविल इंजीनियरिंग स्ट्रीम में पूरे देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह सफलता अचानक नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे वर्षों की मेहनत, असफलताओं से सीख और लक्ष्य के प्रति अडिग संकल्प छिपा हुआ है।

UPSC ESE Topper 2025: बहराइच के मोहम्मद शाकिब बने देश के नंबर-1 इंजीनियर, IIT पटना से IES टॉप तक का सफर
UPSC ESE Topper 2025: बहराइच के मोहम्मद शाकिब बने देश के नंबर-1 इंजीनियर, IIT पटना से IES टॉप तक का सफर

संघ लोक सेवा आयोग ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2025 के ये नतीजे अगस्त में आयोजित लिखित परीक्षा और अक्टूबर नवंबर में हुए पर्सनैलिटी टेस्ट के आधार पर घोषित किए गए हैं। केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में इंजीनियरिंग सेवाओं के लिए कुल 458 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है। इस सूची में UPSC ESE Topper के रूप में मोहम्मद शाकिब का नाम सबसे ऊपर दर्ज है।

मोहम्मद शाकिब ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बहराइच में रहकर पूरी की। उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सेवेंथ डे पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने कठिन प्रतिस्पर्धा को पार करते हुए आईआईटी पटना में सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक में दाखिला लिया। IIT से पढ़ाई पूरी करने के बाद ही उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। खास बात यह है, कि वे पहली ही बार में टॉपर नहीं बने, बल्कि पहले प्रयासों में उन्होंने गलतियों से सीख ली।

इससे पहले मोहम्मद शाकिब इसी परीक्षा में 15वीं रैंक हासिल कर चुके थे। उस समय वे डिफेंस सेवा के लिए चयनित हुए थे और प्रशिक्षण भी ले रहे थे। हालांकि उनका सपना रेलवे सेवा में जाकर देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में योगदान देने का था। इसी वजह से उन्होंने 2025 में दोबारा परीक्षा दी और अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार करते हुए UPSC ESE Topper बनने का गौरव हासिल किया। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसने यह साबित कर दिया कि निरंतर प्रयास और धैर्य से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

शाकिब के पिता शकील अहमद मेकरानी पेशे से राइस और दाल मिलर हैं। वे गल्ला उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष भी हैं। उनका कहना है, कि शाकिब शुरुआती दौर में पढ़ाई में बहुत तेज नहीं था, लेकिन परिवार ने कभी उसका आत्मविश्वास टूटने नहीं दिया। पिता बताते हैं,कि महज एक साल कोटा में रहकर कोचिंग लेने के बाद शाकिब ने IIT क्वालिफाई कर लिया था। IIT पटना से बीटेक करने के बाद दो साल में ही 15वीं रैंक हासिल करना और फिर टॉप करना असाधारण उपलब्धि है।

परिवार में शिक्षा का माहौल है। शाकिब का एक भाई डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से एमबीबीएस कर रहा है और फिलहाल इंटर्नशिप में है, जबकि बहन लखनऊ में बीयूएमएस की पढ़ाई कर रही है।

UPSC द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा 2025 के माध्यम से 554 रिक्तियों को भरने की घोषणा की गई थी। इनमें सिविल इंजीनियरिंग में 251, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार में 134, इलेक्ट्रिकल में 97 और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 72 पद शामिल थे। अंतिम रूप से 458 उम्मीदवारों की सिफारिश की गई है।

UPSC ESE Topper आयोग ने यह भी बताया कि चयनित उम्मीदवारों में 26 अभ्यर्थी बेंचमार्क विकलांग श्रेणी से हैं। वहीं 102 उम्मीदवारों की उम्मीदवारी अस्थायी रखी गई है, जो दस्तावेज सत्यापन के अधीन है। ये आंकड़े भविष्य में परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

UPSC ESE Topper सिविल इंजीनियरिंग स्ट्रीम में पहले 20 टॉपर्स की सूची में पहले स्थान पर रोल नंबर 2602186 के साथ मोहम्मद शाकिब का नाम दर्ज है। दूसरे स्थान पर प्रखर श्री और तीसरे स्थान पर अर्जुन शर्मा रहे। इसके बाद उष्णीश नंदन, केशव, स्पेस गुप्ता, तुषार अग्रवाल, आयुष जैन, आदित्य प्रताप सिंह और पुष्पेंद्र कुमार राठौड़ जैसे नाम शामिल हैं। इस पूरी सूची में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली युवाओं ने जगह बनाई है।

UPSC ESE Topper मैकेनिकल इंजीनियरिंग में निमेश चंद्रा ने पहला स्थान प्राप्त किया है। दूसरे स्थान पर अशोक कुमार और तीसरे स्थान पर हरि सिंह रहे। वहीं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में राजन कुमार ने टॉप किया, जबकि विष्णु सैनी दूसरे और ओम प्रकाश राजपूत तीसरे स्थान पर रहे। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं दूरसंचार इंजीनियरिंग में उत्कर्ष पाठक ने पहला स्थान हासिल किया है। ये सभी नाम UPSC की ओर से जारी आधिकारिक मेरिट सूची में दर्ज हैं।

UPSC ESE Topper बने मोहम्मद शाकिब की सफलता सिर्फ एक रैंक नहीं है, बल्कि यह उन लाखों युवाओं के लिए संदेश है, जो बार बार असफल होने के बाद हिम्मत हार जाते हैं। यह कहानी बताती है, कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, रणनीति सही हो और मेहनत लगातार जारी रहे, तो देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में भी शीर्ष स्थान पाया जा सकता है।

इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, रक्षा और संचार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए रीढ़ मानी जाती है। ऐसे में इस परीक्षा में चयनित अधिकारी देश के विकास में सीधी भूमिका निभाते हैं।

आज बहराइच में मोहम्मद शाकिब की सफलता पर जश्न का माहौल है। मोहल्ले से लेकर जिले तक लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। मिठाइयां बांटी जा रही हैं,और युवा उनसे प्रेरणा ले रहे हैं। UPSC ESE Topper के रूप में उनका नाम आने वाले वर्षों तक छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। यह सफलता साबित करती है, कि बड़े सपने छोटे शहरों से भी पूरे हो सकते हैं।

Disclaimer यह लेख संघ लोक सेवा आयोग द्वारा जारी आधिकारिक परिणामों, प्रेस रिलीज और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सूचनाओं पर आधारित है। रैंक, नियुक्ति और सेवा से जुड़ा अंतिम निर्णय UPSC और भारत सरकार के नियमों के अनुसार ही मान्य होगा।

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Tanu K

Tarannum, born on July 12, 1993, in the vibrant city of Gorakhpur, Uttar Pradesh, is a passionate content writer with a knack for storytelling. After earning her Bachelor’s in English from DDU, Gorakhpur, she dove into the world of words, driven by her love for crafting meaningful narratives. With seven years of experience, Tarannum has penned captivating content for niches like wellness, education, and e-commerce. Her writing is fresh, relatable, and SEO-savvy, connecting effortlessly with readers. From freelancing for local startups to strategizing content for a leading digital agency, she’s honed her skills in blogs, ad copy, and social media. In her downtime, Tarannum enjoys reading fiction and mentoring young writers, dreaming of stories that spark change.

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