CBI Trap Jhansi GST Case आठ दिन की गुप्त सौदेबाजी, फिर CBI का सटीक वार, झांसी GST की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी 70 लाख की रिश्वत के साथ गिरफ्तार
CBI Trap Jhansi GST Case में बड़ा खुलासा, आठ दिन चली डीलिंग के बाद झांसी GST की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी और सहयोगी रिश्वत लेते गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के झांसी में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। CBI Trap Jhansi GST Case में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने सीजीएसटी विभाग की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को उनके सहयोगियों समेत रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। यह कोई अचानक की गई कार्रवाई नहीं थी, बल्कि करीब आठ दिनों तक चली गुप्त डीलिंग, रिकॉर्ड की गई बातचीत और पुख्ता इनपुट के बाद सीबीआई ने ऐसा जाल बुना कि आरोपी बच नहीं पाए।
सूत्रों के मुताबिक, एक हार्डवेयर कारोबारी के यहां करोड़ों रुपये की कथित कर चोरी के मामले में राहत दिलाने के बदले डेढ़ करोड़ रुपये की डील तय हुई थी। इसी डील की पहली किस्त के तौर पर 70 लाख रुपये लिए जा रहे थे। यही रकम CBI Trap Jhansi GST Case में निर्णायक सबूत बनी।
सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच को जैसे ही शिकायत मिली, टीम ने बिना किसी स्थानीय प्रशासनिक मदद के पूरे नेटवर्क की निगरानी शुरू कर दी। फोन कॉल, मुलाकातें, लेन-देन और बीच के दलाल हर कड़ी को खामोशी से जोड़ा गया। आठ दिन तक चले इस ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह सीबीआई ने एक साथ कई जगह दबिश देकर पूरे गिरोह को धर दबोचा।
इस CBI Trap Jhansi GST Case में डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी को उनके दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया, जबकि झांसी में तैनात दो अधीक्षक, जीएसटी मामलों का अधिवक्ता नरेश कुमार गुप्ता और जय दुर्गा हार्डवेयर का मालिक राजू मंगनानी झांसी से पकड़े गए। सभी आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है, जहां उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।
जांच में सामने आया है, कि इस पूरे खेल का संचालन एक जीएसटी अधिवक्ता कर रहा था, जो व्यापारी और अधिकारियों के बीच सौदे की बातचीत को आगे बढ़ा रहा था। जय दुर्गा हार्डवेयर पर सेंट्रल जीएसटी की छापेमारी के बाद दबाव बनाने और मामले को कमजोर करने के लिए रिश्वत की मांग शुरू हुई। यही डील आगे चलकर CBI Trap Jhansi GST Case का केंद्र बिंदु बन गई।
बुधवार तड़के सीबीआई की टीमों ने झांसी में कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सीपरी बाजार, सेवाराम मिल कंपाउंड, आरएनएस वर्ल्ड स्कूल क्षेत्र और इलाहाबाद बैंक तिराहे के आसपास कार्रवाई की गई। छापेमारी के दौरान व्यापारी और अधिवक्ता ने भागने की कोशिश की, जिसमें व्यापारी के पैर में चोट लगने की भी खबर है।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है, कि इस CBI Trap Jhansi GST Case में हर कदम कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाया गया। ऑपरेशन इतना गोपनीय रखा गया कि विभाग के भीतर किसी को भनक तक नहीं लगी। यही वजह रही कि पूरा नेटवर्क एक साथ पकड़ में आ गया।
यह कार्रवाई सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे उन लोगों के लिए सख्त संदेश है, जो पद का इस्तेमाल कर कानून को कमजोर समझते हैं। CBI Trap Jhansi GST Case ने यह साफ कर दिया है,कि रिश्वत, सिफारिश और सौदेबाजी अब सुरक्षित रास्ते नहीं रहे।
योगी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती के दावों के बीच यह केस बेहद अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है,कि आने वाले दिनों में CBI Trap Jhansi GST Case से जुड़े और भी नाम सामने आ सकते हैं, क्योंकि जांच अभी जारी है।
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