Draft Voter List SIR अभियान तेज: हर बूथ पर फिर पढ़ी जा रही मसौदा मतदाता सूची, चुनाव आयोग ने नोटिस का प्रारूप किया सार्वजनिक
Draft Voter List SIR उत्तर प्रदेश में SIR के तहत BLO हर बूथ पर Draft Voter List पढ़कर सुना रहे हैं। चुनाव आयोग ने नोटिस का सैंपल जारी किया है। महिला मतदाताओं की घटती संख्या पर भी बढ़ी चिंता।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में Special Intensive Revision (SIR) अभियान के तहत एक बार फिर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की कवायद तेज हो गई है। रविवार को प्रदेश के हर मतदान केंद्र पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) पहुंचे और सुबह 11 बजे से Draft Voter List SIR को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाना शुरू किया। यह प्रक्रिया शाम 4 बजे तक चली।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है,कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से छूट न जाए और यदि कोई त्रुटि हो तो उसे समय रहते सुधारा जा सके।
चुनाव आयोग ने दिखाया नोटिस का सैंपल
इस बीच चुनाव आयोग ने उन मतदाताओं को भेजे जाने वाले नोटिस का प्रारूप (Sample Notice) भी सार्वजनिक कर दिया है। आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से नोटिस का नमूना साझा किया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किन परिस्थितियों में मतदाता को सूचना दी जा रही है।
यह नोटिस विशेष रूप से उन मामलों में भेजा जा रहा है, जहां Draft Voter List SIR में नामों की मैपिंग पिछली मतदाता सूची से मेल नहीं खा पाई है।
किन कारणों से नाम सूची से बाहर
चुनाव आयोग के अनुसार, मसौदा मतदाता सूची से बाहर किए गए नामों के पीछे कई कारण सामने आए हैं, जिनमें शामिल हैं,
मृत मतदाता
लंबे समय से अनुपस्थित व्यक्ति
एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होना
स्थानांतरण के बाद जानकारी अपडेट न होना
गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर बीएलओ को वापस न करना
इन सभी मामलों में Draft Voter List SIR के तहत मतदाताओं को जवाब देने और स्थिति स्पष्ट करने का अवसर दिया जा रहा है।
नाम जोड़ने और संशोधन का खुला अवसर
प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि यह अभियान केवल नाम हटाने के लिए नहीं है, बल्कि योग्य मतदाताओं को जोड़ने और विवरण सुधारने का भी पूरा मौका देता है।
यदि किसी नागरिक का नाम Draft Voter List SIR में नहीं है, तो वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन कर सकता है।
महिला मतदाताओं की संख्या में भारी गिरावट
SIR अभियान के आंकड़ों ने एक गंभीर तस्वीर भी सामने रखी है।
इस दौरान 1.54 करोड़ महिला मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जो पुरुष मतदाताओं की तुलना में लगभग 21 लाख अधिक हैं।
यह स्थिति प्रदेश की मतदाता संरचना को लेकर नई बहस को जन्म दे रही है।
लिंगानुपात और क्षेत्रीय असंतुलन
एसआईआर से पहले प्रति हजार पुरुषों पर महिला मतदाताओं की संख्या 877 थी, जो अब घटकर 824 रह गई है।
6 जनवरी को जारी Draft Voter List SIR के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुष मतदाता 1.20 करोड़ अधिक दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा
शहरी क्षेत्रों में मतदाता संख्या में 28% तक की कमी
ग्रामीण क्षेत्रों में 15.23% की गिरावट
ने प्रशासन और राजनीतिक हलकों की चिंता बढ़ा दी है।
चुनाव आयोग का स्पष्ट संदेश
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि Draft Voter List SIR का उद्देश्य किसी का मताधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को निष्पक्ष, त्रुटिरहित और भरोसेमंद बनाना है। आयोग का कहना है,कि सभी योग्य नागरिकों को नाम जुड़वाने का पूरा अवसर दिया जा रहा है।
यह लेख चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं व सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित है। मतदाता सूची से संबंधित अंतिम निर्णय के लिए संबंधित निर्वाचन कार्यालय की अधिसूचना ही मान्य होगी।