Gorakhpur teachers protest 2025 गोरखपुर में शिक्षकों का दर्द फूटा: “हमारा भविष्य मत कुचलो”, 16 सितम्बर को सड़कों पर उतरेगा शिक्षक समाज

Written by: akhtar husain

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Gorakhpur teachers protest 2025 गोरखपुर में शिक्षकों का दर्द फूटा: “हमारा भविष्य मत कुचलो”, 16 सितम्बर को सड़कों पर उतरेगा शिक्षक समाज

Gorakhpur teachers protest 2025 गोरखपुर में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षकों और शिक्षामित्रों ने टीईटी अनिवार्यता के फैसले को अन्यायपूर्ण बताया। 16 सितम्बर को जिला मुख्यालय पर विशाल प्रदर्शन होगा।

Gorakhpur teachers protest 2025 गोरखपुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ज़िला कार्यकारिणी की बैठक रविवार को गोरखपुर के शिक्षक भवन में आयोजित हुई। अध्यक्षता ज़िलाध्यक्ष राजेश धर दूबे ने की। इस बैठक में जो भावनाएँ उमड़ीं, वह साफ़ दिखा रही थीं कि सरकार के टीईटी अनिवार्यता वाले फैसले ने शिक्षकों और शिक्षामित्रों का दिल तोड़ दिया है।

बैठक में बार-बार यही स्वर गूंजा –
“हमने अपने जीवन के सुनहरे साल बच्चों को पढ़ाने में दे दिए, अब हमें हमारी पहचान और नौकरी पर संकट क्यों?”

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Gorakhpur teachers protest 2025

 

संघ के ज़िलाध्यक्ष राजेश धर दूबे ने कहा कि यह फैसला शिक्षक समाज की आत्मा पर प्रहार है। उन्होंने कहा –
“शिक्षक केवल नौकरी नहीं करता, वह पीढ़ियाँ गढ़ता है। लेकिन आज शिक्षक का ही भविष्य अनिश्चित बना दिया गया है।”

Gorakhpur teachers protest 2025 उन्होंने घोषणा की कि 16 सितम्बर 2025 को जिले के सभी शिक्षक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्र होंगे और अपनी गर्जना से सरकार को संदेश देंगे।

“दिल्ली तक जाएंगे, लेकिन चुप नहीं रहेंगे”

मंडलीय मंत्री एवं जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र ओझा ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ़ कागज़ पर नहीं लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा –
“आज शिक्षक समाज निराश है, लेकिन टूटा नहीं है। हम गोरखपुर से निकलकर लखनऊ तक जाएंगे और जरूरत पड़ी तो दिल्ली की सड़कों पर भी डेरा डालेंगे। यह आवाज़ अब दबने वाली नहीं है।”

Gorakhpur teachers protest 2025  शिक्षामित्रों का दर्द

बैठक में मौजूद एक शिक्षामित्र की आंखों में आंसू थे। उन्होंने कहा।
“हमने गाँव-गाँव जाकर शिक्षा की मशाल जलायी। मिट्टी के घरों में बैठकर बच्चों को पढ़ाया, अंधेरे में लालटेन की रोशनी में कॉपी जांची। अब हमसे कहा जा रहा है,कि अगर टीईटी पास नहीं किया तो आप योग्य नहीं। क्या हमारी सालों की सेवा का कोई मूल्य नहीं?”

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उनकी इस बात पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा, लेकिन इन तालियों में गुस्सा और पीड़ा दोनों थी।

  Gorakhpur teachers protest 2025 आंदोलन की रणनीति

संघ की रणनीति साफ है – पहले चरण में 16 सितम्बर को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन, फिर प्रदेश व्यापी आंदोलन और अंत में दिल्ली तक मार्च।
संघ का कहना है,कि यह आंदोलन सिर्फ़ नौकरी बचाने का नहीं, बल्कि सम्मान और अस्तित्व की लड़ाई है।

“शिक्षक कमजोर नहीं, बदलाव की धुरी है”

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बैठक का संचालन संयुक्त मंत्री युगेश शुक्ला ने किया। उन्होंने कहा –
“शिक्षक समाज कभी कमजोर नहीं रहा। जिस दिन यह समाज सड़कों पर उतरेगा, उसी दिन देश और प्रदेश की राजनीति की दिशा बदल जाएगी।”

Gorakhpur teachers protest 2025 उन्होंने अपील की कि 16 सितम्बर को हर ब्लॉक से शिक्षक गोरखपुर जिला मुख्यालय पर पहुँचें और इस आंदोलन को ऐतिहासिक बनाएं।

गोरखपुर की यह बैठक अब केवल एक सभा नहीं रह गई। यह शिक्षक समाज की पुकार बन चुकी है।
सरकार के फैसले ने उन्हें चोट पहुँचाई है, लेकिन यही चोट अब आंदोलन की ताकत बनेगी।

16 सितम्बर को गोरखपुर की सड़कों पर जब हजारों शिक्षक एक स्वर में कहेंगे –
“हमारा भविष्य मत कुचलो, हमारी सेवा का सम्मान करो”
तो यह आवाज़ सिर्फ़ गोरखपुर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे प्रदेश और फिर दिल्ली तक गूंजेगी।

लेखक की राय

शिक्षक और शिक्षामित्र हमारे समाज की रीढ़ हैं। उनके बिना शिक्षा की कल्पना अधूरी है। आज जब वही लोग अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, तो यह केवल उनकी नहीं बल्कि पूरे समाज की हार है। सरकार को चाहिए कि वह उनके वर्षों के योगदान का सम्मान करे और जल्द कोई संवेदनशील समाधान निकाले। आंदोलन और टकराव किसी भी समस्या का स्थायी हल नहीं हैं। शिक्षक समाज की पीड़ा को समझकर यदि संवैधानिक रास्ता निकाला जाए तो यह न केवल शिक्षा जगत बल्कि देश के भविष्य के लिए भी शुभ संकेत होगा।

 

 

akhtar husain

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