Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़!

Written by: akhtar husain

Published on:

Google News
Follow Us

Gorakhpur Heritage Corridor प्रोजेक्ट के तहत घंटाघर से पांडेयहाता तक 50 मकानों पर बुलडोजर चला। गोरखपुर विरासत गलियारा का निर्माण फिर शुरू, सोमवार को अगली कार्रवाई की तैयारी

 विकास की नई शुरुआत: प्रशासन की सख्ती से बदल रहा शहर का चेहरा

गोरखपुर में रविवार को प्रशासन ने Gorakhpur Heritage Corridor प्रोजेक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की। सुबह करीब 10:30 बजे एसडीएम सदर दीपक गुप्ता और PWD के अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ नार्मल तिराहे पहुंचे।

थोड़ी देर बाद पांडेयहाता की ओर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान करीब 50 मकानों पर बुलडोजर चला। ये सभी मकान गोरखपुर विरासत गलियारा के रास्ते में बाधा बने हुए थे।
मकान मालिकों ने सड़क के हिस्से को खाली नहीं किया था, जिसके कारण Gorakhpur Heritage Corridor का काम रुक गया था। दोपहर तक सड़क का पूरा हिस्सा खाली करा लिया गया और निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की तैयारी हो गई।

 घंटाघर की ओर बढ़ेगा बुलडोजर: सोमवार को भी जारी रहेगा अभियान

Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़
Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़

अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि Gorakhpur Heritage Corridor से जुड़ी सभी बाधाएँ हटाई जा रही हैं। सोमवार को नार्मल तिराहे से घंटाघर तक बुलडोजर अभियान जारी रहेगा।

इसे पढ़ें Gorakhpur Zoo Lion Death गोरखपुर चिड़ियाघर में बब्बर शेर की मौत: बीमारी या लापरवाही? वन्यजीव संरक्षण पर उठे गंभीर सवाल

इस दौरान बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित रहेगी ताकि काम सुरक्षित ढंग से पूरा हो सके। इस पूरे अभियान में AE वत्सल श्रीवास्तव, मुकेश झा, JE विद्या सागर मिश्र, तैय्यब अंसारी और अनिल यादव, तथा पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन का संदेश साफ है “अब गोरखपुर विरासत गलियारा में कोई अवैध निर्माण नहीं बचेगा।”

 क्या है Gorakhpur Heritage Corridor प्रोजेक्ट

Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़
Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़

Gorakhpur Heritage Corridor शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सौंदर्य को फिर से जीवित करने का सपना है। इस प्रोजेक्ट के तहत घंटाघर से पांडेयहाता तक का इलाका पूरी तरह बदला जाएगा।

यहां सड़क चौड़ीकरण, नई लाइटिंग, आकर्षक फुटपाथ और पुरानी इमारतों की मरम्मत जैसे कार्य किए जा रहे हैं। गोरखपुर विरासत गलियारा बनने के बाद यह क्षेत्र एक टूरिस्ट आकर्षण केंद्र बन जाएगा।

प्रशासन का लक्ष्य है कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से Gorakhpur Heritage Corridor को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सांस्कृतिक पहचान मिले।

 अतिक्रमण हटाने के पीछे की वजह

Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़
Gorakhpur Heritage Corridor: घंटाघर से पांडेयहाता तक चला बुलडोजर, 50 मकान ढहे  अब अगली कार्रवाई की तैयारी तेज़

कई महीनों से Gorakhpur Heritage Corridor का काम रुका हुआ था क्योंकि सड़क किनारे अवैध निर्माण खड़े हो गए थे। लोगों ने सार्वजनिक रास्तों पर कब्जा कर लिया था।

प्रशासन ने कई बार नोटिस दिए, पर सुधार नहीं हुआ। अंततः रविवार को कार्रवाई करनी पड़ी। इस अभियान से गोरखपुर विरासत गलियारा के विकास में आई रुकावटें अब खत्म हो गई हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई जनहित और विकास दोनों के लिए जरूरी थी। अब शहर की सड़कों पर यातायात सुचारु रहेगा और Gorakhpur Heritage Corridor का काम तेजी से आगे बढ़ेगा।

इसे भी पढ़ें Virasat Galiyara बड़ा खुलासा गोरखपुर विरासत गलियारे की सड़क हो सकती है और भी चौड़ी

 दिसंबर तक पूरा होगा पहला फेज़

गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) और PWD का लक्ष्य है,कि दिसंबर 2025 तक Gorakhpur Heritage Corridor का पहला चरण पूरा हो जाए।
इसके बाद यहां ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइटिंग, फुटपाथ और सीवेज लाइन का काम शुरू होगा।

स्थानीय नागरिकों का कहना है,कि “गोरखपुर विरासत गलियारा पूरा होने पर शहर को नई पहचान मिलेगी।”
पर्यटन और व्यापार दोनों में वृद्धि होगी, जिससे हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

 गोरखपुर का भविष्य अब विरासत से जुड़ा है

Gorakhpur Heritage Corridor सिर्फ एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि यह शहर की आत्मा को आधुनिकता से जोड़ने वाला प्रतीक है। यह गलियारा आने वाली पीढ़ियों को गोरखपुर विरासत गलियारा की ऐतिहासिक चमक और आधुनिकता का संतुलन दिखाएगा।

प्रशासन की सख्ती यह संदेश देती है  “अब विकास रुकेगा नहीं, अतिक्रमण झुकेगा।”शहर की नई पहचान अब Gorakhpur Heritage Corridor ही बनेगा।

 डिस्क्लेमर यह लेख प्रशासनिक स्रोतों और स्थानीय अपडेट्स पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सूचनात्मक और निष्पक्ष रिपोर्टिंग है। इसमें किसी व्यक्ति या संस्था के प्रति कोई पूर्वाग्रह शामिल नहीं है।

 

akhtar husain

न्यूज़ दिल से भारत के पाठकों से अनुरोध है कि अगर आप सच्ची और अच्छी ख़बरें पढ़ना चाहते हैं तो न्यूज़ दिल से भारत को सहयोग करें ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने में हमारे सामने जो बाधाये आती है हम उनको पार कर सके सच्ची और अच्छी खबरें आप तक पहुंचा सके

For Feedback - newsdilsebharat@gmail.com