Bangalore CBI Raid: केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (CPRI) के संयुक्त निदेशक राजाराम मोहनराव चेनु के घर छापा, तीन सूटकेस से 3.76 करोड़ नकद बरामद
Bangalore CBI Raid में बड़ा खुलासा, ऊर्जा मंत्रालय के अधीन CPRI के संयुक्त निदेशक राजाराम मोहनराव चेनु के घर छापेमारी, तीन सूटकेस से 3.76 करोड़ रुपये नकद जब्त
नई दिल्ली/बेंगलुरु भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई को अंजाम दिया है। Bangalore CBI Raid के तहत सीबीआई ने केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (Central Power Research Institute CPRI) में तैनात संयुक्त निदेशक (Joint Director) राजाराम मोहनराव चेनु को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है।
यह मामला भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय (Ministry of Power) के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठित संस्थान CPRI से जुड़ा है। आरोप है, कि राजाराम मोहनराव चेनु ने एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले 9.5 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसी शिकायत के आधार पर CBI ने ट्रैप और सर्च ऑपरेशन की योजना बनाई।
रिश्वत का मामला और CBI का ट्रैप
सीबीआई को शिकायत मिली थी कि CPRI में तकनीकी और व्यावसायिक कार्यों से जुड़े टेंडर और मंजूरी प्रक्रिया में भ्रष्टाचार किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि संयुक्त निदेशक राजाराम मोहनराव चेनु ने एम/एस सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनियों के निदेशक अतुल खन्ना से रिश्वत की मांग की थी।
इसी आधार पर Bangalore CBI Raid के तहत सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की।
तीन सूटकेस और करोड़ों की नकदी
छापेमारी के दौरान जो सामने आया, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। CBI को अधिकारी के आवास से कुल 3 करोड़ 76 लाख रुपये नकद बरामद हुए। यह पूरी रकम तीन बड़े सूटकेस में भरकर रखी गई थी। नोटों की गड्डियां इस तरह ठूंस-ठूंसकर रखी गई थीं, मानो यह काली कमाई लंबे समय तक छिपाकर रखने की तैयारी हो।
Bangalore CBI Raid के दौरान नकदी की गिनती में घंटों का समय लगा और मौके पर मौजूद अधिकारियों को भी पसीने आ गए।
दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार
सीबीआई ने इस मामले में अतुल खन्ना, निदेशक एम/एस सुधीर ग्रुप ऑफ कंपनियाँ, को भी सह आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का मानना है,कि सरकारी अधिकारी और निजी कंपनी के बीच आपराधिक साठगांठ के जरिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया गया।
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Bangalore CBI Raid यह स्पष्ट करता है, कि यह मामला केवल व्यक्तिगत भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
किस विभाग का मामला है, पूरी जानकारी
संस्थान: Central Power Research Institute (CPRI)
मंत्रालय: Ministry of Power, Government of India
पद: Joint Director
आरोपी अधिकारी: राजाराम मोहनराव चेनु
निजी कंपनी: M/s Sudhir Group of Companies
दूसरा आरोपी: अतुल खन्ना (Director)
सिस्टम में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ CPRI बल्कि ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े अन्य विभागों में भी हड़कंप मच गया है। करोड़ों की नकदी की बरामदगी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है, कि सरकारी संस्थानों में बैठे अधिकारी किस तरह भरोसे को बेच रहे हैं। Bangalore CBI Raid ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भ्रष्टाचार अब फाइलों तक सीमित नहीं, बल्कि सूटकेस में भरकर घरों तक पहुंच चुका है।
CBI अब बरामद नकदी के स्रोत, संपत्ति विवरण और बैंक लेन-देन की गहन जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है, कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
डिस्क्लेमर
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