Cooperative Bank Scam कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में सख्त एक्शन, गोंडा में 21 करोड़ के मामले में मैनेजर समेत चार की बर्खास्तगी की तैयारी
Cooperative Bank Scam गोंडा कोऑपरेटिव बैंक की शाखा में हुए 21 करोड़ रुपये के घोटाले में मुख्य प्रबंधक समेत चार कर्मचारियों को बर्खास्त करने की तैयारी है। दो सदस्यीय जांच टीम गठित, रिकवरी के लिए संपत्ति कुर्की की कार्रवाई संभव।
गोंडा की कोऑपरेटिव बैंक शाखा में सामने आए 21 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले ने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस Cooperative Bank Scam में शामिल मुख्य प्रबंधक समेत चार कर्मचारियों को बर्खास्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दो सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जो घोटाले की पूरी परतें खोलने का काम करेगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस Cooperative Bank Scam में आरोपित अधिकारियों से सरकारी धन की रिकवरी के लिए उनकी चल अचल संपत्तियों की कुर्की भी की जा सकती है। रिकवरी की जिम्मेदारी संयुक्त आयुक्त लखनऊ मंडल रत्नाकर सिंह को सौंपी गई है। सहकारिता विभाग का स्पष्ट कहना है,कि नुकसान की भरपाई हर हाल में की जाएगी और दोषियों को किसी भी स्तर पर राहत नहीं मिलेगी।
इसी बीच, देवीपाटन मंडल में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई जा रही जीरो टॉलरेंस नीति के तहत पुलिस विभाग में भी बड़ी कार्रवाई हुई है। एक लाख रुपये की रिश्वत लेकर आरोपी को थाने से छोड़ने के मामले में थाना मटेरा के थानाध्यक्ष, एक दरोगा और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधी हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत के बाद की गई।
जांच में सामने आया कि पश्चिम बंगाल के थाना मध्यमग्राम में दर्ज अपहरण के एक मामले में अपहृता की बरामदगी के बाद आरोपी को थाने लाया गया था, लेकिन कथित तौर पर एक लाख रुपये लेकर उसे छोड़ दिया गया। गोपनीय जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने सख्त कदम उठाया। यह कार्रवाई भी कहीं न कहीं Cooperative Bank Scam जैसे मामलों पर सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
आईजी देवीपाटन मंडल अमित पाठक ने साफ कहा है,कि भ्रष्टाचार चाहे बैंकिंग सिस्टम में हो या पुलिस विभाग में, किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि Cooperative Bank Scam की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और हर दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।
गोंडा में सामने आया यह Cooperative Bank Scam न केवल सहकारी बैंकिंग व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी झकझोरता है। विशेषज्ञों का मानना है, कि इस तरह के मामलों में बर्खास्तगी, संपत्ति कुर्की और कानूनी कार्रवाई ही भविष्य में घोटालों पर लगाम लगा सकती है।
प्रशासन का दावा है,कि Cooperative Bank Scam की जांच में किसी भी स्तर पर दबाव या सिफारिश को जगह नहीं दी जाएगी। वहीं पुलिस विभाग में रिश्वतखोरी पर हुई त्वरित कार्रवाई ने यह संकेत दे दिया है, कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार के मामलों में और भी सख्ती देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, गोंडा का Cooperative Bank Scam और पुलिस विभाग में हुई कार्रवाई यह साफ दर्शाती है कि सरकार और प्रशासन अब भ्रष्टाचार पर आर पार के मूड में हैं,और दोषियों को बख्शने का दौर खत्म हो चुका है।
Disclaimer
यह समाचार आधिकारिक सूचनाओं, जांच एजेंसियों और प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। सभी मामले जांचाधीन हैं। आरोपी को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार न्यायालय को है। किसी व्यक्ति या संस्था की छवि को ठेस पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है।
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