गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर भरोसे की लूट, निवेशकों के करोड़ों लेकर फरार कंपनी Gorakhpur Gold Trading Scam से मचा हड़कंप
2–4% मासिक रिटर्न का झांसा देकर करोड़ों हड़पे गए। गोरखपुर में सामने आया Gorakhpur Gold Trading Scam, पुलिस जांच में जुटी।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया है, जिसने सैकड़ों परिवारों की आर्थिक नींव हिला दी है। गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर मोटा और “सुनिश्चित” मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर निवेशकों से करोड़ों रुपये इकट्ठा किए गए और फिर कंपनी संचालक अचानक गायब हो गए। यह मामला अब Gorakhpur Gold Trading Scam के रूप में पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुका है।
कैसे रची गई ठगी की पूरी योजना
टीआरएक्स ट्रेडिंग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड ने खुद को एक भरोसेमंद और सुरक्षित निवेश कंपनी के रूप में प्रस्तुत किया। कंपनी का दावा था कि वह गोल्ड प्रोडक्ट के क्रय-विक्रय और ट्रेडिंग के जरिए हर महीने दो से चार प्रतिशत तक का रिटर्न देती है। “जोखिम बिल्कुल नहीं” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर निवेशकों का भरोसा जीता गया। यही रणनीति Gorakhpur Gold Trading Scam की असली जड़ साबित हुई।
कहां और किन लोगों के जरिए चलता था कारोबार
कंपनी का कार्यालय गोरखपुर के देवरिया बाईपास रोड स्थित भगत चौराहा के पास एचडीएफसी बैंक की बिल्डिंग में संचालित हो रहा था। कंपनी के संचालन में कुशीनगर के रामकोला लाला छपरा निवासी अशोक कुमार शर्मा (मैनेजिंग डायरेक्टर), रानी शर्मा (डायरेक्टर), जितेंद्र शर्मा, पारस नाथ शर्मा और देवरिया के खेराट बंजारिया निवासी अनिल शर्मा की भूमिका बताई जा रही है। इन्हीं नामों के इर्द-गिर्द Gorakhpur Gold Trading Scam की पूरी कहानी घूमती है।
पहले मुनाफा, फिर बढ़ता गया लालच
पीड़ित निवेशकों के अनुसार शुरुआत में कुछ लोगों को समय पर आंशिक लाभ दिया गया। इससे कंपनी पर भरोसा और गहरा हुआ। लोगों ने अपनी बचत, पेंशन, कर्ज और यहां तक कि जमीन बेचकर भी पैसा लगा दिया। निवेश की रकम जैसे-जैसे बढ़ती गई, वैसे-वैसे Gorakhpur Gold Trading Scam का दायरा भी फैलता चला गया।
अचानक बंद हुआ ऑफिस, फोन भी बंद
करीब तीन महीने पहले कंपनी का कार्यालय अचानक बंद हो गया। निवेशकों को लगातार यह भरोसा दिया जाता रहा कि पैसा जल्द लौटा दिया जाएगा, लेकिन अब स्थिति यह है कि कंपनी से जुड़े सभी लोगों के मोबाइल फोन बंद हैं या कॉल उठाई नहीं जा रही। जब निवेशक कार्यालय पहुंचे तो वहां ताले लटके मिले। इसी बिंदु पर Gorakhpur Gold Trading Scam पूरी तरह उजागर हो गया।
सैकड़ों पीड़ित, टूट गया भरोसा
इस ठगी के शिकार लोगों में अजीत यादव, अरुण कुमार सिंह, चंद्रशेखर राय, संगम पासवान, आनंद द्विवेदी, दिलीप कुमार तिवारी, वृंदावन शर्मा, बृजेश कुमार, विवेक कुमार निषाद, हेमंत कुमार, छन्ने लाल, वीरेंद्र कुमार शर्मा, परमेश्वर कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुमार गुप्ता, इंदु देवी, राम कुमार अग्रवाल, शशि कपूर, राहुल यादव, रामबदन यादव, राजेश कुमार समेत सैकड़ों निवेशक शामिल हैं। इन सभी की गाढ़ी कमाई Gorakhpur Gold Trading Scam में फंस गई।
पुलिस एक्शन और जांच की स्थिति
निवेशकों की शिकायत पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश से रामगढ़ताल थाना पुलिस ने कंपनी संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। सीओ कैंट योगेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि Gorakhpur Gold Trading Scam में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
निवेशकों के लिए सबक
यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि “गारंटीड रिटर्न” का दावा करने वाली योजनाओं से दूरी बनाना जरूरी है। बिना सरकारी अनुमति, पारदर्शिता और वैधानिक दस्तावेजों के निवेश करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। Gorakhpur Gold Trading Scam निवेशकों के लिए एक कड़वा लेकिन जरूरी सबक है।
यह लेख सार्वजनिक स्रोतों, पीड़ितों की शिकायतों और पुलिस द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। सभी आरोपी कानून की नजर में तब तक निर्दोष हैं, जब तक न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए। लेख का उद्देश्य केवल जनहित में सूचना देना है, न कि किसी को दोषी ठहराना।
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