Gorakhpur Sudhir Murder Case ‘जीजा के दम पर कूदते हो घर में घुसकर मारेंगे’ इंस्टाग्राम स्टेटस बना मौत की वजह, पिपराइच में 11वीं के छात्र सुधीर की दिनदहाड़े हत्या
Gorakhpur Sudhir Murder Case में सोशल मीडिया स्टेटस बना मौत की वजह। पिपराइच में छात्र की दिनदहाड़े हत्या, आरोपी की बाइक बरामद, गांव में तनाव।
Gorakhpur Sudhir Murder Case: सोशल मीडिया स्टेटस के बाद कॉलेज कैंपस में घुसकर छात्र को मारी गोली, आरोपी की बाइक बरामद, कई जिलों में दबिश
गोरखपुर के पिपराइच इलाके में 11वीं के छात्र सुधीर भारती (17) की दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। यह हत्या किसी पुरानी दुश्मनी नहीं, बल्कि इंस्टाग्राम पर डाले गए एक धमकी भरे स्टेटस का खौफनाक नतीजा साबित हुई। पुलिस जांच में सामने आया है, कि सोशल मीडिया पर चल रही तनातनी और गुटबाजी ने इस जघन्य वारदात का रूप ले लिया।
कॉलेज कैंपस में घुसकर मारी गोली
Gorakhpur Sudhir Murder Case के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे आरोपी विनय अपने तीन साथियों के साथ कोऑपरेटिव इंटर कॉलेज परिसर में दाखिल हुआ। उस समय सुधीर खेल मैदान में मौजूद था और अपने चचेरे भाई गोलू को बाइक चलाना सिखा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले निशाना चूकने के बाद दो आरोपियों ने सुधीर को पकड़ लिया और फिर उसके सीने में गोली मार दी। मौके पर ही उसकी मौत हो गई, जबकि गोलू किसी तरह जान बचाकर भाग निकला।
इंस्टाग्राम स्टेटस से शुरू हुआ विवाद
पुलिस जांच में यह साफ हुआ है, कि हत्या से तीन दिन पहले सुधीर और गांव के कुछ युवकों के बीच विवाद हुआ था। यह विवाद धीरे धीरे सोशल मीडिया तक पहुंच गया।
26 दिसंबर को सुधीर ने इंस्टाग्राम पर स्टेटस डाला
‘अपने जीजा के दम पर कूदते हो… घर में घुसकर मारेंगे, दम है, तो मुकाबला करो।’
इसी स्टेटस के बाद दोनों पक्षों के बीच सोशल मीडिया पर पोस्ट और गालियों का दौर शुरू हुआ, जिसने अंततः हिंसक रूप ले लिया।
ग्रामीणों का कहना है,कि सुधीर सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था और उसने 100 से अधिक रील पोस्ट की थीं। गांव में युवाओं के कई गुट हैं, जो एक दूसरे पर दबदबा बनाने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बना रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई, बाइक बरामद
हत्या के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर मुख्य आरोपी विनय की बाइक उसके रिश्तेदार के घर से बरामद की गई।
Gorakhpur Sudhir Murder Case में पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कुशीनगर और संतकबीरनगर में भी दबिश दी है। फिलहाल आरोपियों के परिजन और रिश्तेदार हिरासत में हैं, और उनसे पूछताछ जारी है।
ग्रामीणों का उबाल, तोड़फोड़ और जाम
हत्या की खबर फैलते ही मुंडेरी उर्फ गढ़वा गांव और पिपराइच कस्बे में हालात तनावपूर्ण हो गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों के घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की।
गुस्साए लोगों ने शव को बाइक पर रखकर आरोपी के घर तक ले जाकर प्रदर्शन किया और बाद में हनुमान चौराहे पर सड़क जाम कर दी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को अतिरिक्त फोर्स और पीएसी बुलानी पड़ी।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। एहतियातन पीएसी और पीएससी के जवान तैनात किए गए हैं। आरोपियों के घरों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
एसपी नॉर्थ और सीओ चौरीचौरा ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
परिजनों की मांगें और प्रशासनिक चुनौती
पोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम सुधीर का अंतिम संस्कार कराया गया। इस दौरान परिजन और ग्रामीण लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते रहे।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी, कृषि भूमि आवंटन और शेष आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी जैसी मांगें उठाईं। प्रशासन का कहना है,कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
सोशल मीडिया से उपजा अपराध
Gorakhpur Sudhir Murder Case ने एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और युवाओं में बढ़ती हिंसक मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है,कि यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ती दुश्मनी का खतरनाक उदाहरण है।
निष्कर्ष
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। यह घटना साफ संकेत देती है कि सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट भी किस तरह जानलेवा साबित हो सकती है।
डिस्क्लेमर
यह समाचार रिपोर्ट उपलब्ध तथ्यों, पुलिस सूत्रों, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामले की जांच संबंधित पुलिस व प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा जारी है। समाचार में उल्लिखित सभी आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाएंगे जब तक कि न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए। किसी भी व्यक्ति, समूह या संस्था की छवि को नुकसान पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। घटनाक्रम से जुड़ी जानकारियों में जांच के दौरान बदलाव संभव है।
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