गोरखपुर में 15 वर्षीय छात्रा से ट्यूशन टीचर द्वारा छेड़छाड़ का मामला। FIR के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। जानिए पूरा Gorakhpur Teacher Case विस्तार से।
गुरु-शिष्य संबंध को कलंकित करने वाला Gorakhpur Teacher Case
गोरखपुर में एक ऐसा Gorakhpur Teacher Case सामने आया है,जिसने समाज को हिला दिया। 15 वर्षीय छात्रा ने अपने ट्यूशन टीचर पर भरोसा किया, लेकिन वही भरोसा उसकी जिंदगी का सबसे डरावना पल बन गया।
9 नवंबर की दोपहर छात्रा के माता-पिता घर से हॉस्पिटल गए थे। उसी दौरान टीचर आलोक यादव घर पढ़ाने पहुंचा। उसने मुस्कुराकर पूछा “घर पर कोई नहीं है क्या?” छात्रा ने कहा “पापा-मम्मी बुआ को देखने गए हैं।” इसके बाद आरोपी धीरे-धीरे उसके करीब आने लगा और बैड टच करने लगा। जब छात्रा ने विरोध किया, तो उसने धमकाया और भाग गया। रोती हुई छात्रा ने अपनी चाची को सब कुछ बताया। यह वही पल था, जब Gorakhpur Teacher Case की सच्चाई सामने आई और परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गोरखपुर पुलिस का एक्शन: आरोपी टीचर आलोक यादव गिरफ्तार
शिकायत मिलते ही गोरखपुर पुलिस ने 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करते हुए आरोपी टीचर आलोक यादव (25) को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय वह रोने लगा, गिड़गिड़ाते हुए कहने लगा “मुझे माफ कर दो, आगे गलती नहीं करूंगा।”
पुलिस जांच में पता चला कि आलोक यादव महाराजगंज जिले के अहिरौली गांव का रहने वाला है। वह गोरखपुर में किराए के घर में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। दो साल से वह छात्रा को पढ़ा रहा था,थाना प्रभारी नितिन रघुनाथ ने बताया कि FIR दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। छात्रा का बयान भी दर्ज कर लिया गया है। यह Gorakhpur Teacher Case अब कानूनी प्रक्रिया में आगे बढ़ रहा है।
पिता बोले “गुरु समझकर घर में आने दिया, लेकिन वह दरिंदा निकला”
छात्रा के पिता, जो इलेक्ट्रीशियन हैं, ने बताया कि जब बेटी आठवीं में थी तो उन्होंने उसके लिए एक भरोसेमंद टीचर की तलाश की। एक परिचित ने आलोक यादव का नाम बताया। “हमने उसे घर में सम्मान दिया, गुरु माना, लेकिन उसने हमारी बेटी की मासूमियत को तोड़ दिया। इस Gorakhpur Teacher Case ने हमारे विश्वास को भी मार दिया।”पिता ने कहा कि वह चाहते हैं, कि ऐसे शिक्षकों पर सख्त सजा हो, ताकि कोई और बच्ची इस तरह की दरिंदगी का शिकार न बने।
विशेषज्ञ बोले बच्चों की सुरक्षा पर माता-पिता को खुद करनी होगी निगरानी
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की समाजशास्त्र प्रोफेसर संगीता पांडेय ने कहा कि आजकल माता-पिता बच्चों की पढ़ाई को लेकर इतने व्यस्त हैं कि वे बिना जांच किए किसी भी युवक को घर में ट्यूशन के लिए रख लेते हैं। “आज का यह Gorakhpur Teacher Case एक चेतावनी है, कि हमें हर शिक्षक की बैकग्राउंड जांच करनी चाहिए। बच्चे से संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि Student Safety in India अब एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूल, माता पिता और समाज को एक साथ आना होगा।
Gorakhpur Teacher Case से सीख बच्चों से खुलकर बात करें, डर नहीं, भरोसा सिखाएँ
यह Gorakhpur Teacher Case केवल एक घटना नहीं, बल्कि समाज को झकझोर देने वाली चेतावनी है। अगर छात्रा अपनी चाची से यह बात नहीं बताती, तो आरोपी शायद किसी और बच्ची के साथ भी ऐसा ही करता। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों से रोज बात करें, उनके मूड और व्यवहार में बदलाव पर ध्यान दें, और उन्हें यह भरोसा दें कि किसी भी गलत हरकत पर वे खुलकर बोलें।
Gorakhpur Teacher Case जैसे मामलों को रोकने का पहला कदम है खुला संवाद और जागरूकता।
Disclaimer यह लेख समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें वर्णित सभी घटनाएँ सत्यापित समाचार स्रोतों पर आधारित हैं। लेखक और वेबसाइट किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय के प्रति द्वेष नहीं रखते।