Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन और परिवहन पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन। SIT गठित, FIR दर्ज, 1260 वाहन सीज और करोड़ों का जुर्माना वसूला

Written by: Tanu K

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Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन पर योगी सरकार की सख्त चोट, माफियाओं से 10 करोड़ से ज्यादा की वसूली

Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन और परिवहन पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन। SIT गठित, FIR दर्ज, 1260 वाहन सीज और करोड़ों का जुर्माना वसूला

Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन पर योगी सरकार का निर्णायक प्रहार, माफियाओं से करोड़ों वसूल कर दिया सख्त संदेश

Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन पर योगी सरकार की सख्त चोट, माफियाओं से 10 करोड़ से ज्यादा की वसूली
Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन पर योगी सरकार की सख्त चोट, माफियाओं से 10 करोड़ से ज्यादा की वसूली

उत्तर प्रदेश में अवैध खनन के खिलाफ योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति अब साफ तौर पर जमीन पर दिखाई दे रही है। बुंदेलखंड के बांदा जिले में जिला प्रशासन और खनिज विभाग ने अवैध खनन और अवैध परिवहन में लिप्त माफियाओं के खिलाफ ऐसा सख्त अभियान चलाया है, जिसने पूरे नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये का जुर्माना वसूल कर सरकारी खजाने में जमा कराया गया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है,कि Illegal Mining Banda अब किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल से नवंबर 2025 तक (जुलाई से अक्टूबर को छोड़कर) बांदा जिले में अवैध खनन से जुड़े कुल 22 मामले सामने आए। इन मामलों में जिला प्रशासन ने त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए चार मामलों में एफआईआर दर्ज कराई, जबकि 4.25 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया। यह कार्रवाई केवल आर्थिक दंड तक सीमित नहीं रही, बल्कि कानूनी शिकंजा भी कस दिया गया, जिससे Illegal Mining Banda में शामिल लोगों के लिए खतरे की घंटी बज गई है।

अवैध खनन के साथ साथ अवैध खनिज परिवहन पर भी प्रशासन ने बड़ा प्रहार किया है। नियमों की अनदेखी कर खनिज ढोने वाली 1260 गाड़ियों को इस सत्र में चिन्हित कर उन पर कार्रवाई की गई। इन वाहनों से 5 करोड़ 57 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया गया, जिसे सरकारी राजस्व में जमा कराया गया। इसके अलावा दिसंबर माह में भी अभियान जारी है, जिसमें 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है। यह आंकड़े दिखाते हैं कि Illegal Mining Banda के खिलाफ अभियान लगातार और योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है।

Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन पर योगी सरकार की सख्त चोट, माफियाओं से 10 करोड़ से ज्यादा की वसूली
Illegal Mining Banda बांदा में अवैध खनन पर योगी सरकार की सख्त चोट, माफियाओं से 10 करोड़ से ज्यादा की वसूली

बांदा जिले में केन नदी के किनारे मोरंग खनन का कार्य होता है। यहां लगभग एक दर्जन वैध मोरंग पट्टे आवंटित हैं, लेकिन लंबे समय से कुछ खनन माफिया नियमों को ताक पर रखकर अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन करते रहे हैं। इसी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जो हर तहसील स्तर पर सक्रिय रहकर निगरानी और कार्रवाई कर रही है। इस रणनीति से Illegal Mining Banda पर प्रशासन की पकड़ और मजबूत हुई है।

खनिज विभाग के अनुसार 2025-26 सत्र में अब तक 22 अवैध खनन के मामलों में कार्रवाई की गई है। चार मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है, जबकि सवा चार करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया है। इसके साथ ही अवैध परिवहन से जुड़े 199 मामलों में न्यायालय में परिवाद दाखिल किए गए हैं। यह आंकड़े बताते हैं,कि Illegal Mining Banda अब सिर्फ प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में पूरी तरह आ चुका है।

जिला खनन अधिकारीअधिकारी एमओ राज रंजन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस सत्र में अवैध खनन के मामलों में लगभग 4 करोड़ 30 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जबकि अवैध परिवहन करने वाली 1260 गाड़ियों से 5 करोड़ 97 लाख रुपये से अधिक की वसूली की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान अभी थमा नहीं है,और आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा। उनका यह बयान Illegal Mining Banda के खिलाफ प्रशासन के इरादों को पूरी तरह साफ करता है।

कुल मिलाकर, बांदा में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ योगी सरकार की यह कार्रवाई माफियाओं के लिए कड़ा और स्पष्ट संदेश है। करोड़ों की वसूली, एफआईआर, SIT की सतत निगरानी और कानूनी कार्रवाई यह साबित करती है,कि उत्तर प्रदेश में अब अवैध खनन के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। आने वाले समय में भी Illegal Mining Banda पर इसी तरह सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।

डिस्क्लेमर यह समाचार रिपोर्ट विभिन्न आधिकारिक स्रोतों, प्रशासनिक बयानों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें प्रस्तुत आंकड़े और तथ्य संबंधित विभागों से प्राप्त विवरण पर आधारित हैं, जिनमें समय, परिस्थितियों या सरकारी अपडेट के अनुसार परिवर्तन संभव है। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है, न कि किसी व्यक्ति, संस्था या समूह की छवि को ठेस पहुंचाना। किसी भी कानूनी, प्रशासनिक या व्यक्तिगत निर्णय के लिए पाठक संबंधित विभाग या आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि अवश्य करें।

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Tanu K

Tarannum, born on July 12, 1993, in the vibrant city of Gorakhpur, Uttar Pradesh, is a passionate content writer with a knack for storytelling. After earning her Bachelor’s in English from DDU, Gorakhpur, she dove into the world of words, driven by her love for crafting meaningful narratives. With seven years of experience, Tarannum has penned captivating content for niches like wellness, education, and e-commerce. Her writing is fresh, relatable, and SEO-savvy, connecting effortlessly with readers. From freelancing for local startups to strategizing content for a leading digital agency, she’s honed her skills in blogs, ad copy, and social media. In her downtime, Tarannum enjoys reading fiction and mentoring young writers, dreaming of stories that spark change.

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