Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान, प्रशासन की नजर

Written by: akhtar husain

Published on:

Google News
Follow Us

Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में VHP बजरंग दल के त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम में विवादित बयान, हथियार प्रशिक्षण और ‘लव जिहाद’ पर टिप्पणियों से मचा सियासी सामाजिक घमासान

Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में VHP-बजरंग दल के त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम के दौरान दिए गए विवादित बयानों पर विवाद गहराया। हथियार प्रशिक्षण, लव जिहाद और धर्म परिवर्तन को लेकर टिप्पणियों से सामाजिक माहौल पर असर।

Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान, प्रशासन की नजर
Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान, प्रशासन की नजर

हरियाणा के जींद जिले में आयोजित VHP बजरंग दल के एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयानों ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी चर्चा छेड़ दी है। Jind Trishul Deeksha Program के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में मंच से दिए गए भाषणों में एक वक्ता ने मुस्लिम और ईसाई समुदाय को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिसके बाद कार्यक्रम को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

कार्यक्रम के दौरान वक्ता ने ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए हथियार प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। भाषण में यह कहा गया कि बीते दौर के शासकों और संघर्षों से सबक लेते हुए समाज को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। Jind Trishul Deeksha Program में दिए गए इन बयानों का वीडियो और विवरण सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

इसी मंच से वक्ता ने मुसलमानों को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और धार्मिक पहचान से जुड़ी टिप्पणी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, वक्ता ने यह भी कहा कि कुछ समुदाय तलवार के डर से अपनी पहचान बदलते रहे हैं। इन बयानों को लेकर कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने सवाल उठाए हैं,और इसे आपसी सौहार्द के खिलाफ बताया है। Jind Trishul Deeksha Program में हुई इस टिप्पणी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है।

कार्यक्रम में तथाकथित “लव जिहाद” से जुड़ी बातों का भी उल्लेख किया गया। वक्ता ने इसे एक साजिश करार देते हुए युवाओं को सतर्क रहने की अपील की। हालांकि, इस तरह के दावे पहले भी विवादों में रहे हैं, और कई मौकों पर अदालतें और जांच एजेंसियां ऐसे मामलों को तथ्यों के आधार पर अलग अलग दृष्टि से देखती रही हैं। Jind Trishul Deeksha Program में इस मुद्दे के उठने से एक बार फिर यह बहस तेज हो गई है,कि सार्वजनिक मंचों से इस तरह के बयान किस हद तक उचित हैं।

Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान, प्रशासन की नजर
Jind Trishul Deeksha Program हरियाणा के जींद में त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान, प्रशासन की नजर

इतना ही नहीं, कार्यक्रम में ईसाई समुदाय को लेकर भी टिप्पणी की गई। वक्ता ने आरोप लगाया कि मिशनरी संस्थाएं धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देती हैं,और हिंदू परिवारों पर अपने बच्चों को मिशनरी स्कूलों में भेजने को लेकर सवाल खड़े किए। इन टिप्पणियों के बाद शिक्षा और धर्म से जुड़े विषयों पर नई बहस शुरू हो गई है। Jind Trishul Deeksha Program में दिए गए इन बयानों को लेकर कई लोगों ने कहा कि शिक्षा को धार्मिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।

 इसे भी पढ़े बिजनौर का दिल दहला देने वाला “Bijnor Crime Incident”: ट्यूशन से लौटती रीना को जहर पिलाकर अगवा किया, इलाज के दौरान तोड़ा दम कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल

कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से अभी तक इन विवादित बयानों पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, स्थानीय स्तर पर प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है, कि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होती है,और यदि किसी तरह की शिकायत मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। Jind Trishul Deeksha Program को लेकर प्रशासन ने वीडियो फुटेज और उपलब्ध सामग्री की समीक्षा शुरू कर दी है।

राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले को लेकर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कुछ नेताओं ने इस तरह के बयानों को समाज को बांटने वाला बताया है, जबकि कुछ संगठनों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देखा है। विशेषज्ञों का मानना है,कि ऐसे आयोजनों में दी जाने वाली भाषण सामग्री का असर दूरगामी हो सकता है, इसलिए संयम और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है। Jind Trishul Deeksha Program के संदर्भ में यही सवाल उठ रहा है,कि सार्वजनिक मंचों पर सीमा रेखा कहां खींची जानी चाहिए।

फिलहाल, यह मामला स्थानीय प्रशासन और समाज के लिए एक संवेदनशील विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह साफ हो सकता है, कि इस कार्यक्रम में दिए गए बयानों को लेकर कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है, या नहीं और प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है। Jind Trishul Deeksha Program से जुड़ा यह विवाद एक बार फिर यह याद दिलाता है, कि विविधताओं से भरे समाज में शब्दों की जिम्मेदारी कितनी अहम होती है।

डिस्क्लेमर: यह समाचार सार्वजनिक कार्यक्रम में दिए गए बयानों और उपलब्ध रिपोर्ट्स पर आधारित है। मामला संवेदनशील है और किसी भी समुदाय, धर्म या व्यक्ति के खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही मानी

 इसे भी पढ़ें वाराणसी में Cricket Coach Crime: दो नाबालिगों से कुकर्म, आरोपी गिरफ्तार, पूरा मामला

akhtar husain

न्यूज़ दिल से भारत के पाठकों से अनुरोध है कि अगर आप सच्ची और अच्छी ख़बरें पढ़ना चाहते हैं तो न्यूज़ दिल से भारत को सहयोग करें ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने में हमारे सामने जो बाधाये आती है हम उनको पार कर सके सच्ची और अच्छी खबरें आप तक पहुंचा सके

For Feedback - newsdilsebharat@gmail.com

Related News