Udaipur Gang Rape Case, IT मैनेजर के साथ चलती कार में दरिंदगी, CEO समेत तीन गिरफ्तार

Written by: akhtar husain

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Udaipur Gang Rape Case चलती कार में भरोसे की हत्या: उदयपुर में IT मैनेजर के साथ गैंगरेप ने झकझोरा सिस्टम

Udaipur Gang Rape Case में आईटी कंपनी की मैनेजर से चलती कार में गैंगरेप, डैशकैम रिकॉर्डिंग से खुला मामला, CEO जयेश सिसोदिया, गौरव सिरोही और महिला एग्जीक्यूटिव हेड गिरफ्तार

कभी कभी कोई खबर सिर्फ खबर नहीं रहती, वह इंसान को भीतर तक हिला देती है। उदयपुर से सामने आया Udaipur Gang Rape Case भी कुछ ऐसा ही है, जिसने कॉरपोरेट कल्चर, महिला सुरक्षा और भरोसे की सीमाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक आईटी कंपनी की मैनेजर, जो अपने सहकर्मियों पर भरोसा करके पार्टी में गई थी, उसी भरोसे की कीमत उसे अपनी अस्मिता से चुकानी पड़ी।

Udaipur Gang Rape Case, IT मैनेजर के साथ चलती कार में दरिंदगी, CEO समेत तीन गिरफ्तार
Udaipur Gang Rape Case, IT मैनेजर के साथ चलती कार में दरिंदगी, CEO समेत तीन गिरफ्तार

यह पूरा मामला 20 दिसंबर का है। उदयपुर के शोभागपुरा क्षेत्र स्थित एक होटल में आईटी कंपनी के सीईओ की बर्थडे और न्यू ईयर पार्टी आयोजित की गई थी। पीड़िता रात करीब 9 बजे पार्टी में पहुंची। कार्यक्रम देर रात तक चला और लगभग 1:30 बजे समाप्त हुआ। इसी दौरान पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी और उसने घर जाने की इच्छा जताई। तभी कंपनी की महिला एग्जीक्यूटिव हेड ने ‘आफ्टर पार्टी’ का प्रस्ताव रखा। यहीं से Udaipur Gang Rape Case की भयावह कहानी शुरू हो जाती है।

पीड़िता को जिस कार में बैठाया गया, उसमें पहले से कंपनी के सीईओ जयेश प्रकाश सिसोदिया और महिला एग्जीक्यूटिव हेड के पति गौरव सिरोही मौजूद थे। पीड़िता को भरोसा दिलाया गया कि उसे सुरक्षित घर छोड़ दिया जाएगा। रास्ते में कार एक दुकान पर रुकी, जहां से स्मोकिंग से जुड़ा सामान खरीदा गया। इसके बाद कार के अंदर ही पीड़िता को स्मोक कराया गया। कुछ ही समय में उसकी हालत बिगड़ती चली गई और वह सामान्य स्थिति में नहीं रही। पीड़िता के अनुसार, इसके बाद की घटनियां उसे स्पष्ट रूप से याद नहीं हैं, जो इस बात की ओर इशारा करती हैं, कि उसे नशे की हालत में लाया गया।

Udaipur Gang Rape Case, IT मैनेजर के साथ चलती कार में दरिंदगी, CEO समेत तीन गिरफ्तार
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जब पीड़िता को हल्का होश आया, तो उसने महसूस किया कि उसके साथ छेड़छाड़ हो रही है। उसने विरोध किया, रुकने की बात कही, लेकिन आरोप है, कि कार में मौजूद तीनों लोगों ने उसकी एक नहीं सुनी। रात करीब 1:45 बजे से सुबह 5 बजे के बीच चलती कार में उसके साथ दुष्कर्म किया गया। सुबह उसे घर के पास छोड़ दिया गया। किसी तरह वह घर पहुंची, लेकिन शरीर और मन दोनों टूट चुके थे। यही वह पल था, जब Udaipur Gang Rape Case ने एक इंसानी चेहरा सामने रखा।

सुबह जब उसे पूरी तरह होश आया, तो सबसे पहले उसकी नजर अपने कपड़ों पर गई। एक कान की ईयररिंग गायब थी। मोजे और अंडरगारमेंट तक नहीं थे। शरीर में तेज दर्द था और प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे। उसी क्षण उसे एहसास हुआ कि उसके साथ गैंगरेप हुआ है। यह सिर्फ शारीरिक हिंसा नहीं थी, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी उसे तोड़ देने वाली घटना थी, जिसने Udaipur Gang Rape Case को और ज्यादा गंभीर बना दिया।

पीड़िता ने घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश की। तभी उसे याद आया कि जिस कार में वह रातभर रही, उसमें डैशकैम लगा हुआ था। उसने कार के डैशकैम की ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग देखी। रिकॉर्डिंग में मौजूद बातचीत और आवाजों ने उसके संदेह को सच्चाई में बदल दिया। यही तकनीकी साक्ष्य आगे चलकर Udaipur Gang Rape Case की जांच का सबसे मजबूत आधार बने।

इसके बाद पीड़िता ने उदयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की गई। जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माधुरी वर्मा को सौंपी गई। मेडिकल जांच में पीड़िता के शरीर पर चोटों की पुष्टि हुई, जिससे प्रथम दृष्टया गैंगरेप की आशंका सही पाई गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई तेज की।

पुलिस ने आईटी कंपनी के सीईओ जयेश प्रकाश सिसोदिया निवासी स्काई मरीना अपार्टमेंट, सुखाडिया सर्किल; गौरव सिरोही निवासी हितवाना अपार्टमेंट, सुखेर; और कंपनी की महिला एग्जीक्यूटिव हेड को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है,और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है, कि पीड़िता को नशे की हालत में लाने के लिए किसी विशेष पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं। एसपी योगेश गोयल के अनुसार, डैशकैम में रिकॉर्ड ऑडियो जांच का अहम हिस्सा है और इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। Udaipur Gang Rape Case में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

यह मामला सिर्फ एक शहर या एक कंपनी तक सीमित नहीं है। यह देशभर की महिलाओं के लिए एक चेतावनी और सिस्टम के लिए एक परीक्षा है। कार्यस्थल की पार्टियों, भरोसे और सुरक्षा के नाम पर जो ढिलाई बरती जाती है, वह किस हद तक खतरनाक हो सकती है, Udaipur Gang Rape Case इसका जीवंत उदाहरण बन गया है। आने वाले समय में यह मामला कॉरपोरेट जगत में महिला सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर बड़े बदलाव की मांग को और मजबूत कर सकता है।

Disclaimer यह लेख पीड़िता के बयान, पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आरोपियों को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार केवल अदालत को है। लेख का उद्देश्य सूचना देना और सामाजिक जागरूकता बढ़ाना है।

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akhtar husain

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