Amitabh Thakur bail plea पूर्व IG अमिताभ ठाकुर को बड़ा झटका, इंडस्ट्रियल एस्टेट प्लॉट घोटाले में जमानत अर्जी खारिज, अब हाईकोर्ट जाने की तैयारी
Amitabh Thakur bail plea पर देवरिया कोर्ट का बड़ा फैसला। इंडस्ट्रियल एस्टेट पुरवां प्लॉट धोखाधड़ी केस में पूर्व IG अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी खारिज, हाईकोर्ट में अपील की तैयारी।
कानून के लंबे हाथ कई बार वर्षों बाद भी सख्त तरीके से सामने आते हैं। देवरिया में सामने आया यह मामला उसी की एक मिसाल है। इंडस्ट्रियल एस्टेट पुरवां में प्लॉट आवंटन से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में फंसे पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर को मंगलवार को अदालत से बड़ा झटका लगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके साथ ही साफ हो गया कि फिलहाल Amitabh Thakur bail plea पर निचली अदालत से कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
यह मामला करीब 26 साल पुराना है। आरोप है,कि जब अमिताभ ठाकुर देवरिया जिले में एसपी के पद पर तैनात थे, उसी दौरान शहर के पास स्थित इंडस्ट्रियल एस्टेट पुरवां में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम से एक औद्योगिक प्लॉट आवंटित कराया गया था। शुरुआती दस्तावेजों में यह प्लॉट नूतन देवी के नाम दर्ज था, जिसे बाद में नूतन ठाकुर कर दिया गया। यही नहीं, कागजात में पति के नाम की जगह अमिताभ ठाकुर के बजाय अजिताभ ठाकुर लिखा गया, जिसे बाद में संशोधित किया गया। जांच एजेंसियों ने इन बदलावों को संदेहास्पद मानते हुए इसे धोखाधड़ी की श्रेणी में रखा।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह प्लॉट दो साल बाद संजय सिंह को हस्तांतरित कर दिया गया। इन्हीं तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया। बीते सप्ताह पुलिस ने पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें 13 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बाद बचाव पक्ष की ओर से Amitabh Thakur bail plea सीजेएम कोर्ट में दाखिल की गई।
जमानत अर्जी बीते शुक्रवार को दायर की गई थी, लेकिन शुक्रवार और सोमवार को कंडोलेंस के कारण अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। मंगलवार को जब मामले की सुनवाई हुई, तो बचाव पक्ष की ओर से जमानत अर्जी पर प्रभावी बहस नहीं की गई। अदालत में अर्जी पर जोर न दिए जाने के कारण सीजेएम कोर्ट ने Amitabh Thakur bail plea को खारिज कर दिया। अदालत का यह फैसला पूरी तरह प्रक्रिया आधारित माना जा रहा है।
पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता सुभाष चंद्र राव ने स्पष्ट किया कि जमानत अर्जी पर बल न दिए जाने के कारण कोर्ट ने इसे खारिज किया है। उन्होंने बताया कि अब संबंधित पक्ष उच्च अदालत में अपील करने की तैयारी कर रहा है। माना जा रहा है, कि जल्द ही हाईकोर्ट में Amitabh Thakur bail plea को लेकर नई याचिका दाखिल की जाएगी।
कानूनी जानकारों का कहना है,कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह दिखाता है,कि सरकारी पद पर रहते हुए किए गए फैसले वर्षों बाद भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। इंडस्ट्रियल एस्टेट जैसी सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और नियमों का पालन कितना जरूरी है, यह केस उसी का उदाहरण है। फिलहाल अमिताभ ठाकुर न्यायिक हिरासत में हैं,और उनकी अगली राहत अब उच्च अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी। Amitabh Thakur bail plea पर आने वाला अगला आदेश इस केस की दिशा तय करेगा।
Disclaimer यह समाचार लेख न्यायालयी कार्यवाही, पुलिस जांच और अधिवक्ताओं के बयानों पर आधारित है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार केवल अदालत को है।