Atal Canteen Launch Delhi: 5 रुपये में भोजन से बदलेगी राजधानी की तस्वीर, गरीब और मजदूरों को मिला अटल भरोसा
Atal Canteen Launch Delhi के तहत दिल्ली सरकार ने 100 अटल कैंटीन शुरू कीं। अब गरीब और मजदूरों को मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन मिलेगा। पूरी योजना और ताजा अपडेट पढ़ें।
दिल्ली जैसे महानगर में रोज़ी रोटी की जद्दोजहद में लगे हजारों लोग ऐसे हैं, जिनके लिए दो वक्त का खाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है। इसी सच्चाई को समझते हुए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा और संवेदनशील कदम उठाया है। Atal Canteen Launch Delhi के साथ राजधानी में अब कोई भी व्यक्ति सिर्फ पैसों की कमी के कारण भूखा नहीं रहेगा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर शुरू की गई यह योजना सिर्फ एक सरकारी घोषणा नहीं, बल्कि ज़मीन पर उतरती सामाजिक जिम्मेदारी है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शुक्रवार को लाजपत नगर के नेहरू नगर में पहली अटल कैंटीन का उद्घाटन करेंगी। इसके साथ ही राजधानी में पहले चरण में 100 अटल कैंटीन की शुरुआत हो जाएगी। Atal Canteen Launch Delhi को दिल्ली सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी योजनाओं में गिना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य साफ है,दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए, चाहे वह दिहाड़ी मजदूर हो, रिक्शा चालक हो या झुग्गी बस्ती में रहने वाला परिवार।
दिल्ली सरकार के अनुसार हर अटल कैंटीन में दोपहर और रात के समय 500-500 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यानी एक कैंटीन से प्रतिदिन करीब 1000 लोग लाभान्वित होंगे। इस तरह 100 कैंटीन के जरिए रोजाना लगभग एक लाख लोगों तक सस्ता और पौष्टिक भोजन पहुंचेगा। Atal Canteen Launch Delhi के तहत भोजन की कीमत केवल 5 रुपये रखी गई है, ताकि कोई भी जरूरतमंद इससे वंचित न रहे।
भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए हैं। अटल कैंटीन में दाल चावल, रोटी सब्जी, चावल सब्जी जैसे संतुलित और पोषक आहार परोसे जाएंगे। यह भोजन पेट भरने के साथ साथ स्वास्थ्य का भी ध्यान रखेगा। Atal Canteen Launch Delhi की सफलता इसी बात पर निर्भर करेगी कि सस्ता होने के बावजूद भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ उन इलाकों को मिलेगा, जहां मजदूरों और गरीब परिवारों की संख्या ज्यादा है। अधिकतर अटल कैंटीन झुग्गी बस्तियों, औद्योगिक क्षेत्रों और निर्माण स्थलों के आसपास खोली जा रही हैं। सरकार का मानना है, कि Atal Canteen Launch Delhi सीधे उन लोगों तक पहुंचेगी, जिनके लिए रोज का खाना सबसे बड़ी चिंता होता है।
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है,कि यह योजना स्थायी होगी, न कि सिर्फ एक दिन की पहल। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है, कि सरकार जरूरत के अनुसार भविष्य में अटल कैंटीन की संख्या बढ़ाने पर भी विचार करेगी। कुछ कैंटीन फिलहाल ग्रैप-4 की पाबंदियों के चलते पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी हैं, लेकिन अधिकतर कैंटीन संचालन के लिए तैयार हैं, और धीरे धीरे सभी को शुरू कर दिया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक नजरिए से देखें तो Atal Canteen Launch Delhi भाजपा सरकार की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें विकास के साथ साथ सामाजिक सुरक्षा को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर इस योजना को शुरू करना सरकार की विचारधारा और गरीब कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है,कि अगर यह योजना पारदर्शिता और सख्त निगरानी के साथ चलाई गई, तो यह दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकती है। इससे पहले तमिलनाडु की अम्मा कैंटीन ने सस्ती भोजन व्यवस्था की मिसाल पेश की थी, और अब Atal Canteen Launch Delhi उसी दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है।
गुरुवार दोपहर से राजधानी में पहली बार अटल कैंटीन में भोजन परोसा जाएगा। लोगों की प्रतिक्रिया और भागीदारी से तय होगा कि यह योजना कितनी दूर तक असर डालती है। लेकिन इतना तय है, कि Atal Canteen Launch Delhi ने दिल्ली में गरीबों और मजदूरों के लिए राहत की एक नई उम्मीद जरूर जगा दी है।
Disclaimer यह लेख उपलब्ध सरकारी जानकारी, आधिकारिक बयानों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। योजना से संबंधित नियम, संख्या और संचालन प्रक्रिया समय के साथ बदल सकती है। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना अवश्य देखें।
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