मिर्जापुर के चुनार स्टेशन पर बड़ा रेल हादसा: कालका-हावड़ा एक्सप्रेस की चपेट में आने से 6 श्रद्धालुओं की मौत

Written by: Tanu K

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मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश | बुधवार आज सुबह Chunar train accident ने पूरे उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया। मिर्जापुर के चुनार रेलवे स्टेशन पर कालका-हावड़ा एक्सप्रेस (नेटाजी एक्सप्रेस) की चपेट में आने से छह श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे के अनुसार, यह Chunar train accident उस समय हुआ जब कुछ यात्री चोपन-प्रयागराज एक्सप्रेस से उतरकर गलत दिशा में ट्रैक पार कर रहे थे।

हादसा कैसे हुआ

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ट्रेन नंबर 13309 (चोपन–प्रयागराज एक्सप्रेस) सुबह प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर पहुंची थी। इस दौरान कुछ यात्री, जो तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं, ट्रेन से उतरकर सीधे ट्रैक पार करने लगे। उसी वक्त मुख्य लाइन से 12311 (नेटाजी एक्सप्रेस) गुजर रही थी और उसने यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही सेकंड में Chunar train accident एक भयावह रूप ले चुका था।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया। स्टेशन पर अफरातफरी मच गई और लोग एक-दूसरे को संभालने की कोशिश करने लगे।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Chunar train accident पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और अधिकारियों को राहत कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए।

राज्य सरकार ने बताया कि NDRF और SDRF की टीमों को तुरंत घटना स्थल पर भेजा गया। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज जारी है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि Chunar train accident की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

स्थानीय लोगों में गुस्सा

हादसे के बाद चुनार स्टेशन पर गम और गुस्सा दोनों देखने को मिला। कुछ लोगों ने रेलवे प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त घोषणा नहीं की गई और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी, जिससे Chunar train accident जैसी त्रासदी हुई।

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बढ़ते रेल हादसों पर चिंता

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही बिलासपुर में एक यात्री ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। दो दिनों में दो बड़े हादसे, जिनमें से एक Chunar train accident है, ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम बार-बार अपील करते हैं कि यात्री फुट ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करें। ऐसी लापरवाही ही Chunar train accident जैसी घटनाओं को जन्म देती है।”

विशेषज्ञों की राय

रेलवे सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि Chunar train accident यात्रियों में जागरूकता की कमी को दर्शाता है। उन्होंने सलाह दी कि स्टेशन पर चेतावनी संकेत और पब्लिक अनाउंसमेंट को और प्रभावी बनाया जाए ताकि कोई भी ट्रैक पार करने की कोशिश न करे।

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रेल सुरक्षा पर उठे सवाल

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक यात्री ट्रेन और मालगाड़ी की टक्कर में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे ऐसे हादसों ने रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रियों को जागरूक करने के साथ-साथ स्टेशन पर सख्त निगरानी और गाइडेंस की जरूरत है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी समाचार एजेंसियों और आधिकारिक रेलवे बयान पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल जानकारी देना है। कृपया यात्रा के दौरान रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करें और अपने जीवन को खतरे में न डालें।

Tanu K

Tarannum, born on July 12, 1993, in the vibrant city of Gorakhpur, Uttar Pradesh, is a passionate content writer with a knack for storytelling. After earning her Bachelor’s in English from DDU, Gorakhpur, she dove into the world of words, driven by her love for crafting meaningful narratives. With seven years of experience, Tarannum has penned captivating content for niches like wellness, education, and e-commerce. Her writing is fresh, relatable, and SEO-savvy, connecting effortlessly with readers. From freelancing for local startups to strategizing content for a leading digital agency, she’s honed her skills in blogs, ad copy, and social media. In her downtime, Tarannum enjoys reading fiction and mentoring young writers, dreaming of stories that spark change.

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