Corrupt Police officer सीओ ऋषिकांत शुक्ला को 100 करोड़ की संपत्ति के आरोप में सस्पेंड किया गया। विजिलेंस जांच (Vigilance Investigation) शुरू, अखिलेश दुबे से संबंधों का खुलासा। ऑपरेशन महाकाल के तहत बड़ी कार्रवाई।
Corrupt Police officer जेल में बंद अखिलेश दुबे पर आरोप है, कि उन्होंने फर्जी पॉक्सो केस दर्ज कराकर करोड़ों की रंगदारी वसूली। जांच में यह भी सामने आया कि इसमें सीओ ऋषिकांत शुक्ला, संतोष कुमार सिंह, विकास पांडेय और इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी का भी हाथ था। कुछ पुलिसकर्मी पहले ही जेल जा चुके हैं जबकि अब शुक्ला पर भ्रष्टाचार जांच का शिकंजा कस गया है। शासन ने देर रात आदेश जारी कर उनका सस्पेंशन कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस Vigilance Investigation में और कई दागी अधिकारियों के नाम सामने आने की संभावना है।
Corrupt Police officer ऑपरेशन महाकाल: अपराधी पुलिस गठजोड़ के खिलाफ शासन की सबसे बड़ी कार्रवाई
यह कार्रवाई यूपी पुलिस के इतिहास में एक मील का पत्थर (Landmark Action) मानी जा रही है। पूर्व पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार के नेतृत्व में शुरू हुए Operation Mahakaal के तहत एसआईटी ने कानपुर में तैनाती के दौरान सीओ ऋषिकांत शुक्ला की गतिविधियों की गहराई से जांच की। रिपोर्ट में बताया गया कि उन्होंने कानपुर में रहते हुए अकूत संपत्तियां बनाई और पुलिस व केडीए अधिकारियों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार के नेटवर्क को मजबूत किया। इसी रिपोर्ट के आधार पर शासन ने भ्रष्टाचार जांच (Vigilance Investigation) की मंजूरी दी, जो अब तेजी से आगे बढ़ रही है।
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15 साल कानपुर में रहकर बनाया साम्राज्य नौकरी से कई गुना ज्यादा कमाई का खुलासा
जांच में सामने आया है,कि ऋषिकांत शुक्ला ने 1998 में Sub-Inspector (एसआई) के रूप में नौकरी शुरू की और करीब 15 साल तक कानपुर में ही तैनात रहे। इस दौरान उन्होंने प्रभावशाली लोगों से नजदीकियां बढ़ाईं और रियल एस्टेट, दुकानों और साझेदारी के कारोबार में भारी निवेश किया। भ्रष्टाचार जांच में अब यह भी खुलासा हो रहा है, कि इन निवेशों में से कई बेनामी संपत्तियां हैं, जिनके दस्तावेज अन्य लोगों के नाम पर हैं। Vigilance Investigation टीम इन सभी सौदों की फाइलें खंगाल रही है, ताकि हर लेनदेन की सच्चाई सामने लाई जा सके।
आगे और भी नाम आएंगे सामने पूरी जांच ने पुलिस महकमे में मचाई हलचल
सूत्रों के मुताबिक, यह Vigilance Investigation केवल एक शुरुआत है। एसआईटी रिपोर्ट में कई और पुलिसकर्मियों व अधिकारियों के नाम हैं, जो भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आने वाले हैं।
यह कार्रवाई यूपी सरकार की “Zero Tolerance Policy Against Corruption” का हिस्सा है। आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे और सस्पेंशन देखने को मिल सकते हैं। कानपुर से लेकर मैनपुरी तक पुलिस विभाग में इस कार्रवाई से भय और सतर्कता दोनों का माहौल है।
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