Corruption Investigation पंचकूला में निलंबित CBI-ED जज सुधीर परमार पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप। करोड़ों की संपत्ति, ED अफसरों से मिलीभगत की जांच जारी।
पंचकूला से आई एक बड़ी खबर ने पूरे न्यायिक तंत्र को झकझोर दिया है। निलंबित CBI और ED स्पेशल जज सुधीर परमार पर गंभीर Corruption Investigation चल रही है।
स्टेट विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो ने उनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। आरोप है कि उन्होंने पद संभालने के कुछ ही महीनों में करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने और परिवार के नाम कर ली। यह मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं, बल्कि न्यायपालिका की साख पर सवाल खड़ा करने वाला है।
चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे 3 महीने में 8 करोड़ की संपत्ति
चार्जशीट के मुताबिक, सुधीर परमार ने नवंबर 2021 में पंचकूला में जज का पद संभाला था। इसके बाद सिर्फ कुछ ही महीनों में उन्होंने लगभग 7 से 8 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीद ली। विजिलेंस टीम की Corruption Investigation में यह बात सामने आई है, कि यह रकम उनकी आय से कहीं अधिक थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, परमार ने M3M, IREO, और Vatika Group जैसी रियल एस्टेट कंपनियों से रिश्वत के रूप में लाभ उठाया और बदले में उन्हें अदालत में राहत दी।
ED अधिकारियों से मिलीभगत Corruption Investigation में ऑडियो रिकॉर्डिंग भी शामिल
इस Corruption Investigation के दौरान विजिलेंस टीम को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें सुधीर परमार कथित रूप से ED अधिकारियों से बातचीत करते सुनाई दिए।
वह बातचीत में कहते हैं, कि उन्होंने M3M समूह के मालिक रूप बंसल की संपत्ति जब्त न करने को लेकर बात कर ली है। यह ऑडियो अब जांच का अहम सबूत माना जा रहा है। अगर यह प्रमाणिक पाया गया, तो यह न्यायपालिका के लिए एक गंभीर नैतिक संकट बन सकता है।
इसे भी पढ़ें Supreme Court on Alimony Case: “खुद कमाकर खाइए, आप भी पढ़ी-लिखी हैं”; सिर्फ 18 महीने की शादी पर बड़ा फैसला
परिवार के नाम पर करोड़ों की संपत्ति Corruption Investigation में नए खुलासे
Corruption Investigation में यह भी सामने आया है, कि सुधीर परमार ने अपने परिवार के नाम पर कई संपत्तियां खरीदीं।
उनके भतीजे अनम को M3M में कानूनी अधिकारी के रूप में नौकरी दिलाई गई और उसकी सैलरी को असामान्य रूप से बढ़ा दिया गया। गुरुग्राम में खरीदी गई संपत्तियों की कीमत बाजार दर से काफी कम दिखाई गई। इसके अलावा परमार और उनके रिश्तेदारों ने लग्जरी गाड़ियां और पेट्रोल पंप भी खरीदे। सरकार ने अब पूरे मामले की विस्तृत Corruption Investigation के आदेश दे दिए हैं।
जनता में निराशा न्यायपालिका की साख पर असर
यह मामला केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरी न्यायिक प्रणाली की साख से जुड़ा है। लोगों का अदालतों से भरोसा तब डगमगा जाता है, जब ऐसे मामले सामने आते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है, कि अगर इस Corruption Investigation में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह देश की न्यायिक प्रणाली के लिए बड़ी चुनौती होगी। हरियाणा सरकार ने कहा है, कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सरकार का बयान निष्पक्ष Corruption Investigation सुनिश्चित
हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है, कि यह Corruption Investigation पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाएगी।
विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो को स्वतंत्र रूप से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है, कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी या जज इस तरह की गतिविधियों में शामिल होने से बचे।
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और जांच एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है।hindipatrakar किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह का समर्थन नहीं करता। अंतिम निष्कर्ष केवल Corruption Investigation पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।