Gorakhpur Fake Tata Products गोरखपुर में भरोसे का जहर नकली टाटा नमक और चायपत्ती बेचने का खुलासा, दो दुकानों से 900 से ज्यादा पैकेट जब्त
Gorakhpur Fake Tata Products खोराबार थाना क्षेत्र में नकली टाटा नमक, चायपत्ती और हार्पिक की बिक्री का खुलासा, दो दुकानों पर छापा, 900 से ज्यादा पैकेट जब्त, दुकानदारों पर कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी में केस दर्ज
Gorakhpur Fake Tata Products घर में इस्तेमाल होने वाला नमक और चाय सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत से भी सीधे जुड़े होते हैं, लेकिन गोरखपुर में सामने आए इस मामले ने आम लोगों के भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है। खोराबार थाना क्षेत्र में टाटा कंपनी के नाम पर नकली चायपत्ती, नमक और हार्पिक खुलेआम बेचे जा रहे थे। शिकायत मिलने के बाद टाटा कंपनी के जांच अधिकारी शिवम गुप्ता और खोराबार पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर इस गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में नकली टाटा नमक समेत 900 से अधिक पैकेट बरामद किए गए, जिनकी पैकिंग बिल्कुल असली उत्पादों जैसी थी।
Gorakhpur Fake Tata Products जानकारी के अनुसार, टाटा कंपनी के जांच अधिकारी शिवम गुप्ता निवासी शाहपुर, को पिछले कई दिनों से खोराबार और आसपास के इलाकों में नकली उत्पाद बिकने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शुक्रवार को उन्होंने इसकी सूचना खोराबार पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। सबसे पहले टीम जंगल सिकरी पहुंची, जहां वकील कुमार जायसवाल की दुकान ‘विकास जनरल स्टोर’ की तलाशी ली गई। दुकान के गोदाम से टाटा अग्नि चाय, टाटा प्रीमियम चाय और नकली टाटा नमक के 500 से अधिक पैकेट बरामद हुए। प्रथम दृष्टया सभी पैकेट नकली पाए गए, जिन्हें मौके पर ही सील कर पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
Gorakhpur Fake Tata Products इसके बाद टीम सूबा बाजार स्थित मंजू गुप्ता की दुकान पर पहुंची। यहां गोदाम की तलाशी के दौरान नकली हार्पिक, चाय और नकली टाटा नमक समेत 400 से अधिक पैकेट बरामद किए गए। पुलिस ने सभी नकली उत्पादों को जब्त कर खोराबार थाने के मालखाने में सुरक्षित रखवा दिया है। साथ ही कंपनी के जांच अधिकारी ने कुछ नमूने जांच के लिए संबंधित लैब भेजे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन उत्पादों में किस तरह की मिलावट की गई है, और वे मानव स्वास्थ्य के लिए कितने खतरनाक हैं।
Gorakhpur Fake Tata Products इस मामले में टाटा कंपनी के जांच अधिकारी शिवम गुप्ता की तहरीर पर खोराबार थाने में जंगल सिकरी निवासी दुकानदार वकील कुमार जायसवाल और सूबा बाजार निवासी मंजू गुप्ता के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है, कि यह केवल दो दुकानों तक सीमित मामला नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य इलाकों में भी छापेमारी की जाएगी।
Gorakhpur Fake Tata Products विशेषज्ञों के अनुसार, नकली टाटा नमक और अन्य मिलावटी खाद्य उत्पादों का सेवन सीधे तौर पर लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे नमक के उपयोग से पाचन तंत्र खराब होने, पेट की गंभीर बीमारियां, किडनी संबंधी समस्याएं और लंबे समय में हृदय रोग व कैंसर तक का खतरा बढ़ सकता है। सबसे चिंताजनक बात यह है, कि इन नकली उत्पादों की पैकिंग इतनी असली जैसी होती है, कि आम उपभोक्ता के लिए असली और नकली में फर्क कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
Gorakhpur Fake Tata Products गौरतलब है,कि गोरखपुर में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 13 नवंबर को राजघाट थाना क्षेत्र के साहबगंज मंडी में 225 किलो नकली टाटा नमक पकड़ा जा चुका है। उस समय भी पैकिंग पूरी तरह असली जैसी थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता संरक्षण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Gorakhpur Fake Tata Products एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने साफ शब्दों में कहा है,कि नकली उत्पादों की बिक्री से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई सिर्फ कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों की सेहत और विश्वास की रक्षा से जुड़ा अहम कदम है। उपभोक्ताओं को भी सलाह दी गई है कि वे किसी भी संदिग्ध पैकिंग या असामान्य कीमत वाले उत्पाद की सूचना तुरंत पुलिस या कंपनी को दें, ताकि नकली टाटा नमक जैसे खतरनाक उत्पाद बाजार से पूरी तरह खत्म किए जा सकें।
डिस्क्लेमर यह समाचार पुलिस और कंपनी जांच अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। मामला जांचाधीन है। आरोपितों को दोषी या निर्दोष ठहराने का अंतिम अधिकार न्यायालय का होगा। यह लेख केवल जनहित में सूचना देने और उपभोक्ताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से लिखा गया है।