Gorakhpur News मुख्यमंत्री के आदेश के तीन साल बाद भी नहीं मिला मालिकाना हक, जंगल सिकरी और खोराबार के लोग पहुंचे कमिश्नर के दरबार
Gorakhpur News में बड़ा मुद्दा, टाउनशिप और मेडिसिटी योजना से प्रभावित ग्रामीणों को तीन साल बाद भी नहीं मिला न्याय, कमिश्नर से लगाई गुहार
Gorakhpur News के तहत गोरखपुर से एक गंभीर प्रशासनिक मुद्दा सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री के स्पष्ट आदेशों के तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद जंगल सिकरी और खोराबार क्षेत्र के निवासियों को आज तक मालिकाना हक नहीं मिल सका। टाउनशिप और मेडिसिटी योजना से प्रभावित ग्रामीणों ने सोमवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा से मुलाकात कर अपनी पीड़ा सामने रखी और न्याय की मांग की।
निवासियों ने मंडलायुक्त को सौंपे ज्ञापन में बताया कि 15 जुलाई 2023 को एनेक्सी भवन, तारामंडल गोरखपुर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में साफ निर्देश दिए गए थे कि टाउनशिप और मेडिसिटी परियोजना के अंतर्गत आने वाले पक्के मकानों को सुरक्षित रखा जाए और उन्हें भूमि अधिग्रहण से मुक्त किया जाए। Gorakhpur News से जुड़े इस मामले में यह भी निर्देश था कि किसी भी परिवार को बेघर न किया जाए।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उस बैठक में सांसद, क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी, गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और सचिव के साथ-साथ प्रभावित गांवों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित ले-आउट में संशोधन कर पक्के मकानों को शामिल न करने, मकानों का मालिकाना हक देने और भूमि का वर्तमान सर्किल रेट पर उचित मुआवजा देने के निर्देश भी दिए थे। Gorakhpur News के अनुसार इन आदेशों के पालन के लिए 15 दिन के भीतर समाधान निकालने की बात कही गई थी।
हालांकि आदेश जारी होने के लगभग तीन साल बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। प्रभावित लोगों का कहना है कि बार-बार अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिले, लेकिन न तो मालिकाना हक दिया गया और न ही अधिग्रहण से मुक्ति मिली। Gorakhpur News में यह मामला प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बनता जा रहा है।
मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि जल्द ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा। Gorakhpur News के मुताबिक कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों की मूल भावना के अनुरूप न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रभावित निवासियों ने मांग की है,,कि उनके पक्के मकानों को तत्काल भूमि अर्जन से मुक्त किया जाए और उन्हें विधिवत मालिकाना हक प्रदान किया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त हो सके। Gorakhpur News में यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर तेजी से चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने वालों में समिति अध्यक्ष विजय नारायण मिश्रा, कमलेश राय, राजू पासवान, बृजेश राय, अविनाश तिवारी, जनमेजय जायसवाल, जयप्रकाश मिश्रा, विमलेश त्रिपाठी, बीपी सिंह, राजेंद्र सिंह, मृत्युंजय मालवीय, राजमंगल राय सहित कई अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। Gorakhpur News से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकता।
यह समाचार प्रभावित निवासियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी प्रकार का अंतिम निर्णय संबंधित सक्षम प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा। लेख का उद्देश्य जनहित में सूचना देना है।