Lucknow Fake Degree Racket का भंडाफोड़, पीएचडी होल्डर मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 15 करोड़ का फर्जी डिग्री नेटवर्क उजागर

Written by: akhtar husain

Published on:

Google News
Follow Us

 Lucknow Fake Degree Racket का बड़ा खुलासा पीएचडी होल्डर निकला मास्टरमाइंड, बिना पढ़ाई बिक रही थीं बीटेक एमबीए डिग्रियां

 Lucknow Fake Degree Racket का खुलासा, लखनऊ पुलिस ने पीएचडी होल्डर सतेंद्र समेत 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार, 1500 युवाओं को बेची गईं फर्जी डिग्रियां, 923 जाली मार्कशीट बरामद

लखनऊ में सामने आया Lucknow Fake Degree Racket सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य के साथ किया गया संगठित खेल है। जिस शिक्षा को मेहनत ईमानदारी और संघर्ष का प्रतीक माना जाता है, उसी शिक्षा को कुछ लोगों ने खुले बाजार में बेचने का धंधा बना लिया। लखनऊ पुलिस ने गोमतीनगर इलाके से एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लाखों रुपये लेकर बिना पढ़ाई बीटेक, एमबीए, बीसीए, बीबीए और एमसीए जैसी डिग्रियां बांट रहा था। इस गिरोह का सरगना कोई साधारण व्यक्ति नहीं, बल्कि खुद पीएचडी डिग्री होल्डर है, जिसने अपनी योग्यता का इस्तेमाल समाज को ठगने में किया।

Lucknow Fake Degree Racket का भंडाफोड़, पीएचडी होल्डर मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 15 करोड़ का फर्जी डिग्री नेटवर्क उजागर
Lucknow Fake Degree Racket का भंडाफोड़, पीएचडी होल्डर मास्टरमाइंड गिरफ्तार, 15 करोड़ का फर्जी डिग्री नेटवर्क उजागर

पुलिस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के नाम सतेंद्र, अखिलेश और सौरभ हैं। मुख्य आरोपी सतेंद्र पीएचडी होल्डर है,और वही पूरे Lucknow Fake Degree Racket को संचालित कर रहा था। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बीते कई वर्षों से सक्रिय था और अब तक करीब 1500 लोगों को फर्जी डिग्रियां बेच चुका है। इस अवैध कारोबार से लगभग 15 करोड़ रुपये की कमाई की गई। आरोपी युवाओं को सरकारी नौकरी निजी कंपनियों में मोटी तनख्वाह और विदेश में काम दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे।

जांच में सामने आया है,कि गिरोह कोर्स के हिसाब से रेट तय करता था। फर्जी डिग्री के लिए 25 हजार रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक वसूले जाते थे। बिना किसी परीक्षा, बिना कॉलेज गए, बिना क्लास अटेंड किए युवाओं को डिग्री देने का वादा किया जाता था। यही लालच बेरोजगार और संघर्ष कर रहे युवाओं को इस Lucknow Fake Degree Racket की ओर खींच लाता था। गोमतीनगर में बाकायदा एक सेंटर खोल रखा गया था, जहां ऑनलाइन कंप्यूटर कोर्स के नाम पर युवाओं से संपर्क किया जाता और फिर उन्हें फर्जी डिग्री का ऑफर दिया जाता।

लखनऊ पुलिस की छापेमारी में जो खुलासे हुए वे हैरान करने वाले हैं। आरोपियों के पास से 923 फर्जी मार्कशीट, 65 खाली मार्कशीट पेपर, लैपटॉप, प्रिंटर, डिजिटल डिजाइनिंग उपकरण और एक टाटा हैरियर कार बरामद की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है,कि आरोपी आधुनिक डिजिटल डिजाइनिंग और हाई क्वालिटी प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर हूबहू असली जैसी डिग्रियां और मार्कशीट तैयार करते थे। इन दस्तावेजों को देखकर आम आदमी ही नहीं, बल्कि शुरुआती स्तर पर कई संस्थान भी धोखा खा सकते थे। यही वजह है, कि Lucknow Fake Degree Racket लंबे समय तक पकड़ा नहीं जा सका।

पूछताछ में यह भी सामने आया है,कि आरोपी अलग अलग विश्वविद्यालयों के नाम, लोगो और सीरियल पैटर्न का इस्तेमाल करते थे, ताकि डिग्री पूरी तरह असली लगे। जरूरत पड़ने पर वे रिकॉर्ड में हेरफेर का भी दावा करते थे। पुलिस अब उन सभी लोगों की तलाश कर रही है, जिन्होंने इन फर्जी डिग्रियों के आधार पर सरकारी या निजी नौकरियां हासिल की हैं। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस Lucknow Fake Degree Racket से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं, और गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ेगा।

गोमतीनगर थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है, कि यह सिर्फ तीन लोगों का मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय नेटवर्क है। अन्य राज्यों से जुड़े लिंक की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है, कि किन किन संस्थानों में इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाई गई।

यह मामला समाज के लिए एक कड़ा संदेश है। बढ़ती बेरोजगारी और प्रतिस्पर्धा के बीच शॉर्टकट की तलाश युवाओं को ऐसे अपराधों की ओर धकेल रही है। लेकिन विशेषज्ञों का साफ कहना है,कि फर्जी डिग्री के सहारे मिली नौकरी ज्यादा दिन नहीं टिकती। आज देशभर में डिग्री वेरिफिकेशन की प्रक्रिया सख्त हो रही है, और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए जांच आसान हो गई है। ऐसे में Lucknow Fake Degree Racket में फंसे लोगों की मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं।

लखनऊ पुलिस ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है, कि किसी भी कोर्स, डिग्री या संस्थान से जुड़ने से पहले उसकी पूरी जांच पड़ताल करें। थोड़े से लालच में लिया गया गलत फैसला पूरे करियर और जीवन को अंधेरे में धकेल सकता है। Lucknow Fake Degree Racket का यह खुलासा न सिर्फ एक बड़ी पुलिस कार्रवाई है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था और समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है।

Disclaimer यह समाचार पुलिस द्वारा जारी जानकारी और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों पर आधारित है। जांच जारी है। कानून के तहत दोष सिद्ध होने तक सभी आरोपी निर्दोष माने जाते हैं।

इसे भी पढ़ें fake cream factory आठवीं फेल ने यूट्यूब से सीखा नकली दवाओं का धंधा, गाजियाबाद में ढाई करोड़ की fake cream factory का भंडाफोड़

akhtar husain

न्यूज़ दिल से भारत के पाठकों से अनुरोध है कि अगर आप सच्ची और अच्छी ख़बरें पढ़ना चाहते हैं तो न्यूज़ दिल से भारत को सहयोग करें ताकि निष्पक्ष पत्रकारिता करने में हमारे सामने जो बाधाये आती है हम उनको पार कर सके सच्ची और अच्छी खबरें आप तक पहुंचा सके

For Feedback - newsdilsebharat@gmail.com