Lucknow illegal colony demolition 25 बुलडोजरों की गर्जना से कांपा काकोरी, 500 बीघा में बसी बंधन सिटी और कनौजिया सिटी पूरी तरह ध्वस्त
Lucknow illegal colony demolition में LDA ने काकोरी क्षेत्र में 500 बीघा से अधिक जमीन पर बनी बंधन सिटी और कनौजिया सिटी को 25 बुलडोजरों से ध्वस्त किया। जानिए पूरा मामला और जरूरी चेतावनी।
लखनऊ में शनिवार की सुबह काकोरी इलाके में कुछ अलग ही माहौल था। जैसे ही भारी पुलिस बल के साथ लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं, लोगों को अंदाजा हो गया कि आज बड़ी कार्रवाई होने वाली है। देखते ही देखते 25 बुलडोजर और 2 पोकलैंड मशीनें चल पड़ीं और Lucknow illegal colony demolition का अब तक का सबसे बड़ा नजारा सामने आया। 500 बीघा से अधिक जमीन पर अवैध रूप से विकसित की जा रही बंधन सिटी और कनौजिया सिटी कुछ ही घंटों में मलबे में तब्दील हो गईं। यह कार्रवाई योगी सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें अवैध प्लाटिंग और अनियोजित निर्माण के लिए अब कोई नरमी नहीं छोड़ी जा रही।
लखनऊ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक, आगरा एक्सप्रेस वे के किनारे 6,580 एकड़ में प्रस्तावित वरुण विहार योजना के लिए काकोरी क्षेत्र के 12 गांवों की भूमि किसानों से अर्जित की जा रही है। इसी क्षेत्र में निजी डेवलपर्स ने नियमों को ताक पर रखकर अवैध प्लाटिंग शुरू कर दी थी। ग्राम दोना और तेजकृष्ण खेड़ा में अनीश सिंह, विपिन कुमार समेत अन्य लोगों द्वारा करीब 380 बीघा में बंधन सिटी विकसित की जा रही थी, जबकि ग्राम सकरा में सोनू कनौजिया और उनके सहयोगियों द्वारा लगभग 150 बीघा में कनौजिया सिटी बसाई जा रही थी। इन कॉलोनियों का एलडीए से कोई भी ले-आउट स्वीकृत नहीं था, इसके बावजूद सड़कों, नालियों और बाउंड्री वॉल का निर्माण कर प्लॉट बेचे जा रहे थे, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन था। यही वजह बनी इस बड़े Lucknow illegal colony demolition की।
अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में प्रवर्तन जोन-3 की टीम ने न्यायालय में वाद दायर किया था। आदेश मिलने के बाद शनिवार सुबह करीब 7 बजे कार्रवाई शुरू हुई, जो शाम 6 बजे तक लगातार चलती रही। इस दौरान कॉलोनियों के भीतर बनी सड़कें, नालियां, बिजली के खंभे, साइट ऑफिस और स्टोर तक पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए। एलडीए की टीम ने मौके पर सूचना बोर्ड भी लगाए, ताकि भविष्य में कोई यह न कह सके कि उसे जानकारी नहीं थी। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई प्रदेश में अवैध निर्माण के खिलाफ दूसरी सबसे बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले कुकरैल नदी के किनारे बसे अकबर नगर को हटाया गया था, जिसे उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई माना गया था। इस बार का Lucknow illegal colony demolition उसी सख्ती की अगली कड़ी है।
एलडीए अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है,कि यदि इसके बाद भी कोई डेवलपर अवैध रूप से प्लाटिंग या निर्माण करता पाया गया, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और कानूनी कार्रवाई और भी सख्त होगी। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि प्लॉट खरीदने से पहले यह जरूर जांच लें कि कॉलोनी का नक्शा और ले-आउट एलडीए से स्वीकृत है या नहीं। बिना मंजूरी वाली कॉलोनियों में निवेश करना न सिर्फ पैसे का नुकसान है, बल्कि भविष्य में कानूनी परेशानी का कारण भी बन सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि Lucknow illegal colony demolition जैसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे और लखनऊ में अनियोजित विकास पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा।
Disclaimer यह लेख आधिकारिक बयानों और प्रशासनिक जानकारी पर आधारित है। किसी भी संपत्ति में निवेश से पहले संबंधित प्राधिकरण से दस्तावेजों की पुष्टि अवश्य करें।
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