Muzaffarnagar Masjid Incident: चौक मदीना मस्ज़िद में मुअज्जिन से अभद्रता और मारपीट का वीडियो वॉयरल, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
Muzaffarnagar Masjid Incident में चौक मदीना मस्ज़िद के मुअज्जिन इरफ़ान से पुलिस की कथित मारपीट का वीडियो वॉयरल। धार्मिक संगठनों ने कार्रवाई की मांग की। पुलिस, अनुमति पत्र और पूरे विवाद की विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
मुज़फ़्फरनगर के Muzaffarnagar Masjid Incident ने पूरे शहर का माहौल गरमा दिया है। चौक मदीना मस्ज़िद में अज़ान के समय पुलिस और मुअज्जिन इरफ़ान के बीच हुई कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है। वीडियो वायरल होते ही धार्मिक संगठन, स्थानीय नेता और शहर के वरिष्ठ लोग मस्ज़िद पहुंचे और मुअज्जिन इरफ़ान से बातचीत की। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच की ज़रूरत को और भी मजबूती से दर्शाता है। इस Muzaffarnagar Masjid Incident ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं, और लोग इस घटना को धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं।
घटना बुधवार सुबह लगभग 6 बजे की है। मुअज्जिन इरफ़ान ने बताया कि वे मस्जिद में रोज़ की तरह अज़ान देने पहुंचे थे। उनके पास जिला प्रशासन द्वारा जारी लाउडस्पीकर की लिखित अनुमति भी मौजूद थी। उनका दावा है, कि चौकी इंचार्ज विनोद चौधरी और अन्य पुलिसकर्मियों ने उनसे न केवल बदसलूकी की, बल्कि अनुमति पत्र को फाड़कर फेंक दिया। यही नहीं, इरफ़ान का कहना है, कि उनसे धक्का मुक्की व गाली गलौज भी की गई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो को देखकर स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया और Muzaffarnagar Masjid Incident को लेकर लगातार प्रतिक्रिया आने लगी।
वीडियो के वॉयरल होते ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद, AIMIM के स्थानीय प्रतिनिधि, अन्य धार्मिक सदस्यों और क्षेत्र के कई जिम्मेदार लोगों ने मस्ज़िद जाकर इरफ़ान से घटना की जानकारी ली। उन्होंने पूरी स्थिति को बेहद संवेदनशील बताया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग की। धार्मिक संगठनों ने कहा कि अगर मुअज्जिन के पास अनुमति थी, तो पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भी Muzaffarnagar Masjid Incident को लेकर अपनी नाराज़गी जताई और इसे धार्मिक स्थलों की गरिमा से जुड़ा मुद्दा बताया।
लाउडस्पीकर को लेकर उत्तर प्रदेश में पहले से ही प्रशासनिक दिशानिर्देश लागू हैं। धार्मिक स्थल पर ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग करने के लिए अनुमति आवश्यक है। मुअज्जिन का दावा है,कि उन्होंने नियमों का पालन किया था, जिसके बाद भी उनसे बदसलूकी हुई। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है,कि यदि अनुमति पत्र मौजूद था, तो पुलिस ने उसे क्यों नज़रअंदाज़ किया इस Muzaffarnagar Masjid Incident के सामने आने के बाद प्रशासनिक प्रक्रिया और पुलिस की ज़िम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल उठ रहा है।
इधर, घटना के बाद चौक मदीना मस्जिद क्षेत्र में तनाव की स्थिति देखी गई। बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास एकत्रित होने लगे। हालांकि समुदाय के वरिष्ठ सदस्य और संगठन लगातार शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने भी इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया है,ताकि किसी प्रकार की अनहोनी न हो।
स्थानीय लोगों का कहना है,कि इस Muzaffarnagar Masjid Incident ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, लेकिन वे चाहते हैं, कि पूरा मामला कानून के दायरे में सुलझाया जाए।
अब लोग यह जानना चाहते हैं,कि इस मामले में पुलिस विभाग क्या कार्रवाई करेगा। क्या चौकी इंचार्ज विनोद चौधरी और अन्य कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी क्या मुअज्जिन इरफ़ान के दावे की जांच वीडियो और गवाहों के आधार पर की जाएगी प्रशासन की जांच रिपोर्ट ही यह तय करेगी कि इस Muzaffarnagar Masjid Incident में किसकी गलती है, और किस पर कार्रवाई होगी। फिलहाल शहर के लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली घोषणा पर टिकी हैं।
Disclaimer यह आर्टिकल उपलब्ध जानकारी, स्थानीय रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर लिखा गया है। यह किसी भी पक्ष का अंतिम निर्णय नहीं है। किसी भी अधिकारी, संगठन या व्यक्ति के विरुद्ध लगे आरोपों की सत्यता प्रशासनिक जांच के बाद ही प्रमाणित मानी जाएगी। इस आर्टिकल का उद्देश्य केवल जिम्मेदार, संतुलित और तथ्य आधारित रिपोर्ट प्रस्तुत करना है।