Naib Tehsildar File Missing Case: समाधान दिवस में फूटा फरियादी का गुस्सा, डीएम से शिकायत, प्रशासन हरकत में

Written by: akhtar husain

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Naib Tehsildar File Missing Case समाधान दिवस में फाइल गायब होने का गंभीर आरोप, डीएम की गाड़ी के सामने कूदने को तैयार हुआ फरियादी, प्रशासन में मचा हड़कंप

Naib Tehsildar File Missing Case में जखनियां तहसील समाधान दिवस के दौरान बड़ा हंगामा, फाइल गायब करने का आरोप, डीएम अविनाश कुमार से शिकायत, जमीन विवाद और कब्जे के मामलों पर सख्त निर्देश।

कभी कभी किसी इंसान का सब्र इतना टूट जाता है,कि वह सिस्टम से टकराने को मजबूर हो जाता है। जखनियां तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुछ ऐसा ही दृश्य सामने आया, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। Naib Tehsildar File Missing Case उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब भिखईपुर सादात क्षेत्र निवासी कालिका राम ने नायब तहसीलदार पर फाइल गायब करने और जानबूझकर इधर उधर करने का आरोप लगाया। उन्होंने सीधे जिलाधिकारी अविनाश कुमार के सामने अपनी पीड़ा रखी और कहा कि बार बार तहसील आने के बावजूद उनकी फाइल का कोई पता नहीं चल रहा है।

Naib Tehsildar File Missing Case: समाधान दिवस में फूटा फरियादी का गुस्सा, डीएम से शिकायत, प्रशासन हरकत में
Naib Tehsildar File Missing Case: समाधान दिवस में फूटा फरियादी का गुस्सा, डीएम से शिकायत, प्रशासन हरकत में

कालिका राम का कहना था कि यह दूसरी बार है,जब वे तहसील समाधान दिवस में आए हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला। इसी निराशा और गुस्से के कारण वे इतने आक्रोशित हो गए कि जिलाधिकारी की गाड़ी के सामने कूदने की तैयारी करने लगे। मौके पर मौजूद भुड़कुड़ा कोतवाली प्रभारी श्यामजी यादव और एसडीएम अतुल कुमार ने तत्काल हस्तक्षेप किया और स्थिति को संभालते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद मामला शांत हुआ, लेकिन Naib Tehsildar File Missing Case ने समाधान दिवस की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया।

Naib Tehsildar File Missing Case संपूर्ण समाधान दिवस में यह अकेला मामला नहीं था। जमीन विवाद और कब्जे से जुड़ी शिकायतों की भी भरमार रही। हरधनपुर गांव निवासी हरिनारायण यादव ने आरोप लगाया कि गांव के खेल मैदान पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है, जिससे बच्चों के खेलने की जगह खत्म हो गई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने एसडीएम को तत्काल कार्रवाई कर खेल मैदान को कब्जामुक्त कराने के निर्देश दिए। प्रशासनिक सख्ती का संकेत जरूर मिला, लेकिन ग्रामीणों का कहना है, कि ऐसे निर्देश पहले भी दिए जा चुके हैं।

Naib Tehsildar File Missing Case रायपुर गांव की सुनीता देवी ने समाधान दिवस में अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि पुरानी आबादी की जमीन पर विपक्षी जबरन नींव डालकर मकान बनाना चाहते हैं। विरोध करने पर मारपीट की धमकी दी जाती है। उन्होंने बताया कि यह छठवीं बार है,जब उन्होंने तहसील समाधान दिवस में शिकायत दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी तरह बल्लीपुर गांव की चनरमी देवी ने आरोप लगाया कि उनकी पट्टे की जमीन पर गांव के ही लोग कब्जा किए हुए हैं,और खेती नहीं करने दे रहे। मना करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती है। यह उनकी तीसरी शिकायत थी।

इन सभी मामलों के बीच Naib Tehsildar File Missing Case प्रशासन के लिए सबसे संवेदनशील बनकर उभरा। जखनियां तहसील में आयोजित समाधान दिवस में कुल 160 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से केवल 7 का मौके पर निस्तारण हो सका। पूरे जिले की सातों तहसीलों में कुल 405 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जबकि मात्र 38 मामलों का ही समाधान किया जा सका। ये आंकड़े साफ बताते हैं,कि फरियादियों की संख्या के मुकाबले समाधान की रफ्तार बेहद धीमी है।

जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने समाधान दिवस के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जमीन और आपसी विवादों में राजस्व व पुलिस विभाग आपसी समन्वय से काम करें। उन्होंने लेखपालों को चेतावनी देते हुए कहा कि छोटी छोटी समस्याओं के लिए लोगों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। Naib Tehsildar File Missing Case को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करने के संकेत भी दिए।

प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है, कि यदि फाइलों का डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, समयबद्ध जांच और जिम्मेदारी तय की जाए, तो ऐसे मामलों में कमी आ सकती है। आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में तहसील प्रशासन, जमीन विवाद, और सार्वजनिक शिकायत निवारण जैसी समस्याएं आम आदमी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। Naib Tehsildar File Missing Case सिर्फ एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं बल्कि उस व्यवस्था की कहानी है, जिसमें न्याय पाने के लिए आम नागरिक को अपनी आवाज ऊंची करनी पड़ती है।

समाधान दिवस का उद्देश्य जनता को त्वरित न्याय देना है, लेकिन जब फरियादी की फाइल ही गायब हो जाए, तो भरोसा डगमगाना लाजमी है। प्रशासन के लिए यह वक्त आत्ममंथन का है, ताकि समाधान दिवस केवल औपचारिकता न रह जाए, बल्कि सच में जनता की उम्मीदों पर खरा उतर सके।

Disclaimer यह समाचार उपलब्ध तथ्यों, शिकायतकर्ताओं के बयानों और प्रशासनिक जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही मानी जाएगी। लेख का उद्देश्य जनहित में सूचना देना है।

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akhtar husain

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