Nutan Thakur bail hearing देवरिया प्लाट घोटाले में बड़ा मोड़, नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत पर 23 दिसंबर को फैसला, अमिताभ ठाकुर की अर्जी पर भी सुनवाई तय
Nutan Thakur bail hearing पर 23 दिसंबर को होगी सुनवाई। देवरिया औद्योगिक क्षेत्र प्लाट घोटाले में अमिताभ ठाकुर जेल में, SIT जांच जारी।
कभी सत्ता और प्रशासनिक ताकत से जुड़ा माना जाने वाला देवरिया औद्योगिक क्षेत्र का प्लाट आवंटन मामला अब अदालत की चौखट पर है। यह सिर्फ एक जमीन का विवाद नहीं, बल्कि उस दौर की कार्यशैली पर उठते गंभीर सवालों की कहानी है। इस प्रकरण में मुख्य आरोपित नूतन ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 23 दिसंबर को सुनवाई होगी, जिस पर पूरे जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक नजरें टिकी हैं। Nutan Thakur bail hearing को लेकर कानूनी और राजनीतिक हलकों में खास चर्चा है।
शनिवार को नूतन ठाकुर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जनपद न्यायाधीश धनेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। शासकीय अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि मामले की केस डायरी, आरोपित का आपराधिक इतिहास और समस्त पुलिस अभिलेख तलब किए जाएं। अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए Nutan Thakur bail hearing के लिए 23 दिसंबर की तारीख तय कर दी।
प्रकरण का संबंध वर्ष 1999 से बताया जा रहा है। आरोप है,कि उस समय नूतन ठाकुर ने अपने पति अमिताभ ठाकुर के एसपी पद पर तैनात रहते हुए देवरिया औद्योगिक क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर प्लाट आवंटित कराया। जांच एजेंसियों का कहना है, कि इस प्रक्रिया में तथ्यों को छिपाया गया और सरकारी व्यवस्था का दुरुपयोग हुआ। यही कारण है,कि Nutan Thakur bail hearing को बेहद अहम माना जा रहा है।
इस मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की मुश्किलें पहले ही बढ़ चुकी हैं। उन्होंने अपनी दूसरी नियमित जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत में दाखिल की है, जिस पर 22 दिसंबर को सुनवाई निर्धारित है। एसआईटी ने 10 दिसंबर 2025 को अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है।
देवरिया औद्योगिक क्षेत्र प्लाट आवंटन में अनियमितता का यह मामला लखनऊ के तालकटोरा निवासी संजय शर्मा की शिकायत पर सामने आया। संजय शर्मा ने सदर कोतवाली में नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के बाद शासन स्तर पर संज्ञान लिया गया और पूरे मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी गई। SIT अब दस्तावेजों, पुराने रिकॉर्ड और तत्कालीन प्रशासनिक फैसलों की गहराई से जांच कर रही है।
कानूनी जानकारों का कहना है, कि Nutan Thakur bail hearing के दौरान कोर्ट इस बात पर खास ध्यान देगा कि आरोप कितने गंभीर हैं,और जांच किस स्तर पर पहुंची है। अग्रिम जमानत मिलने या खारिज होने का सीधा असर पूरे केस की दिशा पर पड़ेगा। वहीं, अमिताभ ठाकुर की जमानत पर फैसला भी यह तय करेगा कि आगे की जांच किस रफ्तार से चलेगी।
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यह मामला सिर्फ दो नामों तक सीमित नहीं है। यह सरकारी प्लाट आवंटन, प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है। आने वाले समय में Nutan Thakur bail hearing और एसआईटी की रिपोर्ट इस केस को एक नजीर बना सकती है। अगर आरोप साबित होते हैं, तो यह प्रदेश में पुराने मामलों की दोबारा जांच की राह खोल सकता है।
फिलहाल, देवरिया से लेकर लखनऊ तक सभी की निगाहें अदालत पर टिकी हैं। Nutan Thakur bail hearing पर 23 दिसंबर और अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर 22 दिसंबर को होने वाली सुनवाई तय करेगी कि इस बहुचर्चित प्लाट घोटाले की कहानी आगे किस मोड़ पर जाती है।
Disclaimer यह समाचार न्यायालयीन अभिलेखों, पुलिस जांच और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। सभी आरोपी कानून के अनुसार तब तक निर्दोष माने जाते हैं, जब तक अदालत द्वारा दोष सिद्ध न हो जाए। यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है।
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