Overseas Job Fraud पर सीएम योगी का कड़ा रुख, जनता दर्शन में ठग एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
गोरखपुर जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने Overseas Job Fraud पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले एजेंटों से पीड़ितों का पैसा वापस कराने का आदेश।
कभी किसी ने बेहतर भविष्य की उम्मीद में अपने परिवार के सदस्य को विदेश भेजने का सपना देखा हो, तो यह खबर सीधे दिल को छूती है। मेहनत की कमाई, भरोसा और उम्मीद इन तीनों को कुछ लोग ठगी का जरिया बना लेते हैं। गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसे ही मामलों पर बेहद सख्त और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एजेंटों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और पीड़ितों का पूरा पैसा वापस कराया जाएगा। यह फैसला Overseas Job Fraud से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।
शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 250 लोगों से मुलाकात की। जनता दर्शन में आई शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा। इसी दौरान एक महिला ने शिकायत की कि उसके परिवार के सदस्य को विदेश भेजने के नाम पर एक एजेंट ने मोटी रकम लेकर धोखा दिया। इस Overseas Job Fraud की शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों से दो टूक कहा कि ऐसे एजेंटों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ मुकदमा दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पीड़ित से ठगे गए पूरे पैसे की रिकवरी कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि Overseas Job Fraud केवल आर्थिक अपराध नहीं है, बल्कि यह लोगों के सपनों और भविष्य के साथ खिलवाड़ है। इसलिए इस तरह के मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ सख्ती दिखानी होगी।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने महिला को समझाते हुए यह भी कहा कि विदेश जाने के नाम पर फर्जी एजेंटों के झांसे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत और गैरकानूनी तरीके से विदेश जाने पर कई बार लोगों को वहां जेल तक जाना पड़ता है। ऐसे मामलों में न तो एजेंट जिम्मेदारी लेते हैं,और न ही पीड़ित को कोई मदद मिलती है। इस बयान के जरिए मुख्यमंत्री ने Overseas Job Fraud के खतरों को भी सामने रखा और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
पुलिस से जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पीड़ितों की मदद में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में अगर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई तय है। यह स्पष्ट संदेश था कि Overseas Job Fraud समेत हर अपराध में जवाबदेही तय की जाएगी।
जनता दर्शन के दौरान इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने वाले लोग भी पहुंचे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अस्पताल के एस्टीमेट की प्रक्रिया जल्द पूरी कर शासन को भेजी जाए ताकि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जा सके। यह पहल बताती है, कि सरकार न सिर्फ कानून व्यवस्था पर ध्यान दे रही है, बल्कि मानवीय पक्ष को भी प्राथमिकता दे रही है। ऐसे मामलों में त्वरित सहायता लोगों का भरोसा मजबूत करती है।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों से भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों को स्कूल जाने के लिए प्रेरित किया और उन्हें चॉकलेट देकर स्नेह जताया। जनता दर्शन का यह दृश्य दिखाता है कि यह कार्यक्रम केवल शिकायत सुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास का सेतु भी है। Overseas Job Fraud जैसे गंभीर मामलों पर सख्ती और आम नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता दोनों का संतुलन इस जनता दर्शन में साफ नजर आया।
प्रदेश में पहले भी Overseas Job Fraud के कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां फर्जी एजेंटों ने लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। मुख्यमंत्री के इस ताजा निर्देश के बाद उम्मीद की जा रही है कि ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाएंगे। यह कार्रवाई न केवल मौजूदा पीड़ितों को राहत देगी बल्कि भविष्य में ठगी करने वालों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगी। कुल मिलाकर, जनता दर्शन में दिया गया यह निर्देश साफ करता है कि सरकार Overseas Job Fraud के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
Disclaimer यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और प्रशासनिक बयानों पर आधारित है। इसका उद्देश्य सूचना और जागरूकता प्रदान करना है। किसी व्यक्ति या एजेंट का नाम सामने न होने के कारण लेख में किसी को व्यक्तिगत रूप से दोषी नहीं ठहराया गया है।