PM Awas Yojana Fraud गोरखपुर में GDA कर्मचारी बन पीएम आवास दिलाने के नाम पर एक लाख की ठगी, फर्जी आवंटन पत्र थमाया
PM Awas Yojana Fraud गोरखपुर में जीडीए कर्मचारी बनकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर दिलाने का झांसा देकर एक लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। गोरखनाथ थाने में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
गोरखपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने खुद को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) का कर्मचारी बताकर गरीब परिवार को घर दिलाने का झांसा दिया। इस PM Awas Yojana Fraud में पीड़ित से एक लाख रुपये ऐंठ लिए गए और बाद में उसे फर्जी आवंटन पत्र थमा दिया गया।
यह मामला गोरखनाथ थाना क्षेत्र का है। वार्ड नंबर 55 रसूलपुर निवासी असगर अली ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि मोहरीपुर में रहने वाले विजय प्रताप ने खुद को जीडीए का कर्मचारी बताया था। आरोपी ने मानबेला क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले ढाई लाख रुपये की मांग की। आरोपी की बातों पर भरोसा कर असगर अली इस PM Awas Yojana Fraud का शिकार हो गया।
पीड़ित के अनुसार, उसने अपने साले के माध्यम से अलग अलग तिथियों में एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने जीडीए उपाध्यक्ष के नाम से जारी किया गया एक फर्जी अलॉटमेंट लेटर थमा दिया और दावा किया कि आवास आवंटन की पूरी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है,तथा जल्द ही कब्जा भी मिल जाएगा। यह पूरा घटनाक्रम PM Awas Yojana Fraud की सुनियोजित साजिश की ओर इशारा करता है।
इतना ही नहीं, आरोपी ने यह भी कहा कि ली गई रकम का एक हिस्सा जीडीए वीसी तक पहुंचाया जाएगा, जिससे आवास की फाइल तेजी से आगे बढ़ेगी। कुछ दिन बीतने के बाद जब असगर अली ने आवास को लेकर जानकारी लेनी चाही तो आरोपी टालमटोल करने लगा। लगातार पूछने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला, जिससे पीड़ित को ठगी का शक हुआ और उसने PM Awas Yojana Fraud की शिकायत करने का फैसला किया।
पीड़ित का आरोप है, कि जब उसने सख्ती से अपने पैसे और आवास के बारे में सवाल किया तो आरोपी गाली गलौज पर उतर आया और जान से मारने की धमकी देने लगा। इसके बाद असगर अली ने गोरखनाथ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। यह मामला PM Awas Yojana Fraud के बढ़ते मामलों की एक और कड़ी माना जा रहा है।
सीओ गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है, और जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है, कि सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई और व्यक्ति PM Awas Yojana Fraud का शिकार न हो।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है, कि सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले किस तरह आम लोगों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है, कि किसी भी योजना के नाम पर पैसे की मांग होने पर पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूरी है, ताकि लोग PM Awas Yojana Fraud जैसे मामलों से बच सकें।
Disclaimer
यह समाचार पीड़ित की तहरीर, पुलिस जानकारी और उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है। मामला जांचाधीन है। आरोपी को दोषी या निर्दोष ठहराने का अधिकार न्यायालय को है। किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने का उद्देश्य नहीं है।