पर्सनल लॉ बोर्ड की बड़ी पहल: रीजीजू से मुलाकात में Umeed Portal Issue उठाया, वक्फ संपत्तियों की समयसीमा बढ़ाने की मांग तेज
Umeed Portal Issue पर पर्सनल लॉ बोर्ड और सांसदों ने किरेन रीजीजू से मुलाकात की। वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में आ रही तकनीकी दिक्कतें, समयसीमा बढ़ाने की मांग और पूरी बैठक का विस्तृत विवरण।
मुलाकात का पूरा विवरण मंत्री के सामने खुलकर रखी गई समस्याएँ
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से मिला, जिसमें वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण से जुड़े Umeed Portal Issue को प्रमुख रूप से उठाया गया।
इस मुलाकात में AIMPLB के पदाधिकारी, सांसद असदुद्दीन ओवैसी कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद और सांसद चंद्रशेखर भी शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को अपलोड करने के दौरान लगातार तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया धीमी हो गई है।
लाखों फाइलों को अपलोड करने में समय लग रहा है, जबकि सरकार ने केवल छह महीने की समयसीमा दी है। यही वजह है, कि सभी ने मिलकर इस प्रक्रिया को एक साल तक बढ़ाने की मांग की। रीजीजू ने आश्वासन दिया कि मंत्रालय इन समस्याओं पर गंभीरता से काम करेगा और Umeed Portal Issue से जुड़ी सभी तकनीकी त्रुटियों को दूर किया जाएगा।
वक्फ बोर्डों की स्थिति क्यों बढ़ रही है परेशानी
AIMPLB ने साफ कहा कि छह महीने की समयसीमा व्यावहारिक रूप से असंभव है, क्योंकि देशभर में लाखों वक्फ संपत्तियाँ हैं, और ज्यादातर रिकॉर्ड अभी भी फिजिकल फाइलों में पड़े हुए हैं। पंजाब वक्फ बोर्ड, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड, गुजरात वक्फ बोर्ड और राजस्थान वक्फ बोर्ड ने भी न्यायाधिकरण से समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी।
न्यायाधिकरण ने उनकी बात को सही मानते हुए समय बढ़ाया यह बात साबित करती है,कि राज्य स्तरीय संस्थाएँ भी Umeed Portal Issue का सामना कर रही हैं,तकनीकी समस्याओं के कारण कई बार दस्तावेज़ अपलोड नहीं हो पा रहे, लोकेशन मैपिंग में त्रुटियाँ आ रही हैं और लॉग इन समस्याएँ भी लगातार रिपोर्ट हो रही हैं। यही कारण है, कि वक्फ बोर्डों ने केंद्र से एक साल का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है, ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके।
मंत्री रीजीजू की प्रतिक्रिया समाधान के संकेत मिले
किरन रीजीजू ने एक्स (Twitter) पर पोस्ट कर बताया कि उनकी टीम ने प्रतिनिधिमंडल के साथ ‘सकारात्मक बात चीत’ की और Umeed Portal Issue से जुड़े सभी पहलुओं को समझा। मंत्री ने भरोसा दिया कि तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर किया जाएगा ताकि वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण बिना बाधा के पूरा हो सके।
कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि उन्होंने मंत्री को विस्तार से बताया कि अभी तक लाखों संपत्तियों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है, क्योंकि पोर्टल बार बार त्रुटि दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल पंजीकरण से जुड़ा नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और भविष्य से भी संबंधित है।
आगे क्या पोर्टल पर सुधार और समयसीमा बढ़ने की संभावना
सरकारी सूत्रों का कहना है, कि मंत्रालय इस पूरे मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है। अगर सबकुछ योजना के अनुसार चलता है, तो
समयसीमा एक साल तक बढ़ सकती है,पोर्टल का तकनीकी ढाँचा मजबूत किया जा सकता है,
Vakalatnama, Maps और Property Papers अपलोड की प्रक्रिया सरल की जा सकती है,वक्फ बोर्डों को अतिरिक्त डिजिटल सहायता टीम उपलब्ध कराई जा सकती है
उम्मीद है,कि जल्द ही Umeed Portal Issue को हल करने के लिए एक बड़ा तकनीकी अपडेट जारी किया जाएगा, जिससे वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण और पारदर्शी प्रबंधन संभव हो सकेगा। इससे राष्ट्रीय स्तर पर वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उनकी मॉनिटरिंग पहले से अधिक आसान हो जाएगी।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों, आधिकारिक वक्तव्यों और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। किसी भी कानूनी या प्रशासनिक निर्णय से पहले आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता दें।